एफएनएन, देहरादून : Uttarakhand का लोकपर्व हरेला इस वर्ष भी पूरे उत्साह और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया। प्रकृति, हरियाली और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने वाले इस पर्व के अवसर पर प्रदेशभर में सरकारी विभागों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों ने बड़े पैमाने पर पौधारोपण किया। विभिन्न जिलों में लोगों ने पौधे लगाकर उनके संरक्षण का संकल्प भी लिया।
हरिद्वार और चमोली में बड़े स्तर पर चला अभियान
हरिद्वार के बैरागी कैंप स्थित नगर वन में वन विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम में जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल, एसएसपी प्रमेन्द्र सिंह डोबाल, डीएफओ वैभव कुमार सिंह सहित जनप्रतिनिधियों ने अपने नाम से पौधे लगाए और उनकी देखरेख की जिम्मेदारी भी ली। जिलाधिकारी ने बताया कि नगर वन को करीब साढ़े चार करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया जाएगा ताकि यह आम लोगों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बन सके।
वहीं चमोली जिले में हरेला पर्व के अवसर पर व्यापक पौधारोपण अभियान की शुरुआत हुई। राजकीय पॉलिटेक्निक रौली ग्वाड़ में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह सहित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने अखरोट, अनार, हरड़, बहेड़ा, चंदन समेत विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए। जिले में इस वर्ष करीब 1.30 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
विकासनगर और रामनगर में भी पर्यावरण संरक्षण का संदेश
विकासनगर-कालसी क्षेत्र में तहसीलदार सोहन सिंह राघंड़ के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम ने ग्राम पंचायत अलसी में लगभग 150 पौधे लगाए। अधिकारियों ने कहा कि हरेला केवल एक पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी का प्रतीक है और आने वाले दिनों में भी पौधारोपण अभियान जारी रहेगा।
उधर रामनगर में भी हरेला पर्व के अवसर पर बच्चों, बुजुर्गों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने वन विभाग परिसर के बाहर नवग्रह वाटिका के पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस दौरान बच्चों को पौधारोपण का महत्व समझाया गया और सभी से अधिक से अधिक पेड़ लगाने तथा उनकी देखभाल करने का आह्वान किया गया। पूरे प्रदेश में हरेला पर्व के माध्यम से हरियाली बढ़ाने और प्रकृति संरक्षण का संदेश प्रमुखता से दिया गया।






