एफएनएन, उत्तरकाशी : Yamunotri Yamuna चारधाम यात्रा के दौरान यमुनोत्री धाम में श्रद्धालुओं की आस्था अब पर्यावरण के लिए चिंता का विषय बनती जा रही है। श्रद्धालु मां यमुना को प्रसन्न करने के लिए नदी में रंग-बिरंगे अंग-वस्त्र और कपड़े अर्पित कर रहे हैं, जिससे यमुना नदी अपने उद्गम स्थल से ही प्रदूषण की मार झेल रही है।
धाम क्षेत्र में नदी किनारों पर बड़ी मात्रा में कपड़े और अन्य सामग्री जमा हो रही है। इससे न केवल यमुना नदी की स्वच्छता प्रभावित हो रही है, बल्कि पर्यावरण पर भी गंभीर खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय लोगों और तीर्थ पुरोहितों का कहना है कि श्रद्धालु मंदिर में चढ़ावा देने के बजाय सीधे नदी में वस्त्र और सामग्री प्रवाहित कर रहे हैं, जो बाद में कचरे के रूप में तटों पर जमा हो जाती है।
यमुनोत्री मंदिर समिति से जुड़े पुरोहितों और पर्यावरण प्रेमियों ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अपनी आस्था को स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण से जोड़ें। उनका कहना है कि यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगी तो मां यमुना की निर्मल और अविरल धारा को बचाना मुश्किल हो जाएगा।
वहीं, यमुनोत्री मंदिर समिति के अध्यक्ष एवं एसडीएम बृजेश कुमार तिवारी ने कहा कि यह परंपरा श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ी हुई है, लेकिन इसके दुष्प्रभाव को देखते हुए जिला पंचायत और संबंधित विभागों के साथ मिलकर स्वच्छता बनाए रखने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।







