एफएनएन, देहरादून : Uttarakhand मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में मंगलवार को उत्तराखंड सचिवालय में मंत्रिमंडल की बैठक जारी है। बैठक में मुख्यमंत्री के साथ कैबिनेट मंत्री खजान दास, गणेश जोशी, सतपाल महाराज, राम सिंह कैड़ा, मदन कौशिक, सुबोध उनियाल और प्रदीप बत्रा समेत अन्य मंत्री मौजूद हैं। बैठक में विभिन्न विभागों से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा की जा रही है।
बैठक की शुरुआत में मुख्यमंत्री धामी ने बरसात के मौसम में बढ़ रहे संक्रमण को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि बारिश के दौरान वायरल संक्रमण के साथ ही स्वाइन फ्लू और डेंगू जैसी बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग को एडवाइजरी जारी करने और बीमारी की रोकथाम के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
MBBS डॉक्टरों की बॉन्ड सेवा पर बड़ा फैसला संभव
कैबिनेट बैठक में स्वास्थ्य विभाग से जुड़े एक अहम प्रस्ताव पर भी मुहर लग सकती है। राजकीय मेडिकल कॉलेजों से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी करने वाले छात्रों के लिए पर्वतीय क्षेत्रों में बॉन्ड के तहत सेवाएं देना अनिवार्य है। हालांकि, कई डॉक्टर कुछ समय सेवा देने के बाद पोस्ट ग्रेजुएशन में प्रवेश लेकर सेवा से बाहर हो जाते हैं। इससे पर्वतीय क्षेत्रों में डॉक्टरों की कमी बनी रहती है।
इसी समस्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने प्रस्ताव तैयार किया है कि सरकारी मेडिकल कॉलेजों से एमबीबीएस करने वाले छात्रों को कम से कम तीन साल तक अनिवार्य सेवा देनी होगी। इसके बाद ही उन्हें पीजी में जाने की अनुमति देने का प्रावधान किया जा सकता है। कैबिनेट इस प्रस्ताव पर निर्णय ले सकती है।
कर्मचारियों से लेकर महंगाई तक पर चर्चा
बैठक में प्रदेश के संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण से संबंधित प्रस्ताव भी सामने आने की संभावना है। इसके अलावा परिवहन विभाग, शहरी विकास, उद्योग, कार्मिक, स्वास्थ्य, शिक्षा और आवास विभाग से जुड़े कई प्रस्तावों पर चर्चा हो सकती है।
प्रदेश में बढ़ती महंगाई को लेकर भी कैबिनेट में चर्चा संभव है। खासतौर पर चीनी, फल और सब्जियों की बढ़ती कीमतों तथा चीनी की जमाखोरी से जुड़े मामलों पर सरकार मंथन कर सकती है।
रोडवेज कर्मचारियों के वेतन पर भी नजर
उत्तराखंड परिवहन निगम के कर्मचारियों को पिछले कुछ महीनों से वेतन नहीं मिलने का मामला भी बैठक में उठ सकता है। आगामी त्योहारों को देखते हुए राज्य सरकार कर्मचारियों के लंबित वेतन भुगतान के लिए आवश्यक धनराशि जारी करने को मंजूरी दे सकती है।
इसके अलावा आलंबन गांव योजना के तहत महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग को जमीन उपलब्ध कराने से संबंधित प्रस्ताव पर भी कैबिनेट की मुहर लगने की संभावना है।
EV Policy और शिक्षक तबादलों पर भी फैसला संभव
नियोजन विभाग की ओर से तैयार की गई विभिन्न नीतियों पर भी मंत्रिमंडल विचार कर सकता है। इनमें ईवी पॉलिसी से जुड़े प्रस्ताव के साथ ही शिक्षा विभाग में शिक्षकों के तबादलों में पारदर्शिता लाने से संबंधित प्रस्ताव शामिल हैं।
कुल मिलाकर मंगलवार की कैबिनेट बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवहन, रोजगार, महंगाई और महिला सशक्तिकरण समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर फैसले होने की उम्मीद है।








