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बदला वाराणसी सीट का भूगोल, 2009 के बाद से चटख होता गया भगवा रंग; पीएम मोदी ने बनाया अभेद किला

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एफएनएन, वाराणसी : जनसंख्या वृद्धि आदि कारणों से लोकसभा और विधानसभा क्षेत्र का समय-समय पर परिसीमन किया जाता है। अंतिम परिसीमन 15 वर्ष पूर्व 2009 के लोकसभा चुनाव में लागू हुआ। उसमें भाजपा के डा. मुरली मनोहर जोशी को विजय मिली। उन्होंने तत्कालीन कांग्रेस सांसद डा. राजेश मिश्रा को पराजित किया। इसके बाद तो चुनाव दर चुनाव भाजपा का भगवा रंग इस क्षेत्र से और भी चटख होता गया।

2014 में वाराणसी से नरेंद्र मोदी सांसद बने। इसके बाद प्रधानमंत्री के रूप में 2019 में दोबारा सांसद बने। उन्होंने 2009 की अपेक्षा भाजपा के मतों में भारी वृद्धि की। वाराणसी लोकसभा क्षेत्र (77) के नाम से स्वतंत्रता के बाद से ही संसदीय सीट रही है। इसमें 2009 के पहले वाराणसी कैंटोमेंट, उत्तरी, दक्षिणी, गंगापुर और कोलअसला विस क्षेत्र आता था।

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नए परिसीमन से बदला भूगोल

जब नया परिसीमन हुआ तो शहर उत्तरी, दक्षिणी और कैंटोमेंट को तो बरकरार रखा गया, लेकिन उन्हें पूरी तरह से तत्कालीन नगर निगम के 90 वार्डों और रामनगर तक सीमित कर दिया गया। यहां उल्लेखनीय है कि शहर का वरुणापार इलाका पहले चिरईगांव विधानसभा क्षेत्र में था। यह विधानसभा क्षेत्र चंदौली लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा था। साथ ही गंगापुर और कोलअसला को समाप्त कर दिया गया। इससे कोलअसला की वजह से वाराणसी सीट जो जौनपुर के बॉर्डर तक जाती थी उसकी दिशा बदल कर भदोही की तरफ चली गई। भदोही की तरफ का हिस्सा पहले औराई आंशिक कहलाता था।

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कोलअसला का अधिकतर हिस्सा नए विधानसभा क्षेत्र पिंडरा में शामिल कर दिया गया। पिंडरा वर्तमान में जौनपुर की मछलीशहर संसदीय सीट के अंतर्गत आता है। विधानसभा क्षेत्रों के पुनर्गठन में नया विधानसभा क्षेत्र रोहनियां और सेवापुरी को बनाया गया। भाजपा वाराणसी संसदीय सीट ही नहीं बल्कि बीते विधानसभा चुनावों में भी सभी सीटें जीत गई।

रोहनियां में आने वाले राजस्व क्षेत्र

विधानसभा क्षेत्र रोहनियां में तत्कालीन सदर तहसील की रोहनियां, शहर (पटवार सर्किल भगवानुपर, रामनगर, सुल्तानपुर और भित्ती को छोड़कर) राजातालाब कानूनगो सर्किल के काशीपुर, कनेरी, सूईचक, भदरासी, बभनियांव, परसुपुर, भवानीपुर और पटवार सर्किल कोटवां, कंदवा और गंगापुर नगर पंचायत को शामिल किया गया। इसमें से ज्यादातर हिस्सा पहले गंगापुर विधानसभा क्षेत्र का हिस्सा था।

सेवापुरी में आने वाले राजस्व क्षेत्र

इसी प्रकार सेवापुरी में तत्कालीन सदर तहसील की कानूनगो सर्किल सेवापुरी, मिर्जामुराद और राजातालाब की शहंशाहपुर, नरसादा, सिहोरवा, विरभानपुर, हरसोस, गंजारी, कचनार, जक्खिनी, सिंही, असवारी, चंदापुर, महगांव, भिखमपुर, मरुई और बीरसिंहपुर पटवार सर्किल को शामिल किया गया। इसका आधा से अधिक हिस्सा पहले विधानसभा क्षेत्र औराई आंशिक के रूप में जाना जाता था जो भदोही जनपद में है।

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