03
Gemini_Generated_Image_yb399pyb399pyb39
previous arrow
next arrow
Shadow

महाकुंभ भगदड़ में 14 श्रद्धालुओं की मौत, मौनी अमावस्या पर नागा साधु-संतों का अमृत स्नान

Stay connected via Google News
Follow us for the latest updates.
Add as preferred source on Google

एफएनएन, महाकुंभ नगर: महाकुंभ मेले में बुधवार तड़के मौनी अमावस्या पर करोड़ों श्रद्धालुओं की भीड़ में भगदड़ जैसी स्थिति बनने से कई लोगों के हताहत होने की आशंका है। सूत्रों के मुताबिक भगदड़ में 14 श्रद्धालुओं की मौत हुई और 50 से अधिक लोग घायल हैं। हालांकि अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। इस घटना के बाद सभी अखाड़ों ने अमृत स्नान नहीं करने का निर्णय किया है। इस बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कुंभ मेला की स्थिति को लेकर बात की।

पवित्र स्नान कर रहे नागा साधु-संतों पर की गई पुष्प वर्षा

मौनी अमावस्या के अवसर पर त्रिवेणी संगम पर पवित्र स्नान कर रहे नागा साधु-संतों पर पुष्प वर्षा की गई। हालांकि परंपरा के अनुसार सबसे पहले महानिर्वाणी और अटल अखाड़े को निकलना चाहिए था, लेकिन भगदड़ की घटना के बाद आखाड़े के लोग स्नान को तैयार नहीं थे। लेकिन प्रशासन के काफी प्रयास के बाद नागा साधु-संत स्नान को लिए अखाड़े से निकले। इस दौरान उन पर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा की गई।

वहीं, हादसे पर मेला के लिए विशेष कार्याधिकारी आकांक्षा राणा ने पत्रकारों को बताया कि संगम नोज पर बैरियर टूटने से भगदड़ जैसी स्थिति बन गई जिसमें कुछ लोग घायल हुए हैं और उनका अभी इलाज चल रहा है। घायलों को मेला क्षेत्र में स्थापित अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां कई घायलों के रिश्तेदार भी पहुंच गए हैं।

इस बीच, अमृत स्नान करने पहुंचा प्रथम अखाड़ा महानिर्वाणी बिना स्नान किए लौट गया। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रवींद्र पुरी ने पत्रकारों को बताया, ‘‘अखाड़ा परिषद ने आज की घटना को देखते हुए यह निर्णय किया कि आज हम सभी अखाड़े अमृत स्नान नहीं करेंगे।’’ अस्पताल के बाहर रोते हुए सरोजनी नामक महिला ने बताया, “दो बसों में हमारा 60 लोगों का बैच आया है। हम समूह में नौ लोग थे कि अचानक धक्का मुक्की हुई और कई लोग गिर गए। हम फंस गए और भीड़ बेकाबू हो गई।”

उन्होंने एक न्यूज एजेंसी से कहा, “बचने का कोई मौका नहीं था क्योंकि सभी तरफ से धक्का दिया जा रहा था।” महंत रवींद्र पुरी ने पत्रकारों को बताया, “सभी संत महात्माओं के लिए सिंहासन लगा था और नागा संन्यासियों सहित सभी संत महात्मा स्नान के लिए तैयार थे। जब हमें सुनने में आया कि कोई घटना घटी है, तब हमने जनहित में यह निर्णय किया कि हम आज मौनी अमावस्या का स्नान नहीं करेंगे।”

उन्होंने बताया, “हमने मोबाइल में देखा कि ऐसा हादसा हुआ है। अधिकारियों से भी हमें इस बारे में बता चला। हमारे सभी अखाड़ों ने यह निर्णय किया है कि हम मौनी अमावस्या का स्नान नहीं करेंगे।’’ महंत रवींद्र पुरी ने कहा, “हमारा अगला स्नान बसंत पंचमी को होगा। आप देख रहे होंगे कि चारों दिशाओं से देश विदेश से श्रद्धालु यहां पहुंचे हुए हैं। इतनी बड़ी भीड़ को नियंत्रित करना बहुत बड़ी बात है। सभी साधु संतों को जनहित के लिए निर्णय लेना पड़ेगा। वहीं श्रद्धालु संयम बनाए रखें और जिन लोगों ने स्नान कर लिया है, वे अपने गंतव्यों को वापस लौटें।”

कुंभ मेला की परंपरा के मुताबिक, सन्यासी, बैरागी और उदासीन अखाड़े भव्य जुलूस के साथ संगम तट पर पहुंचकर एक तय क्रम में अमृत स्नान करते हैं जिसमें क्रम में पहले स्थान पर पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी अमृत स्नान करता है। इससे पूर्व, मेला प्रशासन ने मंगलवार को ही श्रद्धालुओं के लिए परामर्श जारी किया था।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (कुंभ) राजेश द्विवेदी ने श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि सभी घाट संगम घाट हैं और वे जिस घाट पर पहुंच जाएं वहीं स्नान करें। उन्होंने श्रद्धालुओं से अफवाहों से बचने की अपील की। उल्लेखनीय है कि मौनी अमावस्या से एक दिन पूर्व मंगलवार को रात आठ बजे तक 4.83 करोड़ लोगों ने स्नान किया, जबकि इससे पूर्व मकर संक्रांति पर 3.5 करोड़ और पौष पूर्णिमा पर 1.7 करोड़ लोगों ने संगम में डुबकी लगाई थी।

