एफएनएन , नई दिल्ली : कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के ऐलान के बाद राजधानी दिल्ली में रविवार को लगातार दूसरे दिन सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही। लुटियंस दिल्ली और कनॉट प्लेस में पुलिस तथा अर्धसैनिक बलों की तैनाती बढ़ाई गई। इस दौरान कनॉट प्लेस में प्रदर्शन करने पहुंचे कुछ लोगों को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया।
प्रमुख सड़कों पर बैरिकेडिंग और पुलिस की सख्ती के चलते कई इलाकों में आवाजाही प्रभावित रही। सुरक्षा कारणों से कनॉट प्लेस के बाजारों और मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश द्वारों पर भी पाबंदियां लगाई गईं। हालांकि, इन व्यवस्थाओं का असर अलग-अलग स्थानों पर अलग समय पर देखने को मिला।
धारा 163 लागू, सार्वजनिक जमावड़े पर पाबंदी
CJP के प्रस्तावित आंदोलन को देखते हुए दिल्ली में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू होने की जानकारी दी गई है। इसके तहत प्रशासन की ओर से निर्धारित प्रतिबंधों के अनुसार सार्वजनिक सभाओं और भीड़ जुटाने पर रोक लगाई गई है।
दिल्ली पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी है। पुलिसकर्मी प्रमुख चौराहों, बाजारों और रास्तों पर निगरानी कर रहे हैं, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
कनॉट प्लेस में पुलिस की सख्ती, लाउडस्पीकर से घोषणाएं
दिल्ली के प्रमुख व्यावसायिक केंद्र कनॉट प्लेस में एहतियात के तौर पर भारी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई। पुलिसकर्मी आने-जाने वाले वाहनों और लोगों पर नजर रख रहे हैं।
लाउडस्पीकर के जरिए आम लोगों और दुकानदारों को लागू प्रतिबंधों की जानकारी दी जा रही है। लोगों से नियमों का पालन करने और प्रतिबंधित क्षेत्रों में भीड़ जमा नहीं करने की अपील की जा रही है।
जंतर-मंतर की ओर जाने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग
प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर तक पहुंचने से रोकने के लिए कई प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग की गई। कुछ रास्तों पर वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित या नियंत्रित रही। दिल्ली पुलिस ने लोहे और कंक्रीट के बैरिकेड लगाकर सुरक्षा के कई स्तर तैयार किए हैं।
इन व्यवस्थाओं के चलते आसपास के इलाकों में यातायात प्रभावित हुआ। आम नागरिकों, व्यापारियों और कामकाजी लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में परेशानी का सामना करना पड़ा।
मेट्रो और रेल सेवाओं पर असर, यात्रियों की बढ़ी परेशानी
रिपोर्ट के मुताबिक, सुरक्षा व्यवस्था के तहत दिल्ली मेट्रो के 57 स्टेशनों को बंद किए जाने की जानकारी सामने आई। पाबंदियों के सोमवार को भी जारी रहने की बात कही गई है। मेट्रो सेवाओं से जुड़ी ऐसी जानकारी के लिए यात्रियों को दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) की आधिकारिक अपडेट देखने की सलाह दी जाती है।
इसके अलावा, कुछ बड़े रेलवे स्टेशनों से ट्रेनों के रद्द होने की भी खबर दी गई। इससे यात्रियों को असुविधा हुई। हालांकि, किन ट्रेनों को रद्द किया गया और किन स्टेशनों पर सेवाएं प्रभावित हुईं, इसकी अलग से पुष्टि जरूरी है।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग
CJP का यह आंदोलन मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर किया जा रहा है। पार्टी के प्रदर्शन के ऐलान के बाद दिल्ली पुलिस ने राजधानी के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की है।
पुलिस प्रशासन का जोर कानून-व्यवस्था बनाए रखने और प्रतिबंधित क्षेत्रों में भीड़ जुटने से रोकने पर है। वहीं, बैरिकेडिंग, यातायात प्रतिबंधों और सार्वजनिक परिवहन पर पाबंदियों के कारण आम लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था पर सबकी नजर
CJP के आंदोलन और पुलिस की सख्ती के बीच राजधानी में स्थिति पर नजर रखी जा रही है। आने वाले समय में यातायात और मेट्रो सेवाओं पर लगी पाबंदियां कब हटेंगी, यह प्रशासन की अगली सूचना पर निर्भर करेगा। यात्रियों को घर से निकलने से पहले मेट्रो, रेलवे और ट्रैफिक पुलिस की आधिकारिक एडवाइजरी जांचने की सलाह दी जाती है।
संपादकीय नोट : प्रकाशन से पहले 57 मेट्रो स्टेशनों के बंद होने, ट्रेनों के रद्द होने और सोमवार तक प्रतिबंध जारी रहने की जानकारी की आधिकारिक पुष्टि कर लें।








