एफएनएन, रुद्रपुर : Kichha उधम सिंह नगर जिले के किच्छा स्थित पिपलिया मोड़ के खान फार्म पर कब्जे और स्वामित्व को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। एक पक्ष कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा की जेठानी सायर वाड्रा का है, जबकि दूसरे पक्ष की ओर से नसरीन सांगा ने भी फार्म पर अपना अधिकार जताया है। विवाद बढ़ने के बाद क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
सायर वाड्रा का दावा है कि खान फार्म उनकी दिवंगत बुआ ने वर्ष 2024 में रजिस्टर्ड वसीयत के जरिए उनके और अपने रिश्तेदार सिकंदर आलम खान के नाम किया था। उनका आरोप है कि बुआ के निधन के बाद दूसरे पक्ष ने जबरन फार्म में प्रवेश कर ताले तोड़े, सीसीटीवी कैमरों को नुकसान पहुंचाया और कर्मचारियों को बाहर निकाल दिया। उन्होंने प्रशासन से कब्जा हटाकर न्याय दिलाने की मांग की है।
वहीं, नसरीन सांगा ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उनके पास भी अपने दावे से जुड़े कानूनी दस्तावेज मौजूद हैं और मामले को एकतरफा तरीके से पेश किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अंतिम फैसला कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही होना चाहिए।
विवाद की सूचना मिलने पर किच्छा से कांग्रेस विधायक तिलकराज बेहड़ अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे और खान फार्म के बाहर धरने पर बैठ गए। उन्होंने प्रशासन पर निष्पक्ष कार्रवाई नहीं करने और दूसरे पक्ष को संरक्षण देने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि यदि न्याय नहीं मिला तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
स्थिति को देखते हुए पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों से बातचीत कर माहौल शांत कराया। देर रात तक चले धरने के बाद एसडीएम गौरव पांडे ने दोनों पक्षों को सुबह 11:30 बजे कार्यालय में दस्तावेजों के साथ उपस्थित होने के निर्देश दिए। दोनों पक्षों के अधिवक्ता अपने-अपने स्वामित्व संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत करेंगे, जिसके आधार पर प्रशासन आगे की कार्रवाई करेगा।
फिलहाल खान फार्म के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। प्रशासन का कहना है कि वसीयत, राजस्व अभिलेख और अन्य कानूनी दस्तावेजों की जांच के बाद ही नियमानुसार निर्णय लिया जाएगा।






