एफएनएन, नई दिल्ली : Qatar के पूर्व अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल-थानी के निधन पर भारत सरकार ने 13 जुलाई को एक दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया है। राष्ट्रीय शोक के तहत राष्ट्रपति भवन, संसद भवन, संविधान सदन (पुराना संसद भवन), साउथ ब्लॉक, नॉर्थ ब्लॉक समेत देशभर के सभी सरकारी भवनों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका हुआ है। इसके साथ ही सरकारी स्तर पर आयोजित होने वाले सभी आधिकारिक मनोरंजन कार्यक्रम भी स्थगित कर दिए गए हैं।
विदेश मंत्रालय ने रविवार को जारी बयान में कहा कि दिवंगत नेता के सम्मान में यह निर्णय लिया गया है। कतर सरकार ने 12 जुलाई को शेख हमद के निधन की पुष्टि की थी। उनका निधन 74 वर्ष की आयु में हुआ, हालांकि मृत्यु के कारण की आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है।
पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि, किरेन रिजिजू जाएंगे कतर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शेख हमद बिन खलीफा अल-थानी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्हें दूरदर्शी और प्रभावशाली नेता बताया। उन्होंने कहा कि शेख हमद ने कतर को विकास और समृद्धि की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया और भारत-कतर संबंधों को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर जारी संदेश में कहा कि फरवरी 2024 में कतर यात्रा के दौरान उनसे मुलाकात उनके लिए सम्मान की बात थी। उन्होंने कतर के मौजूदा अमीर शेख तमीम बिन हमद अल-थानी, शाही परिवार और कतर की जनता के प्रति संवेदना भी व्यक्त की।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत सरकार की ओर से संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू कतर जाकर आधिकारिक रूप से शोक संवेदनाएं प्रकट करेंगे।
कतर को वैश्विक पहचान दिलाने वाले नेता थे शेख हमद
शेख हमद बिन खलीफा अल-थानी ने वर्ष 1995 में कतर की सत्ता संभाली थी। अपने लगभग 18 वर्षों के कार्यकाल में उन्होंने देश को आर्थिक और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में नई दिशा दी। उनके नेतृत्व में कतर ने प्राकृतिक गैस, विशेष रूप से लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) के उत्पादन और निर्यात में वैश्विक स्तर पर मजबूत पहचान बनाई।
उनके शासनकाल में दोहा सहित पूरे कतर में बड़े पैमाने पर आधुनिक बुनियादी ढांचे का विकास हुआ, जिससे देश की अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा और आर्थिक स्थिति दोनों मजबूत हुईं। वर्ष 2013 में उन्होंने स्वेच्छा से सत्ता अपने बेटे शेख तमीम बिन हमद अल-थानी को सौंप दी थी, ताकि नई पीढ़ी देश को आगे बढ़ा सके।
भारत सरकार द्वारा घोषित राष्ट्रीय शोक दोनों देशों के मजबूत कूटनीतिक संबंधों और शेख हमद के योगदान के प्रति सम्मान का प्रतीक माना जा रहा है।







