IIA-UPSIDA उद्योग संवाद में यूपी-उत्तराखंड के औद्योगिक गठजोड़ पर मंथन
एफएनएन, रुद्रपुर: rudrapur उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के बीच औद्योगिक निवेश, निर्यात और व्यापारिक सहयोग को नई गति देने के उद्देश्य से भारतीय उद्योग संघ (IIA) और UPSIDA की ओर से आयोजित उद्योग संवाद कार्यक्रम रुद्रपुर के रैडिसन ब्लू होटल में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम में देश की कई नामी औद्योगिक कंपनियों, उद्यमियों और औद्योगिक संगठनों की भागीदारी ने इसे क्षेत्र के सबसे महत्वपूर्ण उद्योग आयोजनों में शामिल कर दिया।
कार्यक्रम का मुख्य विषय “यूपी एवं उत्तराखंड उद्योगों के मध्य रणनीतिक क्रॉस-इन्वेस्टमेंट के माध्यम से राष्ट्रीय निर्यात वृद्धि” रहा। इसमें टाटा मोटर्स, अशोक लेलैंड, महिंद्रा ट्रैक्टर्स, बजाज ऑटो, टाटा स्टील्स, डाबर, प्रीकॉल मीटर्स, सिटीजन एक्सपोर्ट्स, संधू एंटरप्राइजेज, सत्या मेटल्स सहित बड़ी संख्या में लार्ज, मीडियम, स्मॉल और माइक्रो उद्योगों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
मुख्य अतिथि अनीता यादव (IAS), ACEO, UPSIDA तथा विशिष्ट अतिथि दीक्षा जैन (IAS), ACEO, UPSIDA ने उत्तर प्रदेश में औद्योगिक निवेश, भूमि आवंटन, इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर, निर्यात प्रोत्साहन और उद्योग विस्तार से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए उद्योगपतियों को निवेश के लिए आमंत्रित किया।

कार्यक्रम की सबसे अहम कड़ी रही राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस, जिसमें उद्योगपतियों ने अपनी समस्याएं, सुझाव और निवेश से जुड़े मुद्दे वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष रखे। अधिकारियों ने उद्योगों की समस्याओं के समाधान और बेहतर समन्वय का भरोसा दिलाया।
IIA के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिनेश गोयल के नेतृत्व में आयोजित इस संवाद में संगठन ने उद्योगों के हित में किए जा रहे कार्यों, सरकारी योजनाओं से उद्योगपतियों को जोड़ने और औद्योगिक विकास को गति देने की अपनी रणनीति भी प्रस्तुत की। कार्यक्रम की सफलता में उत्तराखंड चेयरमैन तरुण गोयल, अजय दिगंबर जैन, कुमाऊं मंडल अध्यक्ष रोहित गोयल, रुद्रपुर चैप्टर अध्यक्ष संजीव जैन, सचिव योगेश पंवार, कोषाध्यक्ष आकाश के. सक्सेना और महिला समन्वयक अंशुल टंडन की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
उद्योग प्रतिनिधियों ने कार्यक्रम को निवेश और व्यापारिक अवसरों के लिए बेहद उपयोगी बताते हुए कहा कि इस तरह के संवाद उद्योगों और शासन के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने के साथ-साथ उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के औद्योगिक संबंधों को भी नई मजबूती देंगे। IIA ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि वह उद्योगों की समस्याओं के समाधान, निवेश प्रोत्साहन और औद्योगिक विकास के लिए लगातार सक्रिय और प्रतिबद्ध है।






