03
Gemini_Generated_Image_yb399pyb399pyb39
previous arrow
next arrow
Shadow

नवरात्रि से पहले पंडित धीरेन्द्र शास्त्री ने क्यों कही ये बात, 10वें दिन मुर्गा-मुर्गा’

Spread the love

एफएनएन, छतरपुर : बागेश्वर धाम के पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्रीने कहा “गरबा पंडालों में गरबा और डांडिया का चलन चरम पर है, लेकिन इसके नाम पर बढ़ती फूहड़ता और अशोभनीय पोशाकें दुर्भाग्यपूर्ण हैं. गरबा और डांडिया परंपरा का हिस्सा हैं, परंतु कम कपड़े पहनकर, गलत दृष्टिकोण से और केवल रील व फोटो के लिए खेलने वाले बेटा-बेटियों को देवी उपासना का पुण्य प्राप्त नहीं होता. गरबा अवश्य हो, लेकिन हमारी भारतीय परंपरा और मां दुर्गा की महिमा का मजाक न बने.”

गरबा पंडालों में फूहड़ता पर नाराज हुए बाबा बागेश्वर

उन्होंने आग्रह किया “गरबा पंडालों में केवल वही युवक-युवतियां प्रवेश पाएं, जिनकी पोशाकें पूरी हों. इससे पहले भी अपील की थी गरबा पंडाल के गेट पर आने वाले लोगों पर गौमूत्र के छिड़कना चाहिए और गैर हिंदुओं को नहीं आना चाहिए. इसके बाद कई पंडालों में बैनर लगाए गए. जब हम दूसरे मजहब के आयोजनों में शामिल नहीं होते, तो उन्हें भी हमारे धार्मिक उत्सवों में नहीं आना चाहिए. लेकिन जितना मजाक सनातन धर्मावलंबी स्वयं अपने धर्म का बनाते हैं, उतना अन्य मजहब के लोग भी नहीं बनाते. नवरात्रि में नौ दिन दुर्गा-दुर्गा करने वाले ही दसवें दिन दारू और मुर्गा करते हैं, यही सबसे बड़ी विडंबना है.”

सिद्धिदात्री माता की महिमा का वर्णन किया

सिद्धिदात्री माता को प्रसन्न करने का उपाय

बागेश्वर महाराज ने सिद्धिदात्री माता की महिमा सुनाते हुए कहा “भगवान शंकर ने भी इन्हीं की कृपा से सिद्धियों को प्राप्त किया था. केवल मानव ही नहीं बल्कि सिद्ध, गंधर्व, यक्ष, देवता और असुर सभी सिद्धियां प्राप्त करने इनकी आराधना करते हैं. संसार में सभी वस्तुओं को सहज और सुलभता से प्राप्त करने के लिए नवरात्र के नौवें दिन इनकी पूजा की जाती है. सिद्धिदात्री माता को प्रसन्न करने के लिए साधक को रात्रि में 108 लौंग की माला बनाकर देवी को अर्पित करते हुए लाल आसन में बैठकर बीज मंत्र का जाप करना चाहिए.”

पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा “इस देवी की कृपा से ही शिवजी का आधा शरीर देवी का हुआ था. इसी कारण शिव अर्द्धनारीश्वर नाम से प्रसिद्ध हुए. कलियुग में भी देवी के दर्शन हो सकते हैं, बशर्ते हम सपूत बनें. नवरात्रि में बेटियों को पूज कर कन्या भोज कराने का महत्व है. हम सबको कन्या भोज के बाद उन्हें दक्षिणा देते हुए उनकी सुरक्षा का संकल्प लेना चाहिए.”

देवी भजनों के साथ माता मंदिर पहुंचे बाबा बागेश्वर

बागेश्वर धाम में 64 खप्पर रखकर 9 दिन तक आराधना की जा रही थी. देवी भजनों के साथ 64 खप्परों को गांव के प्राचीन देवी मंदिर ले जाया गया, जहां उन्हें सम्मान के साथ रखा गया. इसके पूर्व बागेश्वर धाम में कन्याओं का पूजन करते हुए पं. शालिगराम गर्ग ने उन्हें दक्षिणा दी. कन्याओं के सिर पर खप्पर रखकर समूचे गांव में जवारे निकाले गए. लोगों ने अपने-अपने दरवाजों पर जवारों की पूजा की. ढोल-नगाड़े के साथ उत्साह से लोग पूरे गांव में घूमे. गांव के लोग भक्ति भाव के साथ माता रानी के भजन गाते चल रहे थे.

पूर्णाहुति के साथ शतचंडी महायज्ञ संपन्न

बागेश्वर धाम में 9 दिन तक शतचंडी महायज्ञ का आयोजन किया गया. भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने और समूचे विश्व का कल्याण करने के लिए आहुतियां दी गईं. मंगलवार को महायज्ञ में पूर्णाहुति दी गई. बनारस से आए विद्वान ब्राह्मणों ने विधि विधान से शतचंडी महायज्ञ संपन्न कराया. नवरात्रि के पहले दिन से ही सत चंडी महायज्ञ की शुरुआत हुई थी. सुबह यज्ञ, दोपहर में कथा और रात में रामलीला का मंचन किया गया.

Hot this week

TMU का बड़ा कदम, अब मुरादाबाद में भी होगी एनीमेशन में मास्टर डिग्री

शैक्षणिक सत्र 2026-27 से एमएससी-एनीमेशन शुरू, किसी भी स्ट्रीम...

Uttarakhand में अपर PCS के 63 पदों पर जल्द भर्ती, अक्टूबर में होगी प्रारंभिक परीक्षा

एफएनएन, देहरादून : Uttarakhand में सरकारी नौकरी की तैयारी...

Pakistan का अफगान सीमा पर बड़ा सैन्य अभियान, हवाई हमलों में 29 लोगों की मौत

एफएनएन, इस्लामाबाद : Pakistan ने रविवार को अफगानिस्तान से...

Topics

TMU का बड़ा कदम, अब मुरादाबाद में भी होगी एनीमेशन में मास्टर डिग्री

शैक्षणिक सत्र 2026-27 से एमएससी-एनीमेशन शुरू, किसी भी स्ट्रीम...

Faridabad Police मालखाने से 32 लाइसेंसी हथियार गायब, ASI सस्पेंड

एफएनएन, फरीदाबाद : Faridabad Police हरियाणा के फरीदाबाद जिले...
spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img