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बरेली के प्राइमरी स्कूल में नौ साल से शिक्षिका की नौकरी कर रही थी पाकिस्तानी महिला, जांच में भंडाफोड़ होने पर मचा हड़कंप

एफआईआर दर्ज, सस्पेंड, फतेहगंज पश्चिमी विकास क्षेत्र के गांव माधोपुर का है सनसनीखेज मामला

एफएनएन ब्यूरो, बरेली। उत्तर प्रदेश के बरेली जनपद में एक पाकिस्तानी महिला ने नौ साल पहले फर्जी दस्तावेजों के आधार पर न सिर्फ बेसिक शिक्षा विभाग में सहायक अध्यापिका पद पर नौकरी हथिया ली बल्कि पुलिस, प्रशासन, विभाग और खुफिया तंत्र की आंखों में धूल झोंकते हुए 7  अप्रैल 2015 को नियुक्ति के बाद इतने लंबे अरसे से बेखटके नौकरी भी करती आ रही थी। एसडीएम सदर रामपुर की गोपनीय प्रशासनिक जांच में बहुत बड़े और हैरतअंगेज फर्जीवाड़े का खुलासा होने पर अब संबंधित सारे अफसर बगलें झांक रहे हैं। जांच में पाकिस्तानी नागरिक सिद्ध होने के बाद फर्जी शिक्षिका को फिलहाल तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है और गंभीर धाराओं में भी मुकदमा दर्ज कराया गया है।

फर्जी दस्तावेजों से शिक्षिका बनकर नौ साल से नौकरी कर रही थी पाकिस्तानी महिला शुमायला खान, एफआईआर दर्ज, निलंबित भी हुई

सनसनीखेज प्रकरण बरेली जिले के फतेहगंज पश्चिमी विकास क्षेत्र के माधौपुर प्राथमिक विद्यालय का है। फतेहगंज पश्चिमी के खंड शिक्षा अधिकारी ने स्थानीय थाने में आरोपी शिक्षिका के विरुद्ध एफआईआर लिखवाई है। तहरीर में उन्होंने बताया है कि मूलत: पाकिस्तानी नागरिक शुमायला खान पुत्री एस.ए. खान, निवासी बीजतोड़ी टोला, रामपुर ने कूटरचित प्रमाण पत्रों का उपयोग कर सहायक अध्यापिका के पद पर नियुक्ति प्राप्त की थी। यह मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन रामपुर ने तुरंत आवश्यक विधिक कार्रवाई की।

एसडीएम सदर रामपुर की जांच में हुए बड़े खुलासे

  1. फर्जी पाया गया स्थायी निवास प्रमाणपत्र:
  2. तहसीलदार सदर, रामपुर ने रिपोर्ट दी कि शुमायला ने फर्जी निवास प्रमाणपत्र बनवाकर नौकरी पाई।
  3. एसडीएम रामपुर सदर की जांच से हुआ चौंकाने वाला खुलासा
  4. उपजिलाधिकारी रामपुर सदर कार्यालय की जांच में शुमायला को पाकिस्तानी नागरिक पाया गया। उन्होंने अपनी असली पहचान छिपाकर भारतीय नागरिकता का झूठा दावा किया।
  5. बीईओ ने पाकिस्तानी महिला पर कराई एफआईआर
  6. खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) भानुशंकर गंगवार ने  बताया, “शुमायला खान मूलत: पाकिस्तानी नागरिक है। नौ साल पहले उसने कूटरचित दस्तावेजों का सहारा लेकर बेसिक शिक्षा विभाग में सहायक अध्यापिका की नौकरी हथियाई थी। सच्चाई सामने आने पर फिलहाल उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही उसकी बर्खास्तगी और नौ साल के वेतन की उसकी चल-अचल संपत्तियों से ब्याज समेत रिकवरी की भी विभागीय उच्चाधिकारियों से संस्तुति की गई है। साथ ही गंभीर धाराओं में एफआईआर भी दर्ज कराई गई है।”

एसपी उत्तरी ने भी की फर्जी दस्तावेजों से नौकरी हथियाने की पुष्टि
एसपी बरेली उत्तरी मुकेश मिश्रा ने भी माना कि जांच में शुमायला खान द्वारा फर्जी दस्तावेजों का उपयोग करने की पुष्टि हुई है। उनके खिलाफ आईपीसी की धारा 420 (धोखाधड़ी), 468 (जालसाजी), और 471 (फर्जी दस्तावेजों का उपयोग) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस शुमायला की गिरफ्तारी की कोशिश में भी जुटी है।

विशेषज्ञ मान रहे समूचे राष्ट्रीय सुरक्षा तंत्र की बड़ी चूक

विशेषज्ञों का कहना है कि यह मामला केवल दस्तावेजी फर्जीवाड़े का ही नहीं है, बल्कि समूचे राष्ट्रीय सुरक्षातंत्र की बहुत बड़ी चूक है। साथ  निकट भविष्य के बड़े खतरों का साफ संकेत भी है। यदि कोई पाकिस्तानी नागरिक फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से सरकारी नौकरी हासिल कर सकता है, तो यह स्पष्ट रूप से समूचे राष्ट्रीय सुरक्षा तंत्र की गंभीर चूक और खामी को ही उजागर करता है।

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