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पाकिस्तान को 50 फीसदी डिस्काउंट पर J-35A स्टील्थ लड़ाकू विमान देगा चीन, अगस्त में डिलीवरी

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एफएनएन, इस्लामाबाद: ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सिर्फ 90 मिनट में भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के 12 से ज्यादा एयरबेस तबाह कर दिए थे। पाकिस्तान भले ही जीत का ढिंढोरा पीट रहा हो, लेकिन हकीकत ये है कि पाकिस्तानइस छोटी लड़ाई में भारत के सामने टिक नहीं पाया। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान चीन को पता चल गया कि पाकिस्तान कितने पानी में है। लिहाजा अब चीन ने पाकिस्तान एयरफोर्स को मजबूत करने के लिए उसके बेड़े को J-35A स्टील्थ फाइटर से मजबूत करने का फैसला किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक चीन इसी साल अगस्त महीने में पाकिस्तान को J-35A स्टील्थ फाइटर का पहला बेड़ा सौंप सकता है। जाहिर तौर पर भारत के लिए ये एक बड़ा खतरा होगा, क्योंकि भारत के पास अभी तक कोई स्टील्थ फाइटर जेट नहीं है। भारत के पास एडवांस फाइटर जेट में सिर्फ राफेल है, जिसकी संख्या भी सिर्फ 36 है।

न्यूज-18 की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चीन, पाकिस्तान को 50 प्रतिशत डिस्काउंट पर J-35A स्टील्थ फाइटर सौंप सकता है। लिहाजा इस सौदे से चीन के मकसद के बारे में पता चलता है। इसके अलावा इस संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता है कि आने वाले वक्त में पाकिस्तान एक बार फिर से चीन के इशारे पर भारत के साथ युद्ध के हालात बना सकता है, जिसमें वो J-35A स्टील्थ फाइटर का असली युद्ध के वातावरण में टेस्ट कर सकता है। पाकिस्तान ने चीन से 40 जे-35 स्टील्थ खरीदने के लिए सौदा किया था। हालांकि पाकिस्तान कितने रुपये में इन फाइटर जेट्स को खरीदने वाला है, इसकी पुख्ता जानकारी नहीं है।

J-35A स्टील्थ फाइटर की क्षमताएं क्या हैं?
चीन अगर अगस्त महीने में J-35A स्टील्थ फाइटर का पहला बेड़ा पाकिस्तान को सौंपता है तो इसका मतलब इंडो-पैसिफिक में शक्ति के संतुलन को बदलने की कोशिश होगी और भारत पर जल्द से जल्द पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान को खरीदने का प्रेशर काफी ज्यादा बढ़ जाएगा। लिहाजा सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या यह डील चीन-पाकिस्तान गठजोड़ का एक और मोड़ है, जो भारत को सामरिक रूप से घेरने की कोशिश कर रहा है? J-35 लड़ाकू विमान को चीन में FC-31 या Shen Fei भी कहा जाता है। ये चीन का नेक्स्ट जेनरेशन लड़ाकू विमान है, जिसे उसने अमेरिकी स्टील्थ फाइटर जेट F-35 को टक्कर देने के मकसद से विकसित किया है। J-35A स्टील्थ फाइटर में…

  • स्टील्थ डिजाइन: रडार को चकमा देने की क्षमता
  • सुपरक्रूज: बिना आफ्टरबर्नर के सुपरसोनिक स्पीड
  • इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सूट: एडवांस सेंसर
  • दो इंजन वाला प्लेटफॉर्म: J-20 की तरह ही लंबी रेंज और हाई पेलोड
  • डिजिटल कॉकपिट: ऑगमेंटेड रियलिटी आधारित फ्यूजन डिस्प्ले जैसी क्षमताएं हैं।

सबसे बड़ी खासियत स्टील्थ और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर क्षमता है। इसमें कोई शक नहीं है कि अगर पाकिस्तान को चीनी स्टील्थ फाइटर जेट मिलता है कि उसकी एयरफोर्स के लिए एक क्रांतिकारी छलांग होगी। कम से कम टेक्नोलॉजी और एडवांस फाइटर जेट के फ्रंट पर वो भारत के खिलाफ बढ़त हासिल कर लेगा। भारतीय राफेल फाइटर जेट को 4.5 फाइटर जेट माना जाता है, जिसमें स्टील्थ क्षमता का अभाव है। लिहाजा सवाल उठ रहे हैं कि आखिर चीन, पाकिस्तान को 50 प्रतिशत डिस्काउंट पर ये स्टील्थ फाइटर जेट क्यों देगा? इसके पीछे चीन और पाकिस्तान की कई संभावित रणनीतियां हो सकती हैं। जैसे-

  • भारत को सैन्य रूप से घेरना: पाकिस्तान के कंधे पर बंदूक रखकर चीन, भारत को सैन्य रूप से घेरना चाहता है। ऐसा करने से भारत को मजबूरन पाकिस्तान फ्रंट पर फंसे रहना होगा और चीन को भारत के खिलाफ मजबूत सैन्य रणनीति बनाने का मौका मिल जाएगा।
  • J-35A का लाइव ऑपरेशनल डेटा: पाकिस्तान जैसे देश में J-35A का इस्तेमाल चीन को इसके रीयल-वर्ल्ड प्रदर्शन का डाटा देगा। यानि बिना युद्ध में जाए चीन को इस फाइटर जेट के रियल परफॉर्मेंस के बारे में पता चल पाएगा
  • J-35A को बेचने की चाहत: दुनिया में अभी सिर्फ अमेरिका, रूस और चीन के पास ही स्टील्थ फाइटर जेट हैं। तुर्की अभी KAAN नाम से स्टील्थ जेट बना रहा है। लिहाजा स्टील्थ फाइटर जेट खरीदने वाले देशों पर चीन की नजर है। ये प्रतियोगिता काफी दिलचस्प है, क्योंकि अमेरिकी शर्तों की वजह से कई देश एफ-35 नहीं खरीदना चाहते, जबकि रूस एसयू-57 का जल्द प्रोडक्शन करने में संघर्ष कर रहा है। तुर्की को अभी KAAN को ऑपरेशन करने में कुछ साल और लगेंगे, ऐसे में चीन अपने लिए एक बड़ा मौका देख रहा है।
  • पाकिस्तान की आर्थिक अस्थिरता का लाभ: पाकिस्तान इस समय गंभीर आर्थिक संकट में है। उसे मजबूती देने के लिए यह “सब्सिडी वाला” सौदा चीन के लिए स्ट्रैटजिक निवेश है।

