-"बेहद गंदी और कड़वी सच्चाई यही है कि अक्सर एक से दो साल तक पगार तक के लिए भी तरसने-भटकने वाले अल्पवेतन भोगी सहकारी समितियों के सचिवों को नौकरी बचाने की खातिर विभागीय अधिकारियों को 'छमाही' भी देनी ही पड़ती रही है।
एफएनएन ब्यूरो, लखनऊ/बरेली। एक सीनियर आईपीएस पर बरेली में तैनाती के दौरान आर्थिक धोखाधड़ी के गंभीर आरोप लगाते हुए एक वरिष्ठ चिकित्सक ने उच्चाधिकारियों को शिकायत भेजी है और निष्पक्ष जांच करवाकर दोषी अफसर के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की गुहार लगाई है।