03
Gemini_Generated_Image_yb399pyb399pyb39
WhatsApp Image 2026-08-14 at 9.45.28 AM
previous arrow
next arrow
Shadow

LUCC chitfund घोटाले में CBI का बड़ा एक्शन, 18 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल

एफएनएन, देहरादून : LUCC chitfund उत्तराखंड के चर्चित LUCC (लोनी अर्बन मल्टी स्टेट क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट कोऑपरेटिव सोसाइटी) चिटफंड घोटाले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए देहरादून स्थित विशेष BUDS कोर्ट में 18 आरोपियों और एक संस्था के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है। इस कार्रवाई के बाद मामले में शामिल आरोपियों की कानूनी मुश्किलें और बढ़ गई हैं।

सीबीआई ने आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता (IPC), भारतीय न्याय संहिता (BNS), उत्तराखंड जमाकर्ताओं के हित संरक्षण अधिनियम और अनियमित जमा योजनाओं पर प्रतिबंध अधिनियम, 2019 की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है। एजेंसी का कहना है कि मामले में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच जारी है।

जांच के अनुसार, वर्ष 2025 में उत्तराखंड हाईकोर्ट के निर्देश पर राज्य के अलग-अलग थानों में दर्ज 18 एफआईआर सीबीआई को सौंपी गई थीं। इसके बाद 26 नवंबर 2025 को एजेंसी ने केस दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि इस कथित घोटाले के जरिए करीब एक लाख निवेशकों से लगभग 800 करोड़ रुपये जुटाए गए, जबकि 400 करोड़ रुपये से अधिक की राशि निवेशकों को वापस नहीं मिल सकी।

सीबीआई के मुताबिक, वर्ष 2012 में गठित LUCC सोसायटी का नियंत्रण 2016 में समीर अग्रवाल ने संभाला और नई बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स का गठन किया। इसके बाद उत्तराखंड में 50 से अधिक शाखाओं के माध्यम से कथित तौर पर अवैध निवेश योजनाएं चलाई गईं। जांच में यह भी सामने आया कि संस्था का कोई वास्तविक व्यावसायिक आधार नहीं था और पुराने निवेशकों को भुगतान नए निवेशकों से जुटाई गई रकम से किया जाता था। इसी वजह से जांच एजेंसी ने इसे पोंजी स्कीम माना है।

सीबीआई का दावा है कि मुख्य आरोपी समीर अग्रवाल ने शेल कंपनियों के जरिए निवेशकों की रकम को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कराया। जांच में यह भी सामने आया कि समीर अग्रवाल और उसकी पत्नी सानिया अग्रवाल विदेश फरार हैं। दोनों के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर और अन्य कानूनी नोटिस जारी किए जा चुके हैं।

जांच में शादाब हुसैन, उत्तम कुमार सिंह राजपूत और दिनेश सिंह की भूमिका भी महत्वपूर्ण पाई गई है। वहीं, तरुण कुमार मौर्य, गौरव उर्फ गौरव रोहिल्ला और ममता भंडारी पर शाखाओं से नकद राशि इकट्ठा कर उसे अलग-अलग स्थानों तक पहुंचाने का आरोप है, जिससे बैंकिंग ट्रेल से बचा जा सके।

सीबीआई के अनुसार, सुशील कुमार गोखरू, किशनलाल उदयलाल जैन और पंकज कुशल सिंह जैन ने मुंबई में कई शेल फर्मों के बैंक खाते खुलवाकर निवेशकों की रकम को विभिन्न खातों में ट्रांसफर और डायवर्ट करने में अहम भूमिका निभाई।

जांच के दौरान एजेंसी ने उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में आरोपियों से जुड़ी 39 संपत्तियों की पहचान की है। इनमें से 29 संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क की जा चुकी हैं, जबकि शेष संपत्तियों को कुर्क करने की प्रक्रिया जारी है।

अब तक सीबीआई इस मामले में सात आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिनमें तरुण कुमार मौर्य, ममता भंडारी, गौरव उर्फ गौरव रोहिल्ला, राजेंद्र सिंह बिष्ट, सुशील कुमार गोखरू, किशनलाल उदयलाल जैन और पंकज कुशल सिंह जैन शामिल हैं। सभी आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। एजेंसी का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और आगे भी नए खुलासे हो सकते हैं।

Hot this week

Uttarakhand में फिर बदलेगा मौसम, ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के आसार

एफएनएन , देहरादून : उत्तराखंड में मौसम लगातार बदल...

Topics

Uttarakhand में फिर बदलेगा मौसम, ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के आसार

एफएनएन , देहरादून : उत्तराखंड में मौसम लगातार बदल...

Kedarnath यात्रा कॉरिडोर में पर्यावरण उल्लंघन के आरोप, NGT ने उत्तराखंड सरकार से मांगा जवाब

एफएनएन , देहरादून : उत्तराखंड के सोनप्रयाग-गौरीकुंड-केदारनाथ तीर्थयात्रा कॉरिडोर...
spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img