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याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टल गई, 10 दिसंबर तय होने पर सबने ली राहत की सांस

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एफएनएन, हल्द्वानी : बनभूलपुरा के पास रेलवे की जमीन पर अवैध कब्जे को हटाने के खिलाफ दाखिल याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टल गई है। फैसले के इंतजार में लोग दिन भर इसके दोनों पहलुओं पर चर्चा करते नजर आए। उम्मीद और आशंकाओं के बीच मंगलवार शाम करीब चार बजे सुनवाई की अगली तारीख 10 दिसंबर तय होने पर सबने राहत की सांस ली।

इधर बवाल की आशंका को देखते हुए बनभूलपुरा को हाईअलर्ट पर रखा गया था। एहतियातन पूरे इलाके को जीरो जोन में रखा था। दिनभर बनभूलपुरा और उसको जोड़ने वाले मार्गों पर पुलिस फोर्स की चहलकदमी रही। अंदरूनी इलाकों पर सीसीटीवी और ड्रोन से निगरानी रखी गई।रेलवे की जमीन पर डेढ़ दशक से ज्यादा समय से विवाद चल रहा है। रेलवे ने जमीन को अपना बताया और अतिक्रमण का मामला कोर्ट में पहुंच गया था। रेलवे के अनुसार उसकी 29 एकड़ से ज्यादा जमीन पर 4365 से अधिक मकान बन चुके हैं।

मामले में सुप्रीम कोर्ट में अंतिम बहस और फैसला होना था। फैसले के बाद बवाल की आशंका में पुलिस और प्रशासन ने पूरे हल्द्वानी को अलर्ट पर रखते हुए बनभूलपुरा क्षेत्र को जीरो जोन बनाया। शहर के अंदर भारी वाहनों का प्रवेश रोक दिया गया। मंगलवार सुबह छह बजे से ही पुलिस फोर्स निर्धारित स्थानों पर तैनात हो गई। रेलवे स्टेशन के मुख्य गेट के साथ ही नया बाजार, गौलापार बाईपास सहित कई स्थानों पर बैरियर लगाकर बनभूलपुरा क्षेत्र में वाहनों का प्रवेश रोक दिया।

सुबह ही एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी बनभूलपुरा थाने पहुंच गए। यहां से वह टीम के साथ फीडबैक लेकर क्षेत्र के अंदर पैदल ही भ्रमण पर निकले। उनके साथ एसपी हल्द्वानी मनोज कुमार कत्याल, एएसपी दीपशिखा अग्रवाल, सीओ हल्द्वानी अमित कुमार सैनी सहित अन्य अफसरों ने पैदल मार्च किया।कंट्रोल रूम से सीसीटीवी के जरिये मॉनीटरिंग की गई। किसी भी क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधि नहीं दिखी। एसएसपी ने कंट्रोल रूम के पुलिस अधिकारियों को हर स्थिति पर नजर रखने के लिए कहा। एएसपी दूरसंचार रेवाधर मठपाल ने कुछ और कैमरे लगाए के निर्देश दिए।

रेलवे के साथ जल संस्थान और यूपीसीएल भी अलर्ट…
रेलवे स्टेशन हल्द्वानी परिसर में डीआईजी चंद्र प्रकाश मिश्र ने सुरक्षा की कमान संभाली। सुबह वह आरपीएफ और जीआरपी के साथ रेलवे स्टेशन में मार्च किया। डीआईजी के अलावा एएससी सीओ जीआरपी स्वप्निल मुयाल, एसओ जीआरपी कमल सिंह कोरंगा के साथ 51 कर्मी सुरक्षा के लिए तैनात रहे। यूपीसीएल व जल संस्थान के अधिकारी भी अलर्ट रहे। जल संस्थान के एई रवींद्र कुमार ने बताया कि मंगलवार को पानी भरकर 10 टैंकर खड़े किए गए थे। यूपीसीएल ने भी सतर्कता बनाए रखी।

मुख्य मार्ग पर बंद रहीं दुकानें गलियों में जनजीवन सामान्य
रोडवेज बस अड्डे से हल्द्वानी रेलवे स्टेशन तक दुकानें खुली रहीं। रेलवे स्टेशन से नया बाजार तक कुछ दुकानें बंद थीं। बनभूलपुरा के गलियों में स्थिति सामान्य रही। गली के नुक्कड़ पर लोग फैसले को लेकर कयास लगाते हुए दिखाई दिए। पुलिस की मूवमेंट होने पर लोग घरों में जाते दिखाई दिए। लाइन नंबर आठ, 17, 18 आदि में भी यही स्थिति देखी गई। गफूर बस्ती के रेलवे स्टेशन परिसर के प्रवेश पर पुलिस ने बैरियर लगा दिए थे। यहां पूरे दिन बस्ती वालों की भीड़ रही।

