एफएनएन, देहरादून : Congress आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर उत्तराखंड कांग्रेस ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। कांग्रेस घोषणा पत्र समिति के अध्यक्ष और विधायक भुवन कापड़ी ने कहा कि पार्टी का आगामी चुनावी घोषणा पत्र जनता की आवाज और उनके सुझावों के आधार पर तैयार किया जाएगा। इसके लिए समिति जिला और विधानसभा स्तर पर जाकर समाज के अलग-अलग वर्गों से संवाद करेगी और उनकी समस्याओं व अपेक्षाओं को घोषणा पत्र में शामिल करने के लिए सुझाव जुटाएगी।
मंगलवार को कांग्रेस भवन में घोषणा पत्र समिति की पहली बैठक आयोजित की गई। बैठक में आगामी चुनाव के लिए घोषणा पत्र की प्रारंभिक रूपरेखा पर चर्चा की गई। बैठक के बाद प्रेसवार्ता में समिति के अध्यक्ष भुवन कापड़ी ने कहा कि उत्तराखंड के निर्माण और विकास में समाज के हर वर्ग की भागीदारी जरूरी है। इसी उद्देश्य से घोषणा पत्र तैयार करने की प्रक्रिया को जनता से जोड़ने का फैसला किया गया है।
हर वर्ग से लिए जाएंगे सुझाव
भुवन कापड़ी ने कहा कि कांग्रेस