03
Gemini_Generated_Image_yb399pyb399pyb39
WhatsApp Image 2026-08-14 at 9.45.28 AM
previous arrow
next arrow
Shadow

उत्तराखंड में बढ़ता जा रहा ब्लैक फंगस का कहर, अब तक 2 लोगों की मौत

Spread the love

एफएनएन, देहरादून: उत्तराखंड में म्यूकोर्मिकोसिस या “ब्लैक फंगस” से मौत का दूसरा मामला सामने आया है. ऋषिकेश के एम्स में 72 वर्षीय महिला की इस बीमारी से मृत्यु हो गयी. एक वरिष्ठ डॉक्टर ने बुधवार को यह जानकारी दी. अस्पताल में ब्लैक फंगस रोगियों का इलाज कर रहे डॉक्टरों के दल का नेतृत्व कर रहे ईएनटी सर्जन अमित त्यागी ने बताया कि उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ की रहने वाली महिला की मंगलवार को उपचार के दौरान मृत्यु हो गयी. इससे पहले गत शुक्रवार को ऋषिकेश एम्स में ही 36 साल के एक व्यक्ति की इस बीमारी से जान चली गयी थी.

त्यागी ने बताया कि इस बीच ब्लैक फंगस के लक्षण के साथ पांच और रोगियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और अब तक एम्स में इस बीमारी के कुल 30 रोगियों को भर्ती किया जा चुका है जिनमें से दो की मृत्यु हो गयी. उन्होंने बताया कि संक्रमण से ठीक होने के बाद 81 वर्ष की एक महिला को अस्पताल से छुट्टी दी गयी है. उत्तराखंड में ब्लैक फंगस के अब तक कुल 38 मामले सामने आये हैं. इस बीच राज्य सरकार ने इस बीमारी के उपचार में इस्तेमाल होने वाले एम्फोटेरिसिन-बी इंजेक्शन के उचित उपयोग के आदेश जारी किये हैं.

डायबिटीज से पीड़ित कोविड​​​​-19 (Covid-19) रोगियों को जिन्हें इलाज के दौरान स्टेरॉयड दिया जा रहा है, उनमें म्यूकोर्मिकोसिस या “ब्लैक फंगस” (Mucormycosis or “black fungus) से प्रभावित होने की आशंका अधिक होती है. अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने बताया कि कई अस्पताल इस दुर्लभ लेकिन घातक संक्रमण में वृद्धि की रिपोर्ट कर रहे हैं. उन्होंने कहा, “म्यूकोर्मिकोसिस बीजाणु मिट्टी, हवा और यहां तक ​​कि भोजन में भी पाए जाते हैं लेकिन वे कम विषाणु वाले होते हैं और आमतौर पर संक्रमण का कारण नहीं बनते हैं. कोविड-19 से पहले इस संक्रमण के बहुत कम मामले थे. अब कोविड के कारण बड़ी संख्या में इसके मामले सामने आ रहे हैं.”

स्टेरॉयड के दुरुपयोग से बढ़ता है खतरा

ब्लैक फंगस के मामलों के पीछे एक प्रमुख कारण के रूप में “स्टेरॉयड के दुरुपयोग” को चिह्नित करते हुए, डॉ गुलेरिया ने अस्पतालों से संक्रमण नियंत्रण प्रथाओं के प्रोटोकॉल का पालन करने का आग्रह किया है क्योंकि माध्यमिक संक्रमण – फंगल और बैक्टीरिया – को COVID-19 मामलों में तेजी से देखा जा सकता है, जिससे अधिक मौतें होती हैं. डॉ गुलेरिया ने कहा, “इस संक्रमण के पीछे स्टेरॉयड का दुरुपयोग एक प्रमुख कारण है. मधुमेह, कोविड पॉजिटिव और स्टेरॉयड लेने वाले रोगियों में फंगल संक्रमण की संभावना बढ़ जाती है. इसे रोकने के लिए, हमें स्टेरॉयड के दुरुपयोग को रोकना चाहिए.”

चेहरे, नाक, आंख या मस्तिष्क को प्रभावित कर सकता है

उन्होंने कहा, “म्यूकोर्मिकोसिस चेहरे, नाक, आंख या मस्तिष्क को प्रभावित कर सकता है, जिससे दृष्टि हानि भी हो सकती है. यह फेफड़ों में भी फैल सकता है.” शुक्रवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन ने ब्लैक फंगस पर जागरूकता फैलाने के लिए एक ट्वीट किया, जिसमें इसके कई पहलुओं की अहम जानकारी दी गई है.

Hot this week

CM Championship Trophy में नया रिकॉर्ड, 2.35 लाख से ज्यादा खिलाड़ियों ने कराया पंजीकरण

एफएनएन, देहरादून : CM Championship Trophy उत्तराखंड में मुख्यमंत्री...

CM Dhami बारिश के बीच पहुंचे रुद्रपुर, छात्रों से की मुलाकात

एफएनएन, रुद्रपुर : CM Dhami उधम सिंह नगर के...

Topics

CM Championship Trophy में नया रिकॉर्ड, 2.35 लाख से ज्यादा खिलाड़ियों ने कराया पंजीकरण

एफएनएन, देहरादून : CM Championship Trophy उत्तराखंड में मुख्यमंत्री...

Uttarakhand में स्वाइन फ्लू का बढ़ता खतरा, 52 मरीज संक्रमित; 16 का इलाज जारी

एफएनएन, देहरादून : Uttarakhand में स्वाइन फ्लू यानी इंफ्लुएंजा...

Tibet से आई बाढ़ ने मचाई तबाही, नेपाल में 105 भारतीय समेत 384 लोग लापता

एफएनएन, काठमांडू : Tibet उत्तरी नेपाल में बुधवार सुबह...
spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img