03
Gemini_Generated_Image_yb399pyb399pyb39
previous arrow
next arrow
Shadow

पूर्व डीजीपी बीएस सिद्धू के प्रभाव के कारण नौ साल पहले नहीं हुआ था मुकदमा

Stay connected via Google News
Follow us for the latest updates.
Add as preferred source on Google

एफएनएन, देहरादून : राजपुर में आरक्षित वन क्षेत्र पर कब्जा और पेड़ों का अवैध कटान किए जाने के आरोप में पूर्व डीजीपी बीएस सिद्धू के विरुद्ध करीब नौ साल बाद मुकदमा दर्ज किया गया है। इस प्रकरण में वन विभाग ने मीडिया को जारी किए गए पत्र में अपना पक्ष रखा है। वन विभाग ने इस मुकदमे की कार्रवाई को नियमानुसार बताया है। वन विभाग ने नौ साल पूर्व मुकदमा दर्ज न होने का मुख्य कारण बीएस सिद्धू का प्रभाव बताया है। उस समय सिद्धू पुलिस विभाग में उच्च पद पर आसीन थे।

वन मुख्यालय की ओर से जारी इस पत्र में कहा गया है कि राजपुर स्थित वन आरक्षित भूमि पर कब्जा करने और 25 पेड़ों का अवैध कटान वर्ष 2013 में किया गया था। शासन की अनुमति के बाद बीते 23 अक्टूबर को राजपुर थाने में पूर्व डीजीपी बीएस सिद्धू के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया। इससे पूर्व वन विभाग की ओर से राज्य सरकार-शासन को इस प्रकरण के समस्त पहलुओं से अवगत कराया गया था। मुकदमा दर्ज होने में किसी भी न्यायालय के आदेशों का उल्लंघन नहीं हुआ है, क्योंकि किसी भी कोर्ट ने इस संबंध में मुकदमा दर्ज न करने का कोई आदेश नहीं दिया है। अत: न्यायालयों के आदेशों की अवमानना का कोई प्रश्न ही नहीं उठता है।

इसके अलावा तत्कालीन प्रभागीय वनाधिकारी मसूरी वन प्रभाग की ओर से जिलाधिकारी देहरादून के समक्ष सही तथ्य प्रस्तुत किए जाने के बाद राजस्व विभाग की ओर से बीएस सिद्धू के नाम हुआ दाखिल-खारिज निरस्त करते हुए पुनः वन भूमि को वन विभाग के नाम पर राजस्व अभिलेखों में दर्ज किया गया।

बीएस सिद्धू की ओर से जिलाधिकारी को प्रेषित पत्र में बताया गया था कि इस प्रकरण में फर्जी नत्थूराम की ओर से उनके साथ की धोखाधड़ी की गई है। उन्होंने वन भूमि के क्रय के दौरान दी गई स्टांप ड्यूटी वापस करने के लिए अनुरोध किया, लेकिन नत्थूराम की ओर से उनसे 60 लाख रुपये लिए जाने के संबंध में नौ वर्ष बीत जाने के बाद भी उन्होंने कोई मुकदमा दर्ज नहीं कराया।

इससे स्पष्ट है कि आरोपित सिद्धू ने ही फर्जी नत्थूराम को वन भूमि के विक्रेता के रूप में खड़ा किया। वन विभाग का आरोप है कि पूर्व में सिद्धू के पुलिस महानिदेशक पद पर रहने के कारण पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया। जबकि एक उच्च पदस्थ पुलिस अधिकारी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने का निर्णय उच्च स्तर से ही हो सकता था। शासन की ओर से अब इस पर निर्णय लिए जाने व निर्देशित किए जाने के बाद वन विभाग ने बीएस सिद्धू समेत आठ के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया है।

Stay connected via Google News
Follow us for the latest updates.
Add as preferred source on Google

Hot this week

Chardham Yatra Cyber ठगी का बड़ा खुलासा, 200 फर्जी वेबसाइट बंद

एफएनएन, देहरादून : Chardham Yatra Cyber चारधाम यात्रा के...

Haridwar Bomb Threat की धमकी से हड़कंप, 12 घंटे में आरोपी गिरफ्तार

एफएनएन, हरिद्वार : Haridwar Bomb Threat हरिद्वार में उस...

Uttarkashi Pirul के चकोन स्थित पिरूल प्लांट में भीषण आग, लाखों का नुकसान

एफएनएन, उत्तरकाशी : Uttarkashi Pirul त्तरकाशी जिले के ग्राम...

Topics

Chardham Yatra Cyber ठगी का बड़ा खुलासा, 200 फर्जी वेबसाइट बंद

एफएनएन, देहरादून : Chardham Yatra Cyber चारधाम यात्रा के...

Haridwar Bomb Threat की धमकी से हड़कंप, 12 घंटे में आरोपी गिरफ्तार

एफएनएन, हरिद्वार : Haridwar Bomb Threat हरिद्वार में उस...

Uttarkashi Pirul के चकोन स्थित पिरूल प्लांट में भीषण आग, लाखों का नुकसान

एफएनएन, उत्तरकाशी : Uttarkashi Pirul त्तरकाशी जिले के ग्राम...
spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img