एफएनएन, जबलपुर : Bargi Dam मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी डैम के बैकवॉटर में हुए क्रूज हादसे के बाद से लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है. एसडीईआरएफ, एनडीआरएफ के साथ अब भारतीय सेना की टीमें रेस्क्यू ऑपरेशन में मदद के लिए बरगी डैम पहुंची हैं. हैदराबाद से सेना व कोलकाता से पैरामिलिट्री की टीमें हेलीकॉप्टर से पहुंची हैं. अबतक 28 लोगों को बचाया जा चुका है, 9 के शव मिल चुके हैं. वहीं, लगभग 6 लोग लापता हैं. क्रूज में कर्नाटक का एक पूरा परिवार सवार था, जो जबलपुर के खमरिया क्षेत्र में रहता था. वहीं, हादसे में बची दिल्ली की पर्यटक ने बताया कि क्रूज तूफान के दौरान पानी घुसने से डूबा. जब क्रूज डूबने लगा तब लाइफ जैकेट बांटे गए. मृतकों की सही संख्या और कुल सवार लोगों की संख्या क्रूज के बाहर निकाले जाने के बाद पता चल सकती है. नीचे पढ़ें लाइव अपडेट्स
बरगी डैम के किनारे खींचा गया क्रूज, अब बाहर निकालने की तैयारी
डैम में 20 फीट की गहराई पर डूबे क्रूज को किनारे खींच लिया गया है. अब क्रूज को बाहर निकालने के लिए मशीनों से रैंप बनाया जा रहा है, जिसके बाद अंदर से और शव निकलने की संभावना है.
कल से यहां बेहद खराब हालात थे : एसडीईआरएफ होमगार्ड कमांडेट
एसडीईआरएफ होमगार्ड कमांडेट नीरज सिंह राजपूत ने कहा, ” अंधेरे और खराब मौसम की वजह से रेस्क्यू में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है. यहां हालात बहुत खराब हैं. टीम ने मोर्चा संभाला हुआ है और सुबह से शवों को बाहर निकाला जा रहा है.
पर्यटन मंत्री ने दिए जांच के आदेश, एमपी में क्रूज संचालन पर रोक
ये बहुत बड़ी घटना हुई है, बहुत ही ह्रदय विदारक घटना है. मैंने विभाग को जांच के आदेश दिए हैं अगर कोई भी लापरवाही पाई जाती है तो कठोर से कठोर कार्रवाई की जाएगी. जितने क्रूज चल रहे हैं उनका पहले परीक्षण किया जाए, सेफ होने पर ही संचालन किया जाए : धर्मेंद्र लोधी, पर्यटन मंत्री
चमत्कारिक रूप से बचे रियाज हुसैन, बेटा भी बचा
क्रूज हादसे में जबलपुर निवासी रियाद हुसैन चमत्कारिक रूप से बच गए. वे एसी चैंबर में नीचे की ओर बैठे थे और क्रूज डूबने के 3 घंटे बाद भी चमत्कारिक रूप से बच गए. हुसैन ने मीडिया को बताया कि हादसे में उनका बेटा जाफर भी बच गया है.
चिपके मिले मां-बेटे के शव, गमगीन हुआ माहौल
बरगी डैम के बैक वॉटर में उस समय माहौल और गमगीन हो गया जब रेस्क्यू टीम को दो शव आपस में चिपके मिले. ये दो शव मां-बेटे के हैं, जो घटना के दौरान एक दूसरे से लिपट गए थे. पानी में शव अकड़ने के बाद दोनों के शवों को एक साथ बाहर निकालने में भारी मशक्कत करनी पड़ी. जैसे ही शव बाहर निकले, उस मंजर को देख पुलिस, स्थानीय लोग और यहां तक की मीडियाकर्मी भी भावुक हो गए.
43 लोग क्रूज में हुए थे सवार, CCTV से खुलासा
मध्य प्रदेश टूरिज्म के अधिकारी संजय मल्होत्रा ने बताया कि डैम से लगे रिसॉर्ट के सीसीटीवी में क्रूज का फुटेज है. इसमें 43 लोग क्रूज में सवार होते नजर आ रहे हैं. इनमें से 28 को बचा लिया गया, जबकि 9 के शव मिल चुके हैं और 6 लापता हैं.
इस घटना ने झकझोर दिया है : बरगी विधायक
घटनास्थल पर कल शाम से मौजूद बीजेपी विधायक नीरज सिंह ने कहा, ” क्रूज शिप का इस तरह पलटना, बेहद दुख हैं. इसमें कई लोग अभी भी लापता हैं और कुछ शव अभी तक बरामद नहीं हुए हैं. इस घटना ने हम सभी को झकझोर दिया है. सभी बचाव कार्यों में पूरी तरह से लगे हुए हैं.”
कई मृतकों के परिजन मौके पर, हर शव बाहर आते ही मच रही चीख-पुकार
क्रूज से एक धीरे-धीरे शव बाहर निकाले जा रहे हैं. इस बीच मौके पर कई मृतकों और लापता लोगों के परिजन मौजूद हैं, जो हर शव के बाहर आते ही रो पड़ते हैं और दुख में चीख-पुकार मच जाती है.
