महाकुंभ के दौरान वायरल हुई महेश्वर की मोनालिसा और फरमान की शादी का मामला अब नया मोड़ ले चुका है। इस विवाद को लेकर दिल्ली की अधिवक्ता और टीवी डिबेट में सक्रिय रहने वाली नाजिया इलाही खान सोमवार को खरगोन पहुंचीं। यहां उन्होंने मीडिया से बातचीत में इस विवाह पर कई गंभीर सवाल उठाते हुए सुरक्षा एजेंसियों से गहन जांच की मांग की।
मीडिया से चर्चा के दौरान नाजिया इलाही खान ने कहा कि यदि फरमान मुस्लिम हैं और मोनालिसा हिंदू आदिवासी समुदाय से हैं, तो हिंदू रीति-रिवाज से हुई शादी हिंदू मैरिज एक्ट 1955 के तहत सवालों के घेरे में आती है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि धर्म परिवर्तन हुआ है, तो उसका वैध प्रमाण सार्वजनिक किया जाना चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि यदि विवाह स्पेशल मैरिज एक्ट 1954 के तहत हुआ है, तो धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ शादी करने का औचित्य भी जांच का विषय है। उनके अनुसार पूरे मामले की कानूनी जांच आवश्यक है, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
नाजिया इलाही खान ने दावा किया कि इस प्रकरण में कुछ अन्य एंगल भी सामने आए हैं, जिनकी जांच जरूरी है। उन्होंने कहा कि फरमान का नाम पहले CAA और NRC विरोध प्रदर्शनों के दौरान भी सामने आया था। ऐसे में यह जांच का विषय है कि उसकी नजदीकियां शारजील इमाम से रही हैं या नहीं।
उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले में प्रतिबंधित संगठन पीएफआई से संभावित संबंधों की भी जांच होनी चाहिए। उनके अनुसार सुरक्षा एजेंसियों को यह स्पष्ट करना चाहिए कि कहीं इसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क तो सक्रिय नहीं है। शादी के दौरान सामने आए फोटो और वीडियो पर भी उन्होंने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि विवाह के समय “द ट्रू केरला स्टोरी” लिखे बोर्ड को हाथ में रखने का उद्देश्य क्या था, इसकी भी जांच होनी चाहिए।
नाजिया इलाही खान ने यह भी कहा कि मोनालिसा के पासपोर्ट बनने की जानकारी सामने आई है। ऐसे में पासपोर्ट विभाग से भी जांच की मांग की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर पासपोर्ट रद्द कराने के लिए आवेदन दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि वह जल्द ही दिल्ली जाकर राष्ट्रपति, संबंधित केंद्रीय एजेंसियों और राज्य सरकारों को इस मामले में ज्ञापन देंगी। उनके साथ फिल्म डायरेक्टर सनोज मिश्रा भी मौजूद थे।