एफएनएन, देहरादून : Former Mla Suresh Rathore देहरादून की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) अदालत ने पूर्व विधायक सुरेश राठौर को जमानत दे दी है। सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक ऑडियो-वीडियो और पोस्ट प्रसारित करने से जुड़े मामले में उनकी गिरफ्तारी हुई थी। अदालत ने उन्हें एक लाख रुपये के निजी मुचलके और समान राशि के दो जमानतदार पेश करने की शर्त पर रिहा करने के आदेश दिए हैं।
जांच में सहयोग का तर्क, कोर्ट ने माना उचित
जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने अदालत को बताया कि सुरेश राठौर लगातार जांच में सहयोग कर रहे थे और उन्हें पहले नोटिस देकर छोड़ा भी गया था। बचाव पक्ष ने यह भी दलील दी कि मामले में लगाई गई अधिकांश धाराएं जमानती प्रकृति की हैं। वहीं अभियोजन पक्ष ने जमानत का विरोध करते हुए मामले की गंभीरता और जारी जांच का हवाला दिया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और रिकॉर्ड का अवलोकन करने के बाद अदालत ने जमानत देने का फैसला सुनाया।
अंकिता भंडारी प्रकरण से जुड़े ऑडियो-वीडियो के बाद बढ़ा था विवाद
यह मामला उस समय चर्चा में आया था जब सुरेश राठौर और अभिनेत्री उर्मिला सनावर से जुड़े कुछ ऑडियो-वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। आरोप है कि इन सामग्रियों में कुछ राजनीतिक नेताओं को लेकर आपत्तिजनक और छवि को नुकसान पहुंचाने वाली बातें कही गई थीं। इसके बाद देहरादून और हरिद्वार के विभिन्न थानों में मुकदमे दर्ज हुए थे। पुलिस ने 14 जून को सुरेश राठौर को हिरासत में लेकर गिरफ्तार किया था और बाद में उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। हाल ही में नैनीताल हाईकोर्ट ने दर्ज चार एफआईआर में से दो को निरस्त किया था, जबकि अन्य मामलों में जांच जारी रखने की अनुमति दी गई थी। अब अदालत से जमानत मिलने के बाद सुरेश राठौर को बड़ी कानूनी राहत मिली है।







