Sunday, February 15, 2026
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बरेली के डॉक्टर ने सीनियर आईपीएस पर मढ़े आर्थिक धोखाधड़ी के संगीन इल्ज़ाम

शासन-प्रशासन को शिकायतीपत्र भेजकर लगाई उच्चस्तरीय जांच और कार्रवाई की गुहार

पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर भी चिकित्सक के समर्थन में उतरे, डीजीपी को भेजी चिट्ठी

एफएनएन ब्यूरो, लखनऊ/बरेली। एक सीनियर आईपीएस पर बरेली में तैनाती के दौरान आर्थिक धोखाधड़ी के गंभीर आरोप लगाते हुए एक वरिष्ठ चिकित्सक ने उच्चाधिकारियों को शिकायत भेजी है और निष्पक्ष जांच करवाकर दोषी अफसर के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की गुहार लगाई है। इस प्रकरण में पूर्व चर्चित आईपीएस और आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने भी चिकित्सक का समर्थन करते हुए उक्त आईपीएस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और डीजीपी से उच्चस्तरीय-निष्पक्ष जांच और कठोर कार्रवाई की पैरवी की है।

बरेली के डॉ. पुनिता केसरी ने शिकायतीपत्र में बताया कि बरेली में सीओ सिटी तथा एसपी ग्रामीण पद पर तैनाती के दौरान उक्त आईपीएस अधिकारी ने उनके पिता दिवंगत डॉ. रमेश चंद्र केसरी (सेवानिवृत्त प्रधान वैज्ञानिक आईवीआरआई बरेली) के पारिवारिक प्रकरण में अनधिकृत हस्तक्षेप किया। बैंक ऑफ इंडिया की महानगर शाखा में ने डॉ. रमेश चंद्र केसरी के बड़ी रकम के दो फिक्स्ड डिपॉजिट थे।

उक्त आईपीएस अधिकारी ने उनके पिता डॉ. रमेश चंद्र केसरी के साथ बड़ी आर्थिक धोखाधड़ी करते हुए इस रकम में से  2,58,58,919 रुपये अपने पिता के खाते में डलवा दिए। धोखाधड़ी की जानकारी होने पर जब पिता डॉ. रमेश चंद्र केसरी ने रकम वापसी का दबाव बनाया तो चार किस्तों में केवल 18 लाख रुपये ही वापस किए। डॉ. पुनिता का आरोप है कि उक्त आईपीएस अधिकारी ने उनके पिता का अपहरण करवानेे के बाद उनसे फर्जी वसीयत बनवाई। इसमें 75 लाख रुपये नगद और 500 ग्राम सोने की अघोषित संपत्ति का झूठा उल्लेख करवा लिया, जबकि उनके पिता के पास कोई भी अघोषित धनराशि नहीं थी।

पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर

आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष/पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने भी वर्तमान में लखनऊ में तैनात उक्त आईपीएस अधिकारी के खिलाफ डीजीपी से शिकायत की है। उन्होंने बरेली के डॉ. पुनिता केसरी द्वारा आईपीएस अफसर पर लगाए गए आरोपों की उच्चस्तरीय-निष्पक्ष जांच और कठोर कार्रवाई की मांग की है।

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