एफएनएन, जेईई एडवांस्ड 2026: JEE-Advance से जुड़ी कथित डेटा सुरक्षा खामी सामने आने के बाद शिक्षा जगत और प्रशासनिक स्तर पर हलचल तेज हो गई है। परीक्षा के संचालन से जुड़े संस्थानों और केंद्रीय मंत्रालय के बीच मामले को लेकर गंभीर मंथन हुआ, जिसके बाद सुरक्षा खामी को दूर करने का दावा किया गया है।
जानकारी के अनुसार जेईई एडवांस्ड 2026 के लिए आईआईटी रुड़की नोडल संस्थान की भूमिका निभा रहा है, जबकि परीक्षा से संबंधित अधिकांश तकनीकी डेटा और एक्सेस नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) के पास उपलब्ध है। सूत्रों का कहना है कि सुरक्षा कारणों से आईआईटी में भी केवल सीमित अधिकारियों को ही परीक्षा से जुड़े कुछ हिस्सों तक पहुंच प्रदान की गई थी।
मामले ने तब तूल पकड़ा जब एक साइबर सुरक्षा शोधकर्ता ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि परीक्षा से संबंधित बड़ी संख्या में छात्रों के रिकॉर्ड और एडमिट कार्ड बिना उचित प्रमाणीकरण के एक्सेस किए जा सकते थे। इस दावे के बाद केंद्रीय स्तर पर मामले की समीक्षा शुरू हुई और संबंधित एजेंसियों के बीच लगातार बैठकें हुईं।
सूत्रों के मुताबिक, देर रात तक चली चर्चाओं के बाद यह निर्णय लिया गया कि मामले पर प्रतिक्रिया सोशल मीडिया के माध्यम से जारी की जाए। इसके बाद आईआईटी रुड़की ने ऑनलाइन पोस्ट साझा करते हुए सुरक्षा खामी की ओर ध्यान दिलाने वाले शोधकर्ता का धन्यवाद किया और बताया कि समस्या का प्राथमिकता के आधार पर समाधान कर दिया गया है।
संस्थान की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया कि जिस स्थान पर डेटा संग्रहीत था, वह केवल “रीड ओनली” मोड में था। ऐसे में रिकॉर्ड में किसी प्रकार के बदलाव, छेड़छाड़ या संशोधन की संभावना नहीं थी। हालांकि संस्थान ने इस विषय पर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
शिक्षा क्षेत्र में हाल के वर्षों में विभिन्न राष्ट्रीय परीक्षाओं को लेकर उठे विवादों के मद्देनजर इस मामले को भी संवेदनशील माना जा रहा है। इसी कारण संबंधित एजेंसियों ने सतर्कता बरतते हुए सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की और तकनीकी खामी को तत्काल ठीक करने के कदम उठाए।
फिलहाल परीक्षा प्रबंधन से जुड़े संस्थान यह सुनिश्चित करने में जुटे हैं कि भविष्य में छात्रों की जानकारी और परीक्षा डेटा की सुरक्षा को लेकर किसी तरह की आशंका न रहे।







