03
Gemini_Generated_Image_yb399pyb399pyb39
previous arrow
next arrow
Shadow

उत्तराखंड में अगले माह लागू होगी समान नागरिक संहिता? लिव इन रिलेशनशिप पर लगेगी रोक

Spread the love

एफएनएन, देहरादून : उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू करने की धामी सरकार की मुहिम अगले माह धरातल पर मूर्त रूप ले सकेगी। संहिता का प्रारूप बनाने के लिए गठित विशेषज्ञ समिति दो फरवरी को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को यह प्रारूप सौंप सकती है।

इसे कानूनीजामा पहनाने के दृष्टिगत सरकार ने पांच से आठ फरवरी तक विधानसभा का सत्र बुलाया है। इसी सत्र में यह प्रारूप विधेयक के रूप में सदन के पटल पर रख इसे पारित कराने की तैयारी है। इसके पारित होने के बाद उत्तराखंड समान नागरिक संहिता लागू करने वाला देश का पहला राज्य बन जाएगा।

चीन और नेपाल की सीमा से सटे उत्तराखंड का सामरिक महत्व तो है ही, चारधाम समेत अनेक धार्मिक स्थलों के कारण तीर्थाटन की दृष्टि से भी यह राज्य महत्वपूर्ण है। इसे देखते हुए धामी सरकार ने यहां सामान नागरिक संहिता लागू करने की ठानी और यह सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल है।

वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री धामी ने समान नागरिक संहिता लागू करने का वादा किया और जनता ने भी इस पर एक प्रकार से मुहर लगाई। मुख्यमंत्री धामी ने भी दोबारा सत्ता संभालते ही अपनी पहली ही कैबिनेट की बैठक में इसका प्रारूप तय करने को विशेषज्ञ समिति के गठन के प्रस्ताव को मंजूरी दी।

WhatsApp Image 2023-12-18 at 2.13.14 PM
IMG-20260328-WA0026
previous arrow
next arrow

समान नागरिक संहिता का ड्राफ्ट

इसी कड़ी में 27 मई 2022 को समान नागरिक संहिता का ड्राफ्ट बनाने के लिए जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई (सेनि) की अध्यक्षता में एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया, जिसमें चार सदस्य शामिल किए गए। बाद में इसमें सदस्य सचिव को भी शामिल किया गया। विशेषज्ञ समिति के लगभग 20 माह के कार्यकाल में अभी तक 75 से अधिक बैठक हो चुकी हैं और समिति को 2.35 लाख से अधिक सुझाव मिले हैं।

समिति ने बैठकों के जरिये प्रदेश के सभी धर्मों, समुदाय व जनजातियों के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर और प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में जाकर स्थानीय निवासियों से सुझाव लिए। साथ ही, प्रदेश के सभी राजनीतिक दलों के साथ ही नई दिल्ली में भी प्रवासी उत्तराखंडवासियों के साथ भी इस विषय पर संवाद किया। ड्राफ्ट पूरा करने से पहले समिति की मुख्यमंत्री धामी के साथ कई चरणों की बैठक हुई।

पांच सौ पृष्ठ से अधिक का है ड्राफ्ट

अब समिति अपना कार्य पूरा कर चुकी है। माना जा रहा है कि यह ड्राफ्ट पांच सौ पृष्ठ से अधिक का है। इसका हिंदी रूपांतरण भी किया जा चुका है। अब समिति दो फरवरी को इसे मुख्यमंत्री को सौंप सकती है। कैबिनेट से मंजूरी के बाद इसे विधानसभा के पटल पर रखा जाएगा। इसी के दृष्टिगत ही सरकार ने विधानसभा का सत्र आहूत किया है।

ड्राफ्ट के मुख्य बिंदु

-सभी धर्मों के अनुयायियों को समान अधिकार देने की पैरवी

-लिव इन रिलेशनशिप पर रोक

-पैतृक व पति की संपत्ति में महिलाओं को समान अधिकार

-उत्तराधिकार में महिलाओं की सहभागिता

-कानून के हिसाब से हो तलाक

-गोद लेने के लिए कड़े नियमों का प्रविधान

-स्थानीय व जनजातीय परंपराओं तथा रीति रिवाजों का अनुपालन

-निजी स्वतंत्रता को मिले विशेष महत्व

दो से तीन दिन में तैयार कर लिया जाएगा विधेयक का प्रारूप

सरकार के प्रवक्ता के अनुसार विशेषज्ञ समिति से रिपोर्ट मिलने के दो से तीन दिन के भीतर समान नागरिक संहिता के विधेयक का प्रारूप तैयार कर लिया जाएगा। वैसे भी विधानसभा सत्र पांच से आठ फरवरी तक आहूत किया गया है। ऐसे में विधेयक का प्रारूप तैयाार करने के लिए पर्याप्त समय मिल जाएगा।

ये भी पढ़ें –नगर निकायों में बढ़ेगा ओबीसी आरक्षण, एकल आयोग ने सीएम धामी को सौंपी रिपोर्ट

Hot this week

Uttarakhand में अपर PCS के 63 पदों पर जल्द भर्ती, अक्टूबर में होगी प्रारंभिक परीक्षा

एफएनएन, देहरादून : Uttarakhand में सरकारी नौकरी की तैयारी...

Pakistan का अफगान सीमा पर बड़ा सैन्य अभियान, हवाई हमलों में 29 लोगों की मौत

एफएनएन, इस्लामाबाद : Pakistan ने रविवार को अफगानिस्तान से...

Faridabad Police मालखाने से 32 लाइसेंसी हथियार गायब, ASI सस्पेंड

एफएनएन, फरीदाबाद : Faridabad Police हरियाणा के फरीदाबाद जिले...

Topics

Faridabad Police मालखाने से 32 लाइसेंसी हथियार गायब, ASI सस्पेंड

एफएनएन, फरीदाबाद : Faridabad Police हरियाणा के फरीदाबाद जिले...

Rudraprayag में पहाड़ी क्षेत्र में क्रैश हुआ ड्रोन, जांच में जुटा प्रशासन

एफएनएन, रुद्रप्रयाग : Rudraprayag उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले के...
spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img