03
Gemini_Generated_Image_yb399pyb399pyb39
WhatsApp Image 2026-08-14 at 9.45.28 AM
previous arrow
next arrow
Shadow

सुरंग में फंसी मां की जान, बेटे के इंतजार में दिन-रात बेचैन, दोहरी मुसीबत में परिजन

Spread the love

एफएनएन, लखीमपुर खीरी : लखीमपुर खीरी के गांव भैरमपुर के मंजीत के परिजन दोहरी मुसीबत में है। एक तो परिवार का भरण-पोषण करने वाला मंजीत यहां से कोसों दूर उत्तरकाशी की एक सुरंग में जिंदगी के लिए संघर्ष कर रहा है, वहीं दूसरी ओर परिवार का आर्थिक संकट बढ़ रहा है। घर में जो कुछ भी है, उससे बनने वाले खाने का निवाला उनके गले के नीचे नहीं उतर रहा है। मंजीत की कुशलता की खबर तो उन्हें मिल रही है लेकिन उसकी चिंता में मां को रात में नींद नहीं आ रही है।

बेलराया से पांच किलोमीटर की दूरी पर जंगल के किनारे बसे गांव भैरमपुर में मंजीत का परिवार रहता है। जहां उसकी मां, दो बहनें और बूढे दादा हैं। इन्हीं के भरण पोषण के लिए मंजीत उत्तरकाशी मजदूरी करने गया था। मां चौधराइन ने कहा था कि दिवाली पर चले आना, लेकिन वह मजबूरी वश नहीं आ सका। घटना के दूसरे दिन मंजीत के पिता चौधरी उत्तरकाशी रवाना हो गए थे। उनके पास मोबाइल भी नहीं है। दूसरों से मोबाइल लेकर बात करते हैं। परिवार वालों ने बताया कि शनिवार को उनका फोन आया था। बताया कि बेटा मंजीत ठीक है। एक-दो दिन में निकल आएंगे।

परिजनों ने बताया कि 13 दिन बीत गए हैं। उम्मीद टूटने लगी है। बचाव कार्य में लगी मशीनें जब रुक जाती हैं, तो ऐसा लगता है कि जिंदगी रुक गई है। सारी उम्मीद अब मशीनों से रह गई है। यही प्रार्थना है कि मशीन चले तो रुके नहीं। उधर, बाबा बिंद्रा प्रसाद बताते हैं क्या करें, हम लोग कहां जाएं। एसडीएम साहब रात आठ बजे आए थे। राशन और आश्वासन दे गए हैं।

रुद्रपुर में निकला भव्य नगर कीर्तन, ‘ बोले सो निहाल ‘ से गूंज उठा शहर

‘आखिर कब सुरंग से निकलेगा बेटा’

शुक्रवार रात एसडीएम अश्विनी कुमार सिंह मंजीत के घर पहुंचे और परिवार को ढांढस बंधाया। इस दौरान मंजीत की मां ने पूछा कि आखिर कब सुरंग से उनका बेटा निकाला जाएगा।  मंजीत की मां चौधराइन मोबाइल पर बेटे की फोटो देख कर संतोष कर रही हैं। मनजीत के पिता उत्तरकाशी में घटनास्थल पर ही मौजूद हैं। मंजीत के परिवार को गांव के कोटेदार वीरेंद्र के जरिये राशन उपलब्ध कराया गया है।

एसडीएम अश्वनी कुमार सिंह ने बताया कि मंजीत के परिवार का हाल-चाल जानने के लिए शुक्रवार रात करीब आठ बजे वह गए थे।  परिवार को राशन समेत अन्य जरूरी सामग्री उपलब्ध कराई गई है। आश्वासन दिया है कि वह लोग किसी प्रकार की फिक्र न करें।

इस बीच मोबाइल पर अपने बेटे के फोटो देखने में मशगूल मंजीत की मां चौधराइन ने कहा कि साहब अब बर्दाश्त के बाहर है। एक-एक दिन इंतजार कराया जा रहा है। क्या सरकार के पास इतने संसाधन नहीं  हैं कि उनके बेटे सहित फंसे सभी मजदूरों को बाहर निकाला जा सके।

Hot this week

Roorkee में चार बाइकों की भीषण भिड़ंत, तीन युवकों की मौत, छह घायल

एफएनएन, रुड़की : Roorkee में कलियर रोड पर शुक्रवार...

Rudrapur Kisan आंदोलन में हड़कंप, प्रदर्शनकारी युवक के पास मिली पंपिंग गन

एफएनएन, रुद्रपुर : उधम सिंह नगर के जिला मुख्यालय...

Vande Mataram को लेकर कांग्रेस पर BJP का हमला, महेंद्र भट्ट ने लगाए गंभीर आरोप

एफएनएन, देहरादून : Vande Mataram राष्ट्रगीत वंदेमातरम के पूर्ण...

Topics

Roorkee में चार बाइकों की भीषण भिड़ंत, तीन युवकों की मौत, छह घायल

एफएनएन, रुड़की : Roorkee में कलियर रोड पर शुक्रवार...

Rudrapur Kisan आंदोलन में हड़कंप, प्रदर्शनकारी युवक के पास मिली पंपिंग गन

एफएनएन, रुद्रपुर : उधम सिंह नगर के जिला मुख्यालय...

Vande Mataram को लेकर कांग्रेस पर BJP का हमला, महेंद्र भट्ट ने लगाए गंभीर आरोप

एफएनएन, देहरादून : Vande Mataram राष्ट्रगीत वंदेमातरम के पूर्ण...

Nandanagar में दर्दनाक सड़क हादसा, गहरी खाई में गिरी कार ; सेना के जवान की मौत

एफएनएन, चमोली : Nandanagar चमोली जिले के विकासखंड नंदानगर...
spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img