9 पहुंचा मौत का आंकड़ा, मंत्री राकेश सिंह ने की 2 और शव मिलने की पुष्टि
मौके पर मौजूद मध्य प्रदेस सरकार में कैबिनेट मंत्री राकेश सिंह ने कहा, ” 2 और शव बरामद हुए हैं. इनमें से कुछ लोग लाइफ जैकेट भी पहने थे. ऐसा प्रतीत होता है कि ये लोग नीचे, एसी केबिन में थे और क्रूज पलटने पर वहीं फंस गए और बाहर नहीं निकल पाए.”
तेज हवाओं के साथ पानी क्रूज में घुसा : दिल्ली की पर्यटक
क्रूज हादसे में बचीं दिल्ली की पर्यटक संगीता कोरी ने पीटीआई से कहा, ” बहुत तेज हवाओं के साथ क्रूज में पानी घुस गया था. इसके बाद सब घबरा गए. पहले किसी को लाइफ जैकेट पहनने नहीं बोला गया था, जब बोट डूबने लगी तब लाइफ जैकेट बांटे गए.”
तूफान से नर्मदा में सुनामी जैसी लहरें उठीं
हादसे में बचे एक पर्यटक ने आईएएनस से कहा कि तूफान इतना तेजी था कि नर्मदा की दो बड़ी लहरें क्रूज के अंदर घुस गईं और कांच भी टूट गया था. इसके बाद क्रूज एक तरफ झुक गया और डूबने लगा.
कई लोग नहीं पहने थे लाइफ जैकेट, तूफान को माना जा रहा हादसे की वजह
बरगी क्रूज हादसे में बचे पायलट महेश ने बताया, ” 10 साल से सेवा में हूं. ऐसा तूफान कभी नहीं देखा. आंधी इतनी तेज थी कि हमें संभलने का मौका भी नहीं मिला, कई यात्री लाइफ जैकेट तक नहीं पहन पाए और क्रूज डूब गया.”
मौके पर फिर पहुंचे PWD मंत्री राकेश सिंह
कल अंधेरा और मौसम खराब होने की वजह से गोताखोरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था. पर अब उजाला हो गया है और रेस्क्यू में तेजी आई है, क्रूज निकाले जाने के बाद ये स्पष्ट हो जाएगा कि उसमें कितने लोग थे : राकेश सिंह, PWD मंत्री, मप्र
क्रूज को किनारे पर लाने का प्रयास जारी
क्रूज डैम के गेटों से बैक वॉटर में लगभग 300 मीटर की दूरी पर डूबा था. अब इसे घाट किनारे लाने की कोशिश की जा रही है. बताया जा रहा है कि क्रूज के एसी वाले चैंबर में कुछ शव फंसे हुए हैं.
उजाला होते ही रेस्क्यू ऑपरेशन तेज
सुबह 6.30 बजे के बाद से रेस्क्यू ऑपरेशन में तेजी देखी जा रही है. सेना समेत कई डिजास्टर रिसपॉन्स टीमें डैम के बैक वॉटर में पहुंच चुकी हैं.
इन 22 लोगों की बची जान, कलेक्टर ने जारी की लिस्ट
जबलपुर कलेक्टर ने हादसे में बचे 22 लोगों की सूची जारी कर दी है. इनमें से कई पर्यटक दूसरे राज्यों से हैं.

अबतक 4 शव बरामद, सामने आए नाम
क्रूज डूबने के बाद जिन 4 लोगों के शव अबतक प्राप्त हुए हैं, उनमें नीतू सोनी, सौभाग्य अलाग, मधुर मैसी (दिल्ली) और काकुलाझी (खमरिया) के नाम शामिल हैं.
क्रूज में फंसे हो सकतें हैं 10 से ज्यादा शव : स्थानीय
बरगी क्षेत्र के प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक क्रूज में ज्यादा लोगों के शव मिल सकते हैं. क्रूज में कितने लोग सवार थे इसे लेकर अभी भी सही आंकड़े सामने नहीं आ पा रहे हैं, क्योंकि दावा किया जा रहा है कि प्रशासन सिर्फ वही आकंड़े बता रहा है, जितने लोगों ने टिकट लिए थे. क्रूज में बिना टिकट यात्रियों के सवार होने की भी बातें सामने आ रही हैं.
क्रूज को रस्सी से खींचने में असफल टीमें, हाईड्रॉलिक मशीनें लगाईं
गुरुवार शाम घटना के बाद से ही लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है. डिजास्टर रिसपॉन्स टीमों ने रस्सी के जरिए क्रूज को बाहर निकालने के प्रयास किया पर 30-40 मीटर खिसकने के बाद क्रूज डैम के बैक वॉटर में फंस गया है. अब सेना की टीमों ने भी मोर्चा संभाल लिया है और डैम के बैकवॉटर में हाईड्रॉलिक मशीनों लगाई गई हैं.
बरगी क्रूज हादसा : क्रूज में सवार था कर्नाटक का परिवार
बरगी सीएसपी के मुताबिक बोट में जबलपुर के खमरिया ऑर्डिनेंस क्षेत्र में रहने वाले कामराज का पूरा परिवार क्रूज में सवार था. कामराज मूल रूप से कर्नाटक के रहने वाले थे. कामराज के घर के एक सदस्य का शव मिला है, जबकि बाकी लापता हैं.






