एफएनएन, चमोली : Badrinath मंदिर के चढ़ावे में कथित हेराफेरी के मामले की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। पुलिस द्वारा खंगाली गई सीसीटीवी फुटेज में आरोपी कर्मचारी के साथ कुछ अन्य कर्मचारियों की गतिविधियां भी संदिग्ध दिखाई देने के बाद जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि क्या इस पूरे मामले में एक से अधिक लोगों की भूमिका रही है।
जांच के दौरान पुलिस ने 25 जून की चढ़ावा गणना प्रक्रिया से जुड़ी सीसीटीवी रिकॉर्डिंग का बारीकी से परीक्षण किया। अधिकारियों के अनुसार, फुटेज में आरोपी के अलावा कुछ अन्य कर्मचारी भी गणना कक्ष में संदिग्ध गतिविधियां करते दिखाई दिए हैं। फिलहाल सभी संबंधित फुटेज को पुलिस ने अपने कब्जे में लेकर तकनीकी जांच शुरू कर दी है।
अलग-अलग दिनों की CCTV रिकॉर्डिंग से जोड़ी जा रही जांच की कड़ियां
पुलिस अब अन्य दिनों की रिकॉर्डिंग का भी विश्लेषण कर रही है ताकि पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सके। जांच अधिकारियों का मानना है कि अलग-अलग तारीखों की फुटेज की तुलना करने से यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि संदिग्ध गतिविधियां किसी एक दिन तक सीमित थीं या लगातार हो रही थीं।
बताया जा रहा है कि 27 जून से बदरीनाथ मंदिर परिसर में हाई रेजोल्यूशन सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे। इससे पहले लगे कैमरों की गुणवत्ता अपेक्षाकृत कम थी। ऐसे में पुलिस पुराने और नए दोनों प्रकार के फुटेज का गहन परीक्षण कर रही है ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि को नजरअंदाज न किया जाए।
पुलिस उपाधीक्षक मदन सिंह बिष्ट ने कहा कि जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनकी निष्पक्ष और गहन जांच की जाएगी। साथ ही अन्य तकनीकी और दस्तावेजी साक्ष्य भी जुटाए जा रहे हैं।
बीकेटीसी सीईओ बोले- रिकॉर्डिंग उपलब्ध कराने में हमारी ओर से कोई चूक नहीं
बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के मुख्य कार्याधिकारी (सीईओ) सोहन सिंह रांगड़ ने कहा कि समिति की ओर से सीसीटीवी रिकॉर्डिंग उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती गई है। उन्होंने बताया कि मंदिर परिसर में लंबे समय से सीसीटीवी निगरानी की व्यवस्था है और एक समय में 15 से 16 कैमरे संचालित रहते हैं।
उन्होंने कहा कि समिति को जब भी किसी तरह की शिकायत मिलती है, तत्काल कार्रवाई की जाती है। इस मामले में भी पुलिस जांच में पूरा सहयोग दिया जा रहा है। रांगड़ ने कहा कि अब पूरे मामले की सच्चाई पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।