पाकिस्तान को अगर J-35A मिल जाते हैं तो भारत को हर हाल में रूस या अमेरिका से स्टील्थ फाइटर जेट खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है। जिसके लिए भारत को तत्काल भारी भरकम पैसे खर्च करने होंगे। जिससे भारत बचता रहा है, क्योंकि एक तो भारत खुद को फिफ्थ जेनरेशन फाइटर जेट प्रोजेक्ट AMCA पर काम कर रहा है और दूसरी बात ये कि भारत एक विशाल देश है, जिसकी आबादी 140 करोड़ से ज्यादा है, ऐसे में कई अरब के डिफेंस डील करने का मतलब दूसरी परियोजना में पैसे कम करना होगा।

क्या पाकिस्तान J-35A को ऑपरेट कर सकता है?

  • पाकिस्तान को J-35A स्टील्थ फाइटर जेट टेक्नोलॉजी के स्तर पर बहुत बड़ा एडवांटेज देगा। लेकिन सवाल ये हैं कि क्या पाकिस्तान इसे ऑपरेशनल बना सकता है?
  • पाकिस्तान के लिए J-35A के लॉजिस्टिक और मेंटिनेंस को बनाए रखना बहुत मुश्किल चुनौती होगी। उसके पास इतने पैसे नहीं हैं। लेकिन फिर भी चीन अगर बेच रहा है, तो इसका मतलब यही समझा जाए कि पाकिस्तान में चीन की वायुसेना ऑपरेट होगी।
  • पाकिस्तान की स्थिति ऐसी है ही नहीं कि वो फिफ्थ जेनरेशन फाइटर जेट के बेड़े को ऑपरेट कर सके। इसके अलावा स्टील्थ फाइटर जेट के लिए अलग तरह की पायलट ट्रेनिंग और डॉक्ट्रिन की जरूरत होती है, तो क्या पाकिस्तान अपने बर्बाद आर्थिक हालात में ऐसा कर पाएगा?

इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक इंटीग्रेशन भी बहुत बड़ी चुनौती होगी। क्या पाकिस्तान एयरफोर्स का इन्फ्रास्ट्रक्चर ऐसा है कि वो स्टील्थ फाइटर जेट को इंटीग्रेट कर सके। भारत के साथ जंग के दौरान साफ हो गया कि उसके एयर डिफेंस काफी खराब है, रडार बेदम है, तो क्या उसके पास इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए पैसे होंगे? ऐसा नहीं है कि चीन इन बातों को नहीं जानता है, फिर भी अगर पाकिस्तान को स्टील्थ फाइटर जेट दे रहा है, तो पीछे का मकसद समझना काफी आसान है।

पाकिस्तान के पास J-35A, भारत के लिए कितनी बड़ी चुनौती?
चीन से पाकिस्तान को एडवांस फाइटर जेट मिलना भारत के लिए चुनौती की बात तो जरूर है, लेकिन घबराने वाली स्थिति नहीं है। सबसे पहली बात तो ये कि J-35A में इस्तेमाल होने वाला इंजन फिफ्थ जेनरेशन नहीं है। चीन अभी तक फिफ्थ जेनरेशन इंजन नहीं बना पाया है। हालांकि उसने भारी भरकम निवेश किए हुए हैं, फिर भी अमेरिका के अलावा किसी के पास एडवांस स्टिल्थ फाइटर जेट इंजन नहीं है। लिहाजा J-35A की क्षमता सीमित होगी।

रडार और डिटेक्शन टेक्नोलॉजी- भारत के लिए DRDO ने स्वदेशी उत्तम AESA रडार बनाए हैं, जिसे स्टील्थ एयरक्राफ्ट को डिटेक्ट करने के लिए डिजाइन किया गया है। इसके अलावा भारत के पास एस-400 सिस्टम और लॉंग रेंज रडार सिस्टम हैं, जिसके जरिए अभी भी भारत स्टील्थ फाइटर जेट्स को डिटेक्ट कर सकता है।
स्टील्थ फाइटर खरीदने का विकल्प: भारत ने अपने फिफ्थ जेनरेशन प्रोजेक्ट AMCA की वजह से स्टील्थ फाइटर जेट नहीं खरीदे हैं। अगर जरूरत हुई तो अमेरिका और रूस, दोनों भारत को स्टील्थ फाइटर बेचने के लिए तैयार है।

लिहाजा चीन की तरफ से पाकिस्तान को J-35A फाइटर जेट का दिए जाने से भारत को घबराने की जरूरत कतई नहीं है, हां ये डील भारत के डिफेंस, स्ट्रैटजी और डिप्लोमेसी के लिए एक नई परीक्षा जरूर है। भारत को अपनी एयर फोर्स क्षमता को अपग्रेड करना होगा और निश्चित तौर पर सरकार और भारतीय वायुसेना ऐसा कर रही होगी।

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