एफएनएन, देहरादून : Champawat प्रकरण को लेकर कांग्रेस ने राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस नेताओं ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए सरकार पर पूरे प्रकरण में लीपापोती करने का आरोप लगाया है।
कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता डॉ. प्रतिमा सिंह ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) को शिकायत पत्र भेजकर मामले की न्यायिक जांच कराने की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि जब से इस मामले में सत्ताधारी दल से जुड़े नेता का नाम सामने आया है, तब से पूरे मामले को नया मोड़ देने की कोशिश की जा रही है।
प्रतिमा सिंह ने पुलिस जांच पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यदि पुलिस यह दावा कर रही है कि मामला साजिश था, तो फिर एफआईआर, मेडिकल रिपोर्ट और पीड़िता के मजिस्ट्रेट के सामने दिए गए बयान क्या कहते हैं ? उन्होंने सवाल उठाया कि जांच पूरी होने से पहले पुलिस किस आधार पर निष्कर्ष निकाल सकती है।
उन्होंने यह भी कहा कि पीड़िता के 70 वर्षीय दिव्यांग पिता को साजिश में शामिल बताना बेहद गंभीर और संवेदनशील मामला है। कांग्रेस नेता ने पीड़िता और उसके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की।
वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप ने भी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि अगर नाबालिग के साथ कोई अपराध नहीं हुआ तो यह अच्छी बात है, लेकिन जिस तरह से मामले में पुलिस अधिकारियों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बयान दिए हैं, उससे कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
उन्होंने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की और कहा कि इस संबंध में उन्होंने राज्यपाल से मिलने का समय भी मांगा है। धीरेंद्र प्रताप ने अंकिता भंडारी मामले का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अपराध लगातार बढ़ रहे हैं और सरकार इन घटनाओं को रोकने में नाकाम साबित हो रही है।
कांग्रेस नेताओं ने NCRB रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों में उत्तराखंड हिमालयी राज्यों में शीर्ष पर पहुंच गया है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि महिला अपराधों में कई मामलों में भाजपा नेताओं के नाम सामने आना चिंताजनक है।






