03
Gemini_Generated_Image_yb399pyb399pyb39
previous arrow
next arrow
Shadow

कस्टम और क्राइम ब्रांच अधिकारी बनकर लोगों से की करोड़ों की ठगी, अब जेल में कटेगी जिंदगी

Spread the love

एफएनएन, देहरादून: कस्टम डिपार्टमेंट और क्राइम ब्रांच मुंबई के नाम से धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के एक और सदस्य को उत्तराखंड एसटीएफ ने बहराइच (उत्तर प्रदेश) से गिरफ्तार किया है. आरोपी पटना, बेंगलुरु और तमिलनाडु में करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी कर चुका है, जिससे उसके खिलाफ धोखाधड़ी के कई केस दर्ज हैं. इससे पहले इस मामले में गिरोह के 4 सदस्य गिरफ्तार हो चुके हैं.

बता दें कि कुछ दिन पहले साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में देहरादून निवासी वरिष्ठ नागरिक ने शिकायत दर्ज कराई थी. जिसमें बताया था कि अज्ञात साइबर अपराधियों द्वारा उसके मोबाइल पर संपर्क कर खुद को FEDEX कोरियर कंपनी और CRIME BRANCH MUMBAI अंधेरी से बताया गया. इसके बाद मुंबई कस्टम द्वारा पीड़ित के नाम से अवैध पासपोर्ट और क्रेडिट कार्ड सीज करने की जानकारी दी गई और मुंबई क्राइम ब्रांच अंधेरी से संपर्क करवाकर पीड़ित को स्काइप ऐप पर जोड़ा गया.

उसके बाद वीडियो कॉल पर पुलिस थाना दर्शाकर पार्सल के संबंध में मनी लॉन्ड्रिंग, ड्रग्स तस्करी, पहचान छुपाने के संबंध में फर्जी नोटिस भेजकर पीड़ित के नाम से चल रहे खातों में 38 मिलियन का अवैध ट्रांजेक्शन होना बताया गया. ऐसे में पासपोर्ट कार्यालय और मुंबई क्राइम ब्रांच से क्लीयरेंस प्रदान करने का झांसा देकर और जांच के नाम पर पीड़ित से 1 करोड़ 13 लाख रुपए की ठगी की गई.

पीड़ित की शिकायत के आधार पर साइबर क्राइम पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया. इसके बाद आरोपियों की गिरफ्तारी करने के लिए गठित टीम ने घटना में प्रयोग मोबाइल नंबर और संबंधित खातों की जानकारी की. जिसके बाद अपराध में शामिल 3 आरोपियों को कोटा राजस्थान से गिरफ्तार किया गया था. उसके बाद टीम ने आरोपियों द्वारा पीड़ित को जो खाता संख्या और मोबाइल नंबर दिए थे, उसके बारे में जानकारी ली और एक अन्य आरोपी को बहराइच (उत्तर प्रदेश) से गिरफ्तार किया.

 

एसएसपी एसटीएफ आयुष अग्रवाल ने बताया कि आरोपी द्वारा कोरियर कंपनी, कस्टम डिपार्टमेंट और मुंबई क्राइम ब्रांच का अधिकारी बनकर लोगों से मुंबई कस्टम द्वारा अवैध पासपोर्ट, अवैध ड्रग्स और क्रेडिट कार्ड सीज करने की जानकारी देकर लोगों को मनी लांड्रिंग, ड्रग्स तस्करी का संदिग्ध बताया जाता था. इसके बाद लोगों को फर्जी नोटिस भेजकर केस का निपटारा करने के नाम पर धोखाधड़ी की जाती थी. उन्होंने कहा कि आरोपियों ने देश के अलग-अलग हिस्सों से लोगों को मनी लांड्रिंग, ड्रग्स तस्करी का संदिग्ध बताकर धोखाधड़ी की है.

Hot this week

Rahul Gandhi के कार्यक्रम के बाद सियासत तेज, कांग्रेस ने भाजपा पर लगाए आरोप

एफएनएन, देहरादून : Rahul Gandhi देहरादून में 17 जुलाई को...

Jantar Mantar 20 जुलाई के प्रस्तावित संसद मार्च को लेकर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क

एफएनएन, नई दिल्ली : प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार 20 जुलाई...

Dehradun-ऋषिकेश सड़क परियोजना में पेड़ों की कटाई पर लगी रोक

एफएनएन, देहरादून : Dehradun भनियावाला से ऋषिकेश के बीच...

Dineshpur में झाड़ियों के बीच मिला युवक का शव, इलाके में फैली सनसनी

एफएनएन, रुद्रपुर : Dineshpur उधम सिंह नगर जिले के...

Topics

Jantar Mantar 20 जुलाई के प्रस्तावित संसद मार्च को लेकर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क

एफएनएन, नई दिल्ली : प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार 20 जुलाई...

Dehradun-ऋषिकेश सड़क परियोजना में पेड़ों की कटाई पर लगी रोक

एफएनएन, देहरादून : Dehradun भनियावाला से ऋषिकेश के बीच...

Mosques लाउडस्पीकर हटाने की कार्रवाई के विरोध में मुस्लिम समुदाय का प्रदर्शन

एफएनएन, देहरादून : Mosques से लाउडस्पीकर हटाने की प्रशासनिक...
spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img