थानों पर लौटेंगे अधिकतर पुलिसकर्मी, सुरक्षा का जिम्मा पीएसी जवानों पर
हल्द्वानी रेलवे जमीन पर अतिक्रमण के प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट से नई तारीख मिलने के बाद क्षेत्र में राहत है। यहां संभावित बवाल की आशंका के बीच 400 से ज्यादा पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई थी। बुधवार सुबह आठ बजे तक ज्यादातर फोर्स को उनके थानों को वापस किया जाएगा। क्षेत्र में स्थानीय पुलिस के साथ ही पीएसी जवानों की ड्यूटी रहेगी। एसपी सिटी मनोज कत्याल ने बताया कि बनभूलपुरा में आठ थानों की फोर्स के साथ ही पीएसी जवान सहित 400 से ज्यादा पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई थी। आरपीएफ और जीआरपी के 50 से ज्यादा पुलिस कर्मी भी तैनात रहे। बनभूलपुरा में स्थिति सामान्य है। अगली सुनवाई की तिथि से पहले फिर निर्धारित प्वाइंट पर फोर्स का डिस्ट्रीब्यूशन होगा। यहां पर थाना पुलिस के अलावा पीएसी जवानों की तैनाती अगले कई दिनों तक रहेगी। नियमित गश्त और क्षेत्र की हर गतिविधि पर पुलिस की नजर रहेगी।

सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद उसका शत प्रतिशत अनुपालन कराना था। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पुलिस तैयार थी। पर्याप्त फोर्स की तैनाती थी। अब सुनवाई की अगली डेट लगी है। इसके पहले भी सुरक्षा चुस्त रखी जाएगी। क्षेत्र में सीसीटीवी और ड्रोन के जरिए निगरानी जारी रहेगी। सोशल मीडिया मानीटरिंग के जरिए अफवाह फैलाने वालों पर भी पुलिस की नजर है। – डॉ. मंजूनाथ टीसी, एसएसपी

याचिकाकर्ता बोले
जमीन प्रकरण को 2007 से लीड कर रहे हैं। अब तक तो केवल डायरेक्शन ही मिलता रहा है। अब मामला अंतिम दौर में है। इस पर फाइनल निर्णय होना है। अभी तक अधिवक्ता प्रशांत भूषण, कॉलिन गोंजाल्वेस, कवलप्रीत कौर, मानिक गुप्ता, अक्षत कुमार ने हमारा पक्ष मजबूती से रखा है। रुख ठीक दिख रहा है। कोर्ट में पूर्व कई बिंदु पर दूसरे पक्ष से जवाब मांगा भी था। सुनवाई में न्यायालय का जो भी फैसला आएगा वह हमें मंजूर होगा।
-अब्दुल मतीन सिद्दीकी, याचिकाकर्ता

कोर्ट ने अब दस दिसंबर की डेट दी है। अगली सुनवाई में भी अपने पक्ष को मजबूती के साथ रखेंगे। केविएट के द्वारा पहले ही हम कोर्ट में उपस्थित हैं ताकि अतिक्रमणकारियों को कोई राहत न मिले। रेलवे की जमीन से अतिक्रमण हटाए जाने से समूचे कुमाऊं का विकास होगा। किसी भी राजनैतिक पार्टी की महत्वकांक्षा के चलते कुमाऊं के विकास को बाधित नहीं किया जा सकता है। दस साल से इस मामले में संघर्षरत हूं। संघर्ष रंग लाएगा।
-रविशंकर जोशी, याचिकाकर्ता

वन-वे किया हल्द्वानी-चोरगलिया मार्ग, पैदल चले लोग
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के बाद बवाल की आशंका को देखते हुए हल्द्वानी-चोरगलिया मार्ग को सुरक्षा के लिहाज से वन-वे कर दिया गया। हल्द्वानी से चोरगलिया तो वाहन जा रहे थे लेकिन चोरगलिया की तरफ से वाहनों को हल्द्वानी नहीं आने दिया गया। गौलापुल से तमाम लोग पैदल ही आए। उन्हें दो-तीन किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ गया। इसका असर अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम गौलापार में भी दिखा। जिला क्रीड़ा अधिकारी निर्मला पंत ने बताया कि मार्ग बंद होने के कारण बच्चों की परेशानी और सुरक्षा को देखते हुए उप निदेशक खेल राशिका सिद्दीकी से बात कर स्टेडियम को अभ्यास के लिए बंद रखने का निर्णय लिया गया।

फैसला जानने के लिए लगाते रहे फोन
हर तरफ पुलिस की मौजूदगी से तमाम लोग भय के बीच सुप्रीम कोर्ट के फैसले के इंतजार में थे। यहां हर कोई मोबाइल के जरिये दिल्ली या अपने परिचितों से फोन कर फैसले की अपडेट ले रहा था। सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म के जरिये भी लोग स्थिति का पता लगाते रहे।

लोगों ने भर लिया था राशन
बीते साल अतिक्रमण के खिलाफ हुई कार्रवाई के बाद यहां कर्फ्यू लगाना पड़ा था। तब लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा था। रेलवे की भूमि के संबंध में सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के बाद विवाद की आशंका को देखते हुए बनभूलपुरा क्षेत्र के कई लोगों ने कई दिनों का राशन और सब्जी खरीदकर रख ली थी। पुलिस ने भी इसी आशंका में फोर्स तैयार रखी थी।

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