एफएनएन, केरल: kerala विधानसभा में मंगलवार को महंगाई और बढ़ती ईंधन कीमतों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए। स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई, जिसके बाद विपक्ष ने सरकार पर गंभीर मुद्दों से बचने का आरोप लगाते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया।
चर्चा के दौरान विपक्ष के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने आरोप लगाया कि सरकार बढ़ती महंगाई और ईंधन मूल्य वृद्धि जैसे अहम मुद्दों पर पर्याप्त गंभीरता नहीं दिखा रही है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी का सीधा असर आम लोगों की जिंदगी और राज्य की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है।
विजयन ने दावा किया कि सरकार ने इस विषय पर विस्तृत चर्चा से परहेज किया और केवल औपचारिक प्रतिक्रिया देकर मामले को टालने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों, विशेषकर पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष, के कारण ईंधन कीमतों पर दबाव बढ़ा है, लेकिन राज्य सरकार को जनता को राहत देने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
सरकार ने विपक्ष के आरोपों को किया खारिज
मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सरकार महंगाई पर नियंत्रण के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने स्वीकार किया कि ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी से आम जनता प्रभावित हुई है और अंतरराष्ट्रीय हालात के कारण आने वाले समय में चुनौतियां बढ़ सकती हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने, जमाखोरी और कालाबाजारी पर कार्रवाई करने तथा एलपीजी आपूर्ति में किसी भी प्रकार की बाधा रोकने के लिए कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि प्रभावी परिणामों के लिए सरकार को कुछ समय की आवश्यकता है।
ईंधन करों को लेकर सत्ता और विपक्ष में आरोप-प्रत्यारोप
सतीशन ने कहा कि पूर्व कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में पेट्रोल और डीजल पर अतिरिक्त करों में राहत देने से राज्य को सैकड़ों करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ था। वहीं उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली एलडीएफ सरकार ने ईंधन करों के जरिए हजारों करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व जुटाया, लेकिन जनता को कोई राहत नहीं दी।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पिछले कुछ महीनों में आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और पिछली सरकार इस स्थिति को नियंत्रित करने में प्रभावी साबित नहीं हुई।
ईंधन कर में राहत और श्वेत पत्र की घोषणा
सदन में जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने संकेत दिया कि सरकार पेट्रोल और डीजल पर लगाए गए अतिरिक्त कर में राहत देने की संभावनाओं पर विचार कर रही है, ताकि आम लोगों पर पड़ रहे आर्थिक बोझ को कम किया जा सके।
इसके साथ ही उन्होंने घोषणा की कि राज्य सरकार जल्द ही केरल की आर्थिक स्थिति पर एक विस्तृत श्वेत पत्र जारी करेगी। इस दस्तावेज़ में राज्य की वित्तीय चुनौतियों, राजस्व स्थिति और सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों की पूरी जानकारी दी जाएगी।
महंगाई और ईंधन कीमतों के मुद्दे पर हुई इस बहस ने केरल की राजनीति में नए सिरे से आर्थिक नीतियों और जनता को राहत देने के उपायों पर चर्चा को तेज कर दिया है।







