Friday, March 27, 2026
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Homeराज्यउत्तर प्रदेश"हिन्दी ग़ज़ल के राजकुमार थे दुष्यंत: डॉ. नाज़"

“हिन्दी ग़ज़ल के राजकुमार थे दुष्यंत: डॉ. नाज़”


मानव सेवा क्लब और शब्दांगन के समारोह में मुरादाबाद के शायर डॉ. कृष्ण कुमार नाज़ को दिया गया दुष्यंत स्मृति सम्मान

एफएनएन ब्यूरो, बरेली। मानव सेवा क्लब एवं साहित्यिक संस्था शब्दागन के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को नॉवल्टी चौराहा स्थित उपजा सभागार में सदी के महान ग़ज़लकार दुष्यंत कुमार की 91वीं जयंती पर विचार गोष्ठी और सम्मान समारोह आयोजित किया गया। समारोह में हिन्दी ग़ज़ल के विकास में विशेष योगदान के लिए मुरादाबाद के वरिष्ठ ग़ज़लकार डॉ. कृष्ण कुमार नाज़ को 11वां दुष्यंत कुमार स्मृति साहित्य सम्मान प्रदान किया गया।

अध्यक्षता कर रहे क्लब के अध्यक्ष सुरेन्द्र बीनू सिन्हा ने कहा कि मात्र 42 वर्ष की अल्पायु में दुष्यंत कुमार ने हिन्दी ग़ज़ल के क्षेत्र में इतना अधिक काम कर दिया कि उन्हें ‘हिन्दी ग़ज़ल का राजकुमार’ और सदी का महानायक कहा जाने लगा। दुष्यंत कुमार की गजलें बहुत चर्चित हैं।आज भी लोग उसे खूब पसंद करते हैं।  सम्मान स्वरूप डॉ. नाज़ का विशिष्ट अतिथि अशोक उपाध्याय,उपजा अध्यक्ष डॉ. पवन सक्सेना , सुरेन्द्र बीनू सिन्हा और शब्दांगन संस्था के अध्यक्ष डॉ. इन्द्र देव त्रिवेदी ने हार पहनाकर, शॉल उढ़ाकर और अभिनंदन-पत्र तथा स्मृति चिह्न भेंटकर अभिनन्दन किया।

अपने सम्मान के बाद प्रतिष्ठित ग़ज़लकार डॉ.कृष्ण कुमार नाज़ ने स्वर्गीय दुष्यंत कुमार को श्रद्धांजलि देते हुए उन्हें हिंदी ग़ज़ल का राजकुमार और महानायक बताया।

इससे पूर्व समारोह का शुभारम्भ अरुणा सिन्हा की सरस्वती वंदना से हुआ। वन्दे मातरम गायन टोली का नेतृत्व मीरा मोहन ने किया। क्लब का आव्हान गीत प्रकाश चंद्र सक्सेना ने प्रस्तुत किया। संचालन डॉ. इन्द्र देव त्रिवेदी ने किया। मंजू लता सक्सेना, प्रीती सक्सेना, जितेंद्र सक्सेना,रणधीर प्रसाद गौड़, सुधीर मोहन, प्रकाश सक्सेना, अरुण शुक्ला,उमेश गुप्ता, पीयूष गुप्ता, इं डी. डी. शर्मा, विजय कपूर, मोहन चन्द्र पांडेय,विशाल शर्मा, प्रकाश निर्मल, अनिल चौबे, रामप्रकाश ओज, मनोज टिंकू सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।

 

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