एफएनएन, देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कैबिनेट विस्तार के बाद पांच नए मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा कर दिया है। चार पुराने मंत्रियों के कुछ विभागों में फेरबदल हुआ है। कैबिनेट मंत्री डॉ.धन सिंह रावत से स्वास्थ्य महकमा, मंत्री सतपाल महाराज से पंचायतीराज, जलागम, सुबोध उनियाल से तकनीकी शिक्षा व भाषा और गणेश जोशी से ग्राम्य विकास विभाग हटाए गए हैं। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या व सौरभ बहुगुणा के पास पूर्व की भांति विभाग रहेंगे।
कैबिनेट विस्तार के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने हिस्से से नए मंत्रियों को विभागों की कमान सौंप दी है। वहीं, नए मंत्रियों ने विभागों में अपनी प्राथमिकताएं भी तय कर दी है। 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए मंत्रियों के सामने अपनी परफॉरमेंस दिखाने की चुनौती भी कम नहीं है। लंबित योजनाओं को धरातल पर उतारने व नई योजनाओं की रफ्तार बढ़ाने के लिए मंत्रियों के पास एक साल से भी कम समय है। लिहाजा इस चुनौतियों का सामना करने के लिए मंत्रियों को जोश व उत्साह बरकरार है।
प्रदेश में युवाओं व महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ना प्राथमिकता:चौधरी
पहली बार कैबिनेट मंत्री बने भरत सिंह चौधरी ने कहा, प्रदेश सरकार की स्वरोजगार योजनाओं में तेजी से काम कर युवाओं व महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ना प्राथमिकता रहेगी। विभागों के बंटवारे के बाद कैबिनेट मंत्री चौधरी ने कहा, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जो जिम्मेदारी सौंपी है। उस खरा उतरने का प्रयास किया जाएगा। ग्राम्य विकास विभाग के माध्यम से सरकार की ओर से कई स्वरोजगार की योजनाएं संचालित की जा रही है। इन योजनाओं में तेजी लाकर युवाओं व महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ कर आर्थिकी को मजबूत किया जाएगा।
पात्र व्यक्ति तक पहुंचाएंगे योजनाओं का लाभ: खजान दास
समाज कल्याण मंत्री खजान दास ने कहा कि समाज कल्याण विभाग महत्वपूर्ण विभाग है। जिस व्यक्ति के लिए यह योजनाएं वहां तक पहुंचे और धरातल पर उतरे। यह प्राथमिकता रहेगी। इसके अलावा कई बार देखा गया है कि समाज कल्याण विभाग को लेकर जांच, पड़ताल की बात सामने आती है। बार- बार आरोप लगते हैं। यह स्थिति क्यों है? इसका पता किया जाएगा। अगर कहीं कोई कमी है, तो उसका पता कर सुधार किया जाएगा।
जल संरक्षण और पौधरोपण पर रहेगा फोकस : कैड़ा
देहरादून। पर्यावरण संरक्षण एवं जलवायु परिवर्तन व शहरी विकास मंत्री राम सिंह कैड़ा ने कहा कि पहाड़ों में जलस्र्रोत सूख रहे हैं, यह एक चुनौती है। राज्य के नौला, धारों के संरक्षण और पुनर्जीवन के लिए कार्य किया जाएगा। जिससे जल की उपलब्धता को और बेहतर किया जा सके। इसके अलावा बरसात के पानी का संग्रहण कार्य भी प्राथमिकता में रहेगा। चाल, खाल के माध्यम से यह जल संग्रहण का कार्य होगा। यह कार्य जलागम विभाग के माध्यम से कराया जाएगा। इसके साथ ही हरियाली बढ़ाने के लिए पौधरोपण को लेकर भी फोकस रहेगा। पौधरोपण को लेकर अभियान चलाया जाएगा। शहरी विकास योजनाओं को और बेहतर ढंग से धरातल पर उतारने का कार्य होगा। इससे जुड़ी योजनाओं में और तेजी लायी जाएगी।





