माहिरा खान ने 22 जनवरी 1992 को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बेसिक शिक्षा विभाग में सहायक अध्यापिका के रूप में नौकरी हासिल की थी। लेकिन उसकी काली सच्चाई जल्द ही सबके सामने आ गई थी कि उसने गलत दस्तावेजों के जरिए सहायक अध्यापिका पद पर पोस्टिंग पाई थी। बाद में उसे भी बर्खास्त कर दिया गया था।
वादिनी का आरोप है कि उसने अपने पति के विरुद्ध शिकायत में पंचायती सुलहनामे की प्रति विवेचक नितिन कुमार को देकर मामले को बगैर कार्रवाई निस्तारित करने की मांग की लेकिन प्रषिक्षु दारोगा और भी रिॆश्वत ऐंठने के चक्कर में सुलह के महत्त्वपूर्ण तथ्य को अंगूठा दिखाते हुए कानूनन खत्म हो चुके इस केस में भी मनमाने ढंग से चार्जशीट लगाकर अपने दफ्तर में जमा करवा दी।
एफएनएन ब्यूरो, मुरादाबाद-उप्र। ठाकुरद्वारा कोतवाली के तरफ दलपत गांव में अपनी ही ट्रैक्टर ट्रॉली तले दबकर युवक की मौत के बाद बवाल के मामले में प्रथम दृष्ट्या जांच में छह पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग्ध मिली है। एसएसपी ने थाना प्रभारी समेत सात पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया है। डीआईजी मुनिराज जी ने भी पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
एफएनएन ब्यूरो, बरेली। सात लाख रुपये रिश्वत की रकम बरामदगी मामले में फरार चल रहे फरीदपुर कोतवाली के निलंबित इंस्पेक्टर रामसेवक को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिल गई है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने निलंबित इंस्पेक्टर रामसेवक को 60 दिनों के भीतर जिला एवं सत्र न्यायालय में आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया है।
एफएनएन ब्यूरो, बरेली। तेजतर्रार वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने पुलिस को आमजन के प्रति उत्तरदायी बनाने के मक़सद से वुधवार देर रात अपने सख्त एक्शन की गाज़ दो लापरवाह पुलिस अफसरों पर गिराई है। इस बार एसएसपी के प्रकोप का शिकार बने हैं आंवला के इंस्पेक्टर (क्राइम) देवेन्द्र सिंह और प्रेम नगर थाने के उप निरीक्षक कृपाल सिंह। इन दोनों को एसएसपी ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
एफएनएन, रुद्रपुर-उत्तराखंड। एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने पत्नी से मारपीट के मामले में दिनेशपुर थाने में तैनात सिपाही को निलंबित कर दिया है। उन्होंने आरोपी सिपाही के खिलाफ विस्तृत विभागीय जांच के आदेश भी दिए हैं।
एफएनएन ब्यूरो, बरेली। सात लाख रुपये रिश्वत लेकर दो स्मैक तस्करों को छोड़ देने के संगीन इल्ज़ाम में निलंबित हो चुके फरीदपुर कोतवाल रामसेवक के खिलाफ सरकारी पिस्टल और कारतूसों की मैगजीन चोरी का एक और मुकदमा फरीदपुर कोतवाली में दर्ज कराया गया है।
एफएनएन ब्यूरो, बरेली। बरेली-पीलीभीत-सितारगंज नेशनल हाईवे के फोरलेन निर्माण और बरेली शहर में निर्माणाधीन रिंग रोड के लिए अधिग्रहीत की गई जमीन पर दस्तावेजों में फर्जी भवन दिखाकर 50 करोड़ रुपये का बंदरबांट कर लिया गया। बड़े घोटाले का भंडाफोड़ होने पर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के चेयरमैन संतोष यादव द्वारा घोटाले में प्रथम दृष्ट्या संलिप्तता मिलने पर बरेली खंड के तत्कालीन परियोजना निदेशक (पीडी) बीपी पाठक और पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी संभालने वाले लखनऊ के क्षेत्रीय अधिकारी (आरओ) संजीव कुमार शर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही इस पूरे प्रकरण की ईओडब्ल्यू, एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) या स्टेट विजिलेंस से जांच कराने के लिए यूपी के मुख्य सचिव को पत्र भी भेजा गया है।
एफएनएन ब्यूरो, बरेली। कोतवाली फरीदपुर के सस्पेंडेड इंस्पेक्टर रामसेवक की संपत्ति की जांच के वास्ते एसएसपी ने शासन को रिपोर्ट भेजी है। रिपोर्ट में राम सेवक द्वारा तैनाती के दौरान रिश्वत की रकम से लखनऊ और अपने गांव में करोड़ों रुपये की संपत्ति बना लेने की बात कही गई है। इंस्पेक्टर के सहयोगी दरोगा और सिपाहियों का नाम भी भ्रष्टाचार के मुकदमे में खोला जा रहा है।