03
Gemini_Generated_Image_yb399pyb399pyb39
previous arrow
next arrow
Shadow

बच्चों पर सीधा असर डाल रहा कोरोना का XE वेरिएंट, ऐसे करें पहचान

Stay connected via Google News
Follow us for the latest updates.
Add as preferred source on Google

एफएनएन, नई दिल्ली : दुनियाभर में कोरोना वायरस ने फिर से अपना प्रकोप दिखाना शुरू कर दिया है और यह लगातर अपना स्वरूप बदल रहा है. अब दुनिया के कई देशों पर चौथी लहर (Fourth wave of Covid-19) का खतरा मंडरा रहा है तो वहीं कोरोना के XE वेरिएंट (Covid-19 XE variant) ने भी लोगों की चिंता बढ़ा दी है.

  • बच्चों में जल्द दिखते हैं लक्षण

कोरोना के XE वेरिएंट के चपेट में आने के बाद बच्चों पर इसका असर काफी तेजी से हो रहा है और उनमें लक्षणों की पहचान भी सबसे पहले की जा सकती है. ऐसे में स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सभी परिजनों को सतर्क रहने की सलाह दी है और उन्हें कुछ बातों को लेकर अलर्ट किया है.

बच्चों में कोरोना के XE वेरिएंट का सबसे पहला लक्षण डायरिया के रूप में सामने आ रहा है. इस नए वेरिएंट की चपेट में आने पर बच्चों को पेट दर्द, बुखार, गले में दर्द, सूखी खांसी, नाक बहना, सिर दर्द और उल्टी जैसी शिकायत हो सकती है. इसके अलावा उन्हें सर्दी लगने और सांस लेने में दिक्कत का सामना भी करना पड़ सकता है.

  • वेरिएंट से कैसे करें बचाव

हेल्थ एक्सपर्ट ने यह लक्षण बताने के साथ-साथ माता-पिता को चिंता न करने की सलाह भी दी है. हालांकि उनका मानना है कि ऐसे मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही करना भी मुश्किलें पैदा कर सकता है. ऐसे में सही वक्त पर इलाज कराना जरूरी हो जाता है.

एक्सपर्ट्स का कहना है कि कोरोना से किसी भी वेरिएंट से निपटने में सबसे कारगर उपाय वैक्सीनेशन ही है. ऐसे में अगर आपका बच्चा टीकाकरण के योग्य है तो तुरंत उसका वैक्सीनेशन कराना चाहिए. इसके अलावा खान-पान का विशेष ध्यान रखना भी जरूरी है और अच्छी लाइफस्टाइल भी परेशान से बाहर निकलने में मददगार साबित हो सकती है.

बच्चों में XE वेरिएंट के काफी हल्के लक्षण देखने को मिल रहे हैं. ऐसे में एक्सपर्ट ने पैरेंट्स को चिंता मुक्त रहने की सलाह भी दी है. बच्चे अगर वायरल की चपेट में आ जाते हैं तो उनके जल्द स्वस्थ होने की प्रबल संभावना है. बच्चों की इम्युनिटी मजबूत मानी जाती है और ऐसे में रिकवरी करना आसान हो जाता है.

  • डाइट में करें ये बदलाव

वेरिएंट से बच्चों के बचाव के लिए उन्हें पौष्टिक भोजन देने की सलाह दी गई है. साथ ही ऐसा फूड जिसमें विटामिन सी की प्रचुर मात्रा हो, फायदेमंद साबित होगा. इसके अलावा रेड मीट की जगह व्हाइट मीट खाने की सलाह दी गई है. नमक कम खाएं और ज्यादा से ज्यादा पानी पानी भी ऐसे स्थिति में लाभकारी रहेगा. इसके अलावा भोजन में पनीर, घी, मक्खन, मीट की जगह ऑलिव ऑयल, सोयाबीन, नट्स, सूरजमुखी का तेल खाना फायदा कर सकता है.

Stay connected via Google News
Follow us for the latest updates.
Add as preferred source on Google

Hot this week

Haridwar Pakistani नेटवर्क से जुड़े ट्रांजेक्शन मामले में महिला टीचर गिरफ्तार

एफएनएन, हरिद्वार : Haridwar जिले के कलियर थाना क्षेत्र...

Hamirpur Kurara में निर्माणाधीन पुल गिरने से बड़ा हादसा, 6 मजदूरों की मौत

एफएनएन, हमीरपुर : Hamirpur Kurara जिले के कुरारा क्षेत्र...

ऋषिकेश में दर्दनाक सड़क हादसा, अनियंत्रित ट्रक 20 मीटर नीचे गिरा, दो की मौत

एफएनएन, ऋषिकेश : Rishikesh Brahmanand तिराहे से आगे ब्रह्मानंद मोड़...

Dhamtari में बंद फल दुकान के भीतर मिला ऑटो चालक का शव, इलाके में फैली सनसनी

एफएनएन, धमतरी : Dhamtari छत्तीसगढ़ के धमतरी शहर में...

Topics

ऋषिकेश में दर्दनाक सड़क हादसा, अनियंत्रित ट्रक 20 मीटर नीचे गिरा, दो की मौत

एफएनएन, ऋषिकेश : Rishikesh Brahmanand तिराहे से आगे ब्रह्मानंद मोड़...

Dehradun में बकरीद पर उमड़ी भीड़, नमाज के बीच गाय को राष्ट्रीय पशु बनाने की मांग

एफएनएन,देहरादून: Dehradun त्याग और बलिदान के प्रतीक ईद-उल-अजहा (बकरीद)...
spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img