03
Gemini_Generated_Image_yb399pyb399pyb39
WhatsApp Image 2026-08-14 at 9.45.28 AM
previous arrow
next arrow
Shadow

कफ सिरप मामले पर बहस पूरी, फैसला हाईकोर्ट में सुरक्षित, केस रद्द की मांग |

एफएनएन, प्रयागराज : नशीले कफ सिरप मामले में सुनवाई करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित कर लिया है। वाराणसी के शुभम जायसवाल सहित 40 आरोपियों ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में दर्ज एफआईआर को रद्द करने और गिरफ्तारी पर रोक लगाने के लिए याचिका हाईकोर्ट में याचिका दायर की है।

प्रदेश के चर्चित कफ सिरप मामले में दर्ज एफआईआर को खारिज करने की मांग वाली अर्जी पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित किया है। शुक्रवार को हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई हुई। कोर्ट ने दोनों तरफ के वकीलों की दलील सुनने के बाद फैसला रिजर्व कर लिया है। वाराणसी के शुभम जायसवाल सहित 40 आरोपियों ने अपने खिलाफ प्रदेश के विभिन्न जिलों में दर्ज केस को रद्द करने और गिरफ्तारी पर रोक लगाने के लिए याचिका दायर की है। हाईकोर्ट ने फिलहाल आरोपियों की गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगा रखी है।

25 हजार का इनामी शुभम जायसवाल करता था विशाल और विभोर राणा से व्यापार

कोडीनयुक्त कफ सिरप कांड की जांच में यूपी एसटीएफ ने लखनऊ आलम बाग के पास से सहारनपुर से दो अभियुक्त अभिषेक शर्मा और शुभम शर्मा को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में 25 हजार रुपये के इनामी शुभम जायसवाल का पूरा नेटवर्क सामने आया है। दोनों ने एसटीएफ को बताया कि दोनों विशाल और विभोर राणा के लिए काम करते थे। विशाल और विभोर का शुभम जायसवाल के साथ व्यापारिक संबंध था।

तीनों मिलकर कोडीनयुक्त कफ सिरप की तस्करी करते थे। माल वाराणसी, लखनऊ, कानपुर, गोरखपुर और आगरा समेत अन्य जगहों से फर्जी ई वे बिल बनाकर बंगाल के अलावा अन्य जगहों पर भेजा जाता था। विशाल और विभोर के नेटवर्क के जरिये सिरप देश के कई राज्यों में पहुंचाया जाता था। इसी बीच शुभम ने अपने पिता भोला जायसवाल के नाम पर रांची में एबॉट कंपनी की सुपर स्टॉकिस्ट हासिल कर ली और इन दोनों से किनारा कर लिया।

इसके बाद लाइसेंस और दस्तावेज की आड़ में वह बड़े पैमाने पर कफ सिरप की सप्लाई को कानूनी शिपमेंट की तरह दिखाता था। सुपर सुपर स्टॉकिस्ट के बाद शुभम की सप्लाई चेन पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हो गई थी। सहारनपुर में पकड़े गए दोनों अभियुक्तों ने पूछताछ में बताया कि सिरप की कई खेप रांची से सीधे यूपी और हरियाणा रूट पर भेजी भेजी गई।

गाजियाबाद में कोडीन सिरप का बनाया था गोदाम
ड्रग विभाग की जांच में सामने आया है कि शुभम ने अपनी फर्म शैली ट्रेडर्स के नाम पर हिमाचल की फर्म से सिरप मंगाने के बाद उसे गाजियाबाद के गोदाम में रखता था। फर्जी फर्मों के कागज तैयार कर उसे आगरा, लखनऊ और वाराणसी तक सप्लाई करता था। वाराणसी से कोडीन सिरप की बड़ी खेप सोनभद्र के रास्ते झारखंड और पश्चिम बंगाल जाती थी। इसके बाद बांग्लादेश और नेपाल तक जाती थी।

Hot this week

Gairsain को स्थायी राजधानी बनाने की मांग तेज, यूकेडी डेमोक्रेटिक ने खोला केंद्रीय कार्यालय

एफएनएन, गैरसैंण : Gairsain उत्तराखंड की स्थायी राजधानी गैरसैंण...

Topics

spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img