पैतृक जमीन विवाद में युवक की हत्या: आरोपी पिता की दोहरी पहचान और संपत्ति विवाद की परतें उजागर
एफएनएन, मेरठ: Meerut के खरखौदा क्षेत्र में पैतृक जमीन के विवाद को लेकर हुई 24 वर्षीय तुषार त्यागी की हत्या के मामले में जांच के दौरान कई नए तथ्य सामने आए हैं। पुलिस और परिजनों के अनुसार, मुख्य आरोपी सुंदर त्यागी लंबे समय से अपने मूल गांव और जिले से दूर रह रहा था तथा देहरादून में कथित तौर पर दूसरी पहचान के साथ प्रॉपर्टी कारोबार कर रहा था। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि घटना में इस्तेमाल की गई थार गाड़ी और लाइसेंसी पिस्टल कथित रूप से “विकास सुमन” नाम से पंजीकृत हैं। पुलिस अब इस पहचान और उससे जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है।
बहन की सूचना के बाद खुला मामला
पुलिस के अनुसार, सोमवार देर रात तुषार की बहन मोना ने पुलिस को फोन कर अपने भाई की हत्या की सूचना दी थी। इसके बाद तुषार की पत्नी शिखा की शिकायत पर कई लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। शिकायत में कहा गया कि घटना वाली रात तुषार को फोन कर मिलने के लिए बुलाया गया था। बाद में उसने अपने परिवार को फोन कर आशंका जताई कि कुछ लोग उसे सुनसान स्थान पर ले जा रहे हैं और उसकी जान को खतरा हो सकता है। इसके कुछ समय बाद उसका मोबाइल बंद हो गया। बाद में उसका शव मेरठ-बुलंदशहर हाईवे स्थित कैली अंडरपास सर्विस रोड पर उसकी स्कॉर्पियो गाड़ी से बरामद हुआ।
पुलिस ने दो आरोपियों को भेजा जेल
पुलिस ने जांच के बाद सुंदर त्यागी और उसके कथित सहयोगी अमित वेदवान को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। वहीं, मामले में नामजद अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस की टीमें देहरादून में भी जांच कर रही हैं और घटना में इस्तेमाल हथियार की बरामदगी के प्रयास किए जा रहे हैं।
जमीन विवाद को बताया हत्या की वजह
पुलिस पूछताछ में आरोपी सुंदर त्यागी ने कथित रूप से बताया कि परिवार की कृषि भूमि को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। उसके अनुसार, परिवार की कुछ जमीन उसकी मां के नाम दर्ज है और इसी संपत्ति को बेचने को लेकर मतभेद बढ़ गए थे। पुलिस का दावा है कि इसी विवाद ने हत्या की घटना को जन्म दिया।
अभी तक बरामद नहीं हुई लाइसेंसी पिस्टल
हालांकि पुलिस ने मामले का खुलासा कर दिया है, लेकिन घटना में इस्तेमाल की गई लाइसेंसी पिस्टल अब तक बरामद नहीं हो सकी है। जांच एजेंसियां हथियार की तलाश में जुटी हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपियों को साथ लेकर घटनास्थल का पुनर्निर्माण (क्राइम सीन रीक्रिएशन) भी कराया गया है।
परिजनों ने पुलिस की थ्योरी पर उठाए सवाल
दूसरी ओर, मृतक तुषार के परिजनों ने पुलिस के खुलासे पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि सुंदर त्यागी गंभीर बीमारियों से ग्रस्त हैं और शारीरिक रूप से काफी कमजोर हैं। ऐसे में वह स्वयं हत्या जैसी वारदात को अंजाम देने की स्थिति में नहीं थे। परिजनों का आरोप है कि इस मामले में अन्य लोगों की भूमिका की भी गहन जांच होनी चाहिए और पूरी साजिश का पर्दाफाश होना बाकी है।
देहरादून कनेक्शन भी जांच के दायरे में
परिजनों ने पुलिस को बताया है कि सुंदर त्यागी पिछले कई वर्षों से देहरादून में रह रहा था और वहीं उसका नया सामाजिक व कारोबारी नेटवर्क विकसित हुआ। परिवार के सदस्यों का दावा है कि आरोपी अपने निजी जीवन और संपत्तियों को लेकर कई बातें परिवार से छिपाकर रखता था। पुलिस अब इन दावों की भी पड़ताल कर रही है। फिलहाल पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। हथियार की बरामदगी, फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और संपत्ति विवाद से जुड़े दस्तावेजों की जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी।







