79वें स्वतंत्रता दिवस पर 87 वर्षीय जल पुरुष बरार ने फूंका शंखा नदी पर बांध निर्माण का बिगुल

भीषण गर्मी में रुकुमपुर गांव से शंखा रेलवे पुल तक दो किमी लंबी पैदल तिरंगा यात्रा निकालकर दिखाया जोश, जुटे 50 से ज्यादा किसान, दिलाया भरपूर सहयोग का भरोसा

गणेश ‘पथिक’
(चीफ रिपोर्टर)
फ्रंट न्यूज नेटवर्क ब्यूरो, बरेली। शीशगढ़ के पास पश्चिमी बैगुल नदी के खमरिया घाट पर पिछले लगभग दस साल से तकरीबन हर वर्ष जनसहयोग से कच्चा बांध बनवाते आ रहे रुहेलखंड क्षेत्र के ‘जलपुरुष’ पूर्व विधायक एवं वरिष्ठ किसान नेता जयदीप सिंह बरार शुक्रवार को भारत के 79वें स्वतंत्रता दिवस पर रुकुमपुर प्रधान कमरुद्दीन और दर्जनों अन्य क्षेत्रीय किसानों के जत्थे को लेकर तिरंगा यात्रा की शक्ल में रुकुमपुर से दो किमी दूर शंखा नदी के रेलवे पुल और प्राचीन नहर के पास पहुंचे और वर्ष 1889 तक हर वर्ष कारसेवा से बनते रहे कच्चे बांध, विशाल जलाशय और प्रस्तावित बांध स्थल का निरीक्षण किया और इसी साल हर हाल में यह बांध बनवाने का बिगुल भी फूंक दिया।

साथ ही सरकारी निधि या जन सहयोग से इसी साल अक्तूबर में कच्चा बांध बनवाने का दृढ़ संकल्प भी दोहराया।

किसान कल्याण समिति के बैनर तले भीषण गर्मी में अपने साथ शंखा रेलवे पुल पर 50 से ज्यादा किसानों का हुजूम देखकर जोशोखरोश से लबरेज 87 वर्षीय श्री बरार ने घोषणा की कि खमरिया की तरह ही माधौपुर बांध भी इसी साल बनकर रहेगा…पक्का नहीं तो कच्चा ही सही।

श्री बरार ने कहा-मंडलायुक्त बरेली सौम्या अग्रवाल और सिंचाई विभाग शारदा खंड के मुख्य अभियंता हृदय नारायण सिंह- दोनों ही उच्चाधिकारियों ने शासन स्तर पर निरंतर पैरवी करके नहर की सफाई करवाकर पक्का बांध बनवाने का पूरा भरोसा दिलाया है।

फिर भी शासन से पक्का बाँध बनने में विलंब होने पर सामूहिक श्रमदान से कच्चा बांध तो अक्तूबर माह से हर हाल में बनवाया ही जाएगा। बांध बनने पर पुरानी नहर की सफाई के बाद आसपास के दर्जनों गांवों की हजारों हैक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई के लिए बारहों महीने भरपूर पानी तो मिलेगा ही, इलाके का भूजल स्तर भी ऊपर उठ सकेगा।

श्री बरार ने रुकुमपुर प्रधान और अपने अन्य विश्वस्त लोगों से प्रस्तावित बांध की पैमाइश का काम अगले एक सप्ताह में पूरा कर रिपोर्ट देने का भी आग्रह किया है।

प्रस्तावित बांध स्थल पर मौजूद रिटायर्ड कर्नल पुरुषोत्तम सिंह ने श्री बरार के संकल्प की सराहना करते हुए इस परियोजना को तकनीकी रूप से भी आसानी से पूरी होने वाली, कम खर्चीली और बेहद जनोपयोगी बताया।

श्री सिंह ने कहा-राजनीतिक भेदभाव भुलाते हुए आसपास गांवों के सभी किसान एकजुट होकर मिशन मोड में सम्मिलित प्रयास करें तो श्री बरार के जुनून और क्षेत्रीय जनसहयोग के बलबूते तथा जनप्रतिनिधियों, संबंधित उच्च अधिकारियों एवं शासन स्तर पर बेहतर तालमेल बैठाकर माधोपुर पर पक्के बांध का निर्माण अवश्य ही संभव है।

दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस) प्रिंसिपल वीके मिश्रा ने कहा कि अपने जल-जंगल-जमीन को संरक्षित-संवर्धित करने की जिम्मेदारी हम सब की है। शंखा बांध निर्माण के श्री बरार के संकल्प को साकार करने के लिए डीपीएस प्रबंधन भी हर संभव सहयोग देने को तत्पर है।

तिरंगा यात्रा और बांध निर्माण संकल्प मुहिम में जिला सहकारी बैंक बरेली के पूर्व अध्यक्ष और सहकार भारती के जिलाध्यक्ष चौधरी छत्रपाल सिंह, वरिष्ठ भाजपा नेता भीमसेन तुरैहा, किसान कल्याण समिति के प्रबंधक वेदप्रकाश कश्यप, गोरा लोकनाथपुर के पूर्व प्रधान और गोरा घाट पर पक्के पुल निर्माण के वास्ते एक माह तक धरना-प्रदर्शन का नेतृत्व कर चुके बाबूराम तुरैहा, डीपीएस परसाखेड़ा के प्रिंसिपल वीके मिश्रा, सुखदीप कश्यप, चंद्रभान लोधी, विजय पाल सिंह समेत 50 से ज्यादा किसान-मजदूर शामिल हुए।

 

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