Friday, March 20, 2026
03
20x12krishanhospitalrudrapur
previous arrow
next arrow
Shadow
HomeMpबैंकिंग घोटाले में बड़ा फैसला, नकली सोने पर लोन देने वाले 4...

बैंकिंग घोटाले में बड़ा फैसला, नकली सोने पर लोन देने वाले 4 अफसरों को 5 साल की जेल

एफएनएन, देवास : आजकल सोना सुर्खियों में है. कारण इसकी आसमान छूती कीमतें. लेकिन हम इससे इतर बात कर रहे हैं नकली सोने की. देवास जिला अदालत ने निजी बैंक में हुए नकली सोना कांड के दोषी 4 बैंक अधिकारियों को 5-5 साल की सजा सुनाई है. इस मामले में 2 करोड़ से ज्यादा की धोखाधड़ी हुई थी. दोषियों पर जुर्माना भी ठोका गया है.

नकली सोना गिरवी रख दिया लोन

महेन्द्र पटेल (शाखा प्रबंधक), फाल्गुनी कश्यप (मुख्य मूल्यांकनकर्ता), शैलेन्द्र शर्मा (सेल्स मैनेजर) एवं प्रमोद चौधरी (सेल्स ऑफिसर) ने आपराधिक षड्यंत्र रचकर नकली सोने के आधार पर ऋण स्वीकृत किए और ग्राहकों को मोहरा बनाकर ऋण राशि स्वयं हड़प ली. यह घटनाक्रम वर्ष 2018 से 2021 के बीच कोरोना काल के दौरान का है. जांच में सामने आया कि कई मामलों में नकली सोना स्वयं बैंक कर्मचारियों द्वारा उपलब्ध कराया गया.

फर्जी तरीके से लोन के दस्तावेज बनाए

देवास जिला सत्र न्यायालय ने अपने आदेश में कहा “यह अपराध सुनियोजित है और सार्वजनिक धन व बैंकिंग व्यवस्था में जनता के विश्वास को गंभीर क्षति पहुंचाने वाला है. इसी आधार पर कठोर सजा दी गई.”

बैंक ने ही कराई थी एफआईआर

2021 में कंपनी ने अपने ही ब्रांच मैनेजर सहित 4 लोगों के खिलाफ FIR करवाई थी. 35 लोगों के नाम से लोन दिया गया था. नकली सोने के गहने पर लोन पास किया गया. जब किसी भी ग्राहक ने लोन की राशि जमा नहीं किए, तब कंपनी ने आभूषणों को नीलाम करने की तैयारी की.

नीलामी से पहले उनका वेल्युवेशन करवाया तो कंपनी अधिकारियों के होश उड़ गए. क्योंकि सभी गहने नकली निकले. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने भी सख्त रुख अपनाते हुए आरोपियों की जमानत याचिका दो बार खारिज किया था. सुप्रीम कोर्ट ने प्रकरण का निराकरण तय समय सीमा में करने के निर्देश दिए थे.

 

RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments