एफएनएन, नई दिल्ली : Cheque Bounce बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव को चेक बाउंस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। शुक्रवार को अदालत ने निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखते हुए उनकी याचिका खारिज कर दी। इसके साथ ही सातों चेक बाउंस मामलों में सुनाई गई सजा को भी कायम रखा गया।
दिल्ली हाईकोर्ट की जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की पीठ ने कहा कि राजपाल यादव को अदालत में दिए गए अपने आश्वासन (अंडरटेकिंग) का पालन करने के लिए कई अवसर दिए गए, लेकिन उन्होंने बार-बार मौका मिलने के बावजूद उसका पालन नहीं किया। इसी आधार पर अदालत ने उनकी दोषसिद्धि को बरकरार रखा।
अदालत ने सातों मामलों में तीन-तीन महीने के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। हालांकि सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी, इसलिए अभिनेता को कुल तीन महीने की जेल काटनी होगी। इसके अलावा प्रत्येक मामले में 1.05 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है। सातों मामलों में कुल जुर्माना 7.35 करोड़ रुपये बनता है, जिसमें अधिकांश राशि शिकायतकर्ता को और शेष राज्य को दी जाएगी।
यह मामला वर्ष 2010 में बनी फिल्म ‘अता पता लापता’ से जुड़ा है। फिल्म के निर्माण के लिए राजपाल यादव ने लगभग 5 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता ली थी। भुगतान न होने और चेक बाउंस होने के बाद मामला अदालत पहुंचा। समय के साथ ब्याज और अन्य देनदारियों के कारण विवादित राशि बढ़कर करीब 9 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।
इससे पहले भी इसी मामले में राजपाल यादव को जेल जाना पड़ा था। बाद में उन्हें अंतरिम राहत मिली थी, लेकिन अंतिम सुनवाई में हाईकोर्ट ने उनकी याचिका खारिज करते हुए निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखा।








