एफएनएन, चमोली : Chamoli जिले के पोखरी विकासखंड में भालू के हमले से सनसनी फैल गई। नेल ग्राम पंचायत के सिदेली तोक में अचानक भालू के सामने आने के बाद दो महिलाओं पर हमला कर दिया। जान बचाने के लिए दोनों महिलाएं वहां से भागने लगीं, लेकिन इसी दौरान एक महिला चट्टान से नीचे गिर गई और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं दूसरी महिला गंभीर रूप से घायल हो गई।
भालू से बचने के दौरान चट्टान से गिरी महिला
ग्रामीणों के अनुसार, नेल ग्राम पंचायत की लक्ष्मी देवी पत्नी गजेंद्र सिंह और विमला देवी पत्नी चंद्रशेखर सिंह सिदेली तोक गई थीं। इसी दौरान अचानक भालू ने दोनों पर हमला कर दिया।
भालू से बचने के लिए दोनों महिलाएं भागने लगीं। इसी दौरान 56 वर्षीय विमला देवी चट्टान से नीचे जा गिरीं। गंभीर चोट लगने के कारण उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
दूसरी महिला गंभीर घायल, हायर सेंटर रेफर
हमले में लक्ष्मी देवी भी गंभीर रूप से घायल हो गईं। घटना के बाद आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और घायल महिला को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके साथ ही पुलिस और वन विभाग को घटना की सूचना दी गई।
लक्ष्मी देवी को तत्काल नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए हायर सेंटर रेफर किया जा रहा है।
ग्रामीणों में दहशत, भालू को पकड़ने की मांग
घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल के आसपास जुट गए। वन विभाग की टीम को भी सूचना दी गई और टीम मौके के लिए रवाना हुई।
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लगातार भालू की आवाजाही से लोगों में डर बना हुआ है। उन्होंने वन विभाग से आबादी वाले इलाकों में गश्त बढ़ाने और हमलावर भालू को पकड़ने की मांग की है।
हादसे में एक महिला की मौत, दूसरी घायल
मृतक: विमला देवी पत्नी चंद्रशेखर सिंह, उम्र 56 वर्ष, निवासी नेल सिदेली, पोखरी, चमोली।
घायल: लक्ष्मी देवी पत्नी गजेंद्र सिंह, निवासी नेल सिदेली, पोखरी, चमोली।
जिलाधिकारी ने की घटना की पुष्टि
चमोली जिलाधिकारी गौरव कुमार ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि भालू के हमले में एक महिला की मौत हुई है, जबकि दूसरी महिला गंभीर रूप से घायल हुई है। प्रशासन और वन विभाग की टीमें मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी जुटा रही हैं।
उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं लगातार चिंता का विषय बनी हुई हैं। वन्यजीवों के आबादी वाले इलाकों के आसपास आने से ग्रामीणों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। ऐसे में स्थानीय लोगों ने वन विभाग से प्रभावी गश्त और जरूरी सुरक्षा इंतजाम बढ़ाने की मांग की है।








