03
Gemini_Generated_Image_yb399pyb399pyb39
WhatsApp Image 2026-08-14 at 9.45.28 AM
previous arrow
next arrow
Shadow

Uttarakhand में आज से लागू हुआ अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम, मान्यता प्राप्त मदरसे ही होंगे संचालित

एफएनएन, देहरादून : Uttarakhand में 1 जुलाई से उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम प्रभावी हो गया है। इसके साथ ही मदरसा शिक्षा बोर्ड अधिनियम और गैर-सरकारी अरबी-फारसी मदरसा मान्यता नियम की अवधि समाप्त हो गई है। अब प्रदेश में केवल वही मदरसे संचालित किए जा सकेंगे, जिन्हें उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण से मान्यता प्राप्त होगी।

नई व्यवस्था लागू होने के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवा सदन में आयोजित कार्यक्रम में अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों को मान्यता प्रमाण पत्र वितरित करेंगे। सरकार का कहना है कि इस कदम से शिक्षा व्यवस्था अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और गुणवत्तापूर्ण बनेगी।

अधिनियम लागू होने के बाद मदरसों में दोहरी पाली में पढ़ाई कराई जाएगी। सुबह की पाली में हिंदी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान और कंप्यूटर जैसे आधुनिक विषय अनिवार्य रूप से पढ़ाए जाएंगे, जबकि शाम की पाली में धार्मिक शिक्षा के साथ संविधान, मानवाधिकार, राष्ट्रीय एकता और नैतिक मूल्यों की शिक्षा दी जाएगी।

नई व्यवस्था के तहत शिक्षा विभाग के निर्धारित मानकों को पूरा करने वाले मदरसों के विद्यार्थियों को राज्य शिक्षा बोर्ड का प्रमाणपत्र भी मिलेगा। वर्तमान में प्रदेश में करीब 452 मदरसे संचालित हैं, जिनमें लगभग 400 मदरसे कक्षा 1 से 8 तक और 55 मदरसे कक्षा 9 से 12 तक की शिक्षा प्रदान कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार ऐसी शिक्षा व्यवस्था विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है, जो आधुनिक, पारदर्शी, गुणवत्तापूर्ण और राष्ट्र निर्माण के मूल्यों पर आधारित हो। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रदेश के बच्चों को आधुनिक शिक्षा, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, कौशल और भारतीय जीवन मूल्यों से सशक्त बनाकर विकसित उत्तराखंड और विकसित भारत के निर्माण में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना है।

Hot this week

Topics

spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img