एफएनएन, लखनऊ : Indiranagar राजधानी लखनऊ के पॉश इलाके इंदिरानगर में बंद मकानों को निशाना बनाने वाले एक शातिर अंतरजनपदीय गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस और सर्विलांस टीम ने जून से अगस्त के बीच हुई चोरी की चार बड़ी वारदातों का खुलासा करते हुए गिरोह के मास्टरमाइंड समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से नकदी, आभूषण, कार और बाइक बरामद की गई है।
कार और बाइक से घूमकर तलाशते थे बंद मकान
एडीसीपी पूर्वी अमोल मुरकुट के मुताबिक, गिरोह के सदस्य कार और बाइक से कॉलोनियों में घूमकर बंद मकानों की रेकी करते थे। कैब चालक अखिलेश और सब्जी विक्रेता बबलू की भूमिका रेकी करने में सामने आई है। मकान बंद मिलने पर गिरोह के सदस्य दीवार या छत के रास्ते घर में दाखिल होते थे और सब्बल व हथौड़ी की मदद से ताले तोड़कर कुछ ही मिनटों में नकदी और जेवर समेट लेते थे।
पुलिस के अनुसार, गिरोह ने 8 जून, 12 जून, 31 जुलाई और 13 अगस्त को इंदिरानगर क्षेत्र में बंद मकानों में चोरी की थी। इन मामलों में पुलिस पहले से अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच कर रही थी।
चोरी का माल सर्राफ को बेचते थे
जांच में पुलिस को पता चला कि आरोपी चोरी किए गए जेवर चौक क्षेत्र के एक सर्राफा कारोबारी को बेचते थे। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर कार्रवाई करते हुए चोरी का सोना गलाने वाले सर्राफा कारोबारी को भी गिरफ्तार किया।
प्रभारी निरीक्षक अजय नारायण सिंह की टीम ने बादशाहखेड़ा नहर के पास घेराबंदी कर आरोपियों को पकड़ा। पुलिस के मुताबिक, गिरोह के सरगना बबलू उर्फ मनोज पर पहले से करीब 10 मुकदमे दर्ज हैं।
नकदी, जेवर और वाहन बरामद
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान अर्जुन पाण्डेय (25), मोहम्मद सिराज उर्फ राजू (20), बबलू उर्फ मनोज (48), दुर्गा शंकर वर्मा (56), अरविन्द यादव उर्फ धरविन्द्र (23) और अखिलेश कुमार गौतम (38) को गिरफ्तार किया है।
आरोपियों के कब्जे से 52,400 रुपये नकद, सफेद धातु के आभूषण, एक कार और बाइक बरामद की गई है। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए उन्हें जेल भेज दिया है।