भीड़ कम होगी तो ही हम स्नान करेंगे- अखाड़ा परिषद के चीफ

महाकुंभ में बुधवार तड़के भगदड़ मचने की घटना के बाद अखाड़ा परिषद के प्रमुख महंत रवींद्र पुरी ने कहा कि संगम घाट पर ‘अत्यधिक भीड़भाड़’ के कारण स्थगित किए गए सभी अखाड़ों के पारंपरिक स्नान अनुष्ठान अब भीड़ का दबाव कम हो जाने के कारण संपन्न किए जाएंगे।

महंत रवींद्र पुरी ने कहा, ‘हम देख रहे हैं कि अब भीड़ कम हो रही है और हम मेला प्रशासन से बातचीत कर रहे हैं। अगर भीड़ कम हो रही है, तो हम स्नान करना चाहेंगे।’ उन्होंने कहा कि उन्होंने पहले कहा था कि ‘स्नान अनुष्ठान को संदर्भित किया गया है। यह दर्शाता है कि अखाड़ों का स्नान अनुष्ठान रद्द नहीं किया गया है जैसा कि पहले माना जाता था।’

भगदड़ पर पीएम मोदी ने जताया दुख

महाकुंभ में हुई भगदड़ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दुख जताया। पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट में लिखा, ‘प्रयागराज महाकुंभ में हुआ हादसा अत्यंत दुखद है। इसमें जिन श्रद्धालुओं ने अपने परिजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। इसके साथ ही मैं सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। स्थानीय प्रशासन पीड़ितों की हरसंभव मदद में जुटा हुआ है।  इस सिलसिले में मैंने मुख्यमंत्री योगी जी से बातचीत की है और मैं लगातार राज्य सरकार के संपर्क में हूं।’

महाकुंभ की घटना दु:खद, सांकेतिक स्नान किया: रामदेव

योग गुरु स्वामी रामदेव ने बुधवार को कहा कि मौनी अमावस्या महास्नान पर्व पर संगम तट पर हुआ हादसा दु:खद है और इसीलिये उन्होने आज सांकेतिक स्नान किया है। स्वामी रामदेव ने पत्रकारों से कहा “ हादसे में दिवंगत आत्माओं को मोझ और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना के साथ हमने आज इस पवित्र तीर्थ में स्नान किया है और कुंभ का पारमार्थिक अर्थ बहुत ऊंचा है। इसलिये आज हमने जूना पीठाधीश्वर के सानिध्य में सारे विश्व और राष्ट्र के कल्याण की कामना के साथ सांकेतिक रुप में स्नान किया है। जो कि आज बड़ी दुखद घटना हो गयी। इसलिये इसे महोत्सव का रुप नहीं दिया है बल्कि एक अनुष्ठान के रुप में संपन्न किया है।

मायावती ने जताया दुख

महाकुंभ मेले हुई भगदड़ पर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने दुःख जताया है। मायावती ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा- प्रयागराज की संगम स्थली पर, महाकुम्भ में हुई भगदड़ में, जिन भी श्रद्धालुओं ने अपनी जान गवाई है व घायल हुये है। यह घटना अति-दुःखद व चिन्तनीय। ऐसे समय में कुदरत पीडि़तों को इस दुःख को सहन करने की शक्ति दे, पार्टी की यही कामना।

पीएम मोदी ने मुख्यमंत्री आदित्यनाथ से की बात 

नई दिल्ली, 29 जनवरी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने महाकुंभ में भगदड़ जैसी घटना के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से फोन पर बात की और तत्काल सहायता उपाय करने को कहा। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि मोदी स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं और अब तक आदित्यनाथ से दो बार बात कर चुके हैं। एक अधिकारी ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी ने कुंभ मेले में स्थिति के बारे में योगी जी से बात की, घटनाक्रम की समीक्षा की और तत्काल सहायता उपाय करने को कहा।’’

संगम पर भारी भीड़ से अखाड़ों का अमृत स्नान रद्द 

महाकुंभनगर। महाकुंभ में मौनी अमावस्या स्नान पर्व के अवसर पर संगम तट के निकट भगदड़ मचने के बीच अखाड़ों का “अमृत स्नान” फिलहाल रद्द कर दिया गया है। अखिल भारतीय अखाडा परिषद और हरिद्वार स्थित मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत रविंद्र पुरी ने बताया कि जिस प्रकार से श्रद्धालुओं की भीड़ स्नान के लिए उमडी है और भगदड़ की घटना सामने आई है उससे अखाड़ों ने “अमृत स्नान” काे फिलहाल निरस्त कर दिया है। उन्होंने कहा कि अखाडों के वहां जाने से स्थिति और भी बिगड सकती है। उन्होंने बताया कि भगदड के कारण अमृत स्नान का कार्यक्रम फिलहाल रद्द कर दिया गया है।

Stay connected via Google News
Follow us for the latest updates.
Add as preferred source on Google

Hot this week

Uttarakhand में बदला मौसम का मिजाज, बारिश और तेज हवाओं से मिली गर्मी से राहत

एफएनएन, उत्तराखंड : Uttarakhand में पिछले दो दिनों से...

Chamoli में दर्दनाक सड़क हादसा : 500 मीटर गहरी खाई में गिरी कार, 3 की मौत, 3 घायल

एफएनएन, चमोली: Chamoli के चमोली जिले में शनिवार सुबह...

Topics

ऋषिकेश में दर्दनाक सड़क हादसा, अनियंत्रित ट्रक 20 मीटर नीचे गिरा, दो की मौत

एफएनएन, ऋषिकेश : Rishikesh Brahmanand तिराहे से आगे ब्रह्मानंद मोड़...
spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img