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ऑनलाइन गेम की लत से तीन बहनों ने 9वीं मंजिल से छलांग लगाई

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एफएनएन, नई दिल्ली/गाजियाबाद : उत्तर प्रदेश के गाजियबाद से दिल को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जहां टीला मोड़ पुलिस थाना क्षेत्र की भारत सोसाइटी में तीन नाबालिग बहनों ने 9वीं मंजिल से कूदकर जान दे दी है. पुलिस का कहना है कि तीनों लड़कियां कोरियन ऑनलाइन गेम शिकार का थीं. इस पूरी घटना के दौरान वहां मौजूद एक चश्मदीद, अरुण कुमार ने बातचीत में उस रात का आंखों देखा हाल बताया, जो काफी खौफनाक है.

चश्मदीद अरुण के मुताबिक, जब नाबालिग लड़कियों ने बालकनी से छलाँग लगाई तब वो अपने फ्लैट की बालकनी में मौजूद थे. तीनों नाबालिग लड़कियों ने एक साथ बिल्डिंग से छलांग लगाई थीं. दरअसल, अरुण कुमार पेशे से कंटेंट क्रिएटर हैं और देर रात तक काम करते हैं. काम के बीच में ब्रेक लेते हैं. ब्रेक के दौरान जब वह अपने फ्लैट की बालकनी में गए थे. उन्होंने बताया कि, सामने वाली फ्लैट की बालकनी में देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा था कि एक व्यक्ति (थोड़ा बहुत अंधेरा है, ऐसे में साफ प्रतीत नहीं हो रहा कि पुरुष है या महिला) बैठा हुआ है जो जान देने की कोशिश कर रहा है, लेकिन अन्य दो लोग बचाने की कोशिश कर रहे हैं.

चश्मदीद अरुण के मुताबिक, जान देने से पहले तीनों नाबालिग लड़कियां करीब 5 मिनट तक बालकनी में खड़ी रहीं. पहली लड़की जान देने के लिए 9वीं मंजिल से कूदी, जिसे बचाने के दौरान अन्य दो लड़कियां भी नीचे गिर गई. अरुण कहते हैं, शुरुआत में कुछ समझ नहीं आ रहा था. सोचा कि चिल्ला दूं ताकि कोई बचाने आ जाए. फिर बाद में लगा कि पहले अच्छे से मामले को देखकर समझ लेता हूं वरना लोग पागल कहेंगे. लेकिन इतनी देर में घटना हो गई. अरुण ने बताया कि 1 घंटे तक घटनास्थल पर एंबुलेंस नहीं पहुंची जो बहुत ही हैरान कर देने वाली बात है. हालांकि, पुलिस पांच मिनट बाद ही घटनास्थल पर पहुंच गई थी.

भारत सिटी सोसाइटी की अपार्टमेंट ओनर एसोसिएशन के जॉइंट सेक्रेटरी राहुल कुमार झा के मुताबिक, सोसाइटी सिक्योरिटी ऑफिसर से जानकारी मिली की तीन लड़कियों ने जान दे दी है. हमने पुलिस को जानकारी दी और तुरंत पुलिस मौके पर पहुंची. राहुल ने बताया कि जब हम पुलिस के साथ फ्लैट में दाखिल हुए तो महिलाएं रो रही थी. तीनों नाबालिग लड़कियों के पिता चेतन भी मौजूद थे. चेतन की दो पत्नियों है. दोनों पत्नियों रो रही थी. परिजनों ने फोन में लगे वॉलपेपर को दिखाया. वॉलपेपर पर तीनों बेटियों के फोटो लगे हुए थे और फोटो पर तीनों बेटियों के कोरियन नाम लिखे हुए थे.

राहुल के मुताबिक, बालकनी में जगह काफी कम है. लड़कियों ने जाने देने से पहले बालकनी से अटैच रूम को अंदर से बंद कर लिया था. पुलिस जब मौके पर पहुंची तो कमरे का दरवाजा तोड़ा. कमरे में कोरियन गेम से संबंधित कई तरह के फोटोग्राफ को सर्कल बनाकर जमीन पर रखा हुआ मिला. पॉकेट साइज डायरी में लड़कियों ने जान देने के पीछे का कारण भी लिखी थीं. उसके ऊपर एक पर्ची बंधी हुई थी और पर्ची पर लिखा था, मम्मी पापा सारी.

वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि मृतक नाबालिग लड़कियों के पिता ने दो शादियां की थी. दोनों पत्नियों एक साथ ही फ्लैट में रहती थी. किसी प्रकार की दोनों पत्नियों में अनबन कभी नहीं दिखाई दी. दोनों पत्नियों में काफी प्यार था और दोनों एक साथ मिलजुल कर रहती थी.

डीसीपी ट्रांस हिंडन ने दी घटना की जानकारी

डीसीपी ट्रांस हिंडन निमिष पाटिल के मुताबिक, ”प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि तीनों नाबालिक लड़कियां कोरियन कल्चर से काफी ज्यादा प्रभावित थी. लड़कियों को पिछले कुछ दिनों से मोबाइल फोन इस्तेमाल करने के लिए मना किया गया था. ऐसा प्रतीत हो रहा है कि मोबाइल न मिलने से आहत होकर लड़कियों ने जान देने का निर्णय लिया.”

डीसीपी के मुताबिक, ”परिजनों से बातचीत करने पर पता चला है कि तीनों लड़कियां मोबाइल फोन का काफी ज्यादा प्रयोग कर रही थी. ऐसे में परिजनों द्वारा मोबाइल फोन का इस्तेमाल प्रतिबंधित किया गया था. जांच में सामने आया है कि तीनों लड़कियों के पास फिलहाल कोई अपना मोबाइल फोन नहीं था. अपने परिजनों के ही मोबाइल फोन लड़कियां कोरियन गेम खेलने के लिए इस्तेमाल करती थी. जांच में अभी तक किसी गेम या फिर गेमिंग एप्लीकेशन की बात सामने नहीं आई है. पूरे मामले में और जानकारी जुटाई जा रही है.”

”दो वर्षों से तीनों नाबालिग लड़कियों स्कूल नहीं जा रही थी. स्कूल न जाने की वजह से गेमिंग और कोरियाई कल्चर में काफी ज्यादा इंवॉल्व हो गई थी. सुसाइड नोट हमने प्राप्त किया है. सुसाइड नोट में लिखी तमाम चीजों की जांच की जाएगी. सुसाइड नोट को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा.”- निमिष पाटिल, डीसीपी ट्रांस हिंडन

जानकारी के मुताबिक, पानी पीने के बहाने तीनों नाबालिग लड़कियां अपने कमरे से बाहर निकली थी और बालकनी से अटैच कमरे में जान देने के लिए पहुंची. बालकनी में स्टॉल भी रखा हुआ था, जिसे देखकर प्रतीत होता है कि स्टूल पर खड़े होकर बालकनी से छलाँग लगाई गई है. बालकनी में एक बड़ा गमला रखा हुआ था जिसमें पेड़ लगा हुआ है. जो बालकनी की बीच में रखा गया था लेकिन जाने देने के लिए उस गमले को किनारे किया गया.

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