03
Gemini_Generated_Image_yb399pyb399pyb39
previous arrow
next arrow
Shadow

उत्तराखंड विधानसभा में जनसंख्या नियंत्रण कानून पर बहस, कांग्रेस MLA ने BJP को घेरा

Spread the love

एफएनएन, गैरसैंण: उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन सदन में जनसंख्या नियंत्रण कानून का मुद्दा उठा. बीजेपी विधायक शिव अरोड़ा ने नियम 300 के तहत ध्यान आकर्षण में यह मांग रखते हुए राज्य में बदलते जनसंख्या संतुलन पर चिंता जताई. साथ ही राज्य में जनसंख्या नियंत्रण कानून लाने की मांग कर डाली.

सदन में जनसंख्या नियंत्रण कानून को लेकर छिड़ी बहस: गैरसैंण के भराड़ीसैंण में चल रहे विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन सदन में जनसंख्या नियंत्रण कानून को लेकर बहस छिड़ गई. बीजेपी विधायक शिव अरोड़ा ने विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी के समक्ष कहा कि उत्तराखंड में डेमोग्राफिक बदलाव को लेकर सरकार को गंभीरता से कदम उठाने की जरूरत है.

एक वर्ग विशेष में धार्मिक आधार पर जनसंख्या बढ़ाने की प्रवृत्ति दिखाई दे रही है. इसे रोकने के लिए राज्य में जनसंख्या नियंत्रण कानून लाना जरूरी है. यदि राज्य सरकार ऐसा कानून लाती है तो उस दिन से तीन से ज्यादा बच्चों वाले परिवारों को सरकारी सुविधाओं से वंचित किया जाना चाहिए. इनमें सरकारी राशन, आयुष्मान कार्ड, गैस समेत अन्य सरकारी योजनाओं के लाभ शामिल हो सकते हैं.“- शिव अरोड़ा, बीजेपी विधायक

जनसंख्या नियंत्रण कानून की दिशा में पहल करे सरकार: विधायक अरोड़ा ने सदन में कहा कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य है, जहां समान नागरिक संहिता लागू की गई है. साथ ही मदरसा बोर्ड को समाप्त करने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है. इसी तरह राज्य सरकार को जनसंख्या नियंत्रण कानून लाने की दिशा में भी पहल करनी चाहिए.

शिव अरोड़ा के बयान का कांग्रेस विधायक ने किया तीखा विरोध: बीजेपी विधायक शिव अरोड़ा ने कहा कि यदि समय रहते इस विषय पर कदम नहीं उठाया गया तो राज्य में जनसंख्या संतुलन प्रभावित हो सकता है. वहीं, कांग्रेस विधायक काजी निजामुद्दीन ने बीजेपी विधायक शिव अरोड़ा के बयान का विरोध किया.

इस तरह किसी एक विशेष समुदाय को निशाना बनाना उचित नहीं है. बीजेपी विधायक की सोच कमजोर है और देश में किसी के 25 बच्चे होने जैसी बात व्यावहारिक नहीं है. जनसंख्या के मुद्दे को राजनीतिक नजरिए से नहीं बल्कि सामाजिक और आर्थिक नजरिए से देखने की जरूरत है.“- काजी निजामुद्दीन, कांग्रेस विधायक

आंकड़ों के मुताबिक, उत्तराखंड में साल 2011 की जनगणना में विशेष समुदाय की आबादी लगभग 14 फीसदी थी, जो अब अनुमान के अनुसार करीब 18 फीसदी के आसपास बताई जा रही है. इसके साथ ही राज्य में बाहरी राज्यों से आकर बसने वाले लोगों को लेकर भी समय समय पर राजनीतिक बहस होती रही है. ऐसे में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले जनसंख्या नियंत्रण कानून को लेकर बहस छिड़ गई है.

Hot this week

Rahul Gandhi का छात्र संवाद राजनीतिक ड्रामा, युवाओं का समय किया बर्बाद: महेंद्र भट्ट

एफएनएन, देहरादून : Rahul Gandhi भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र...

Rudraprayag : तरसाली-फाटा मार्ग पर गहरी खाई में गिरा ट्रक, दो घायल, SDRF ने किया रेस्क्यू

एफएनएन, रुद्रप्रयाग : Rudraprayag जिले के तरसाली-फाटा मार्ग पर...

Topics

spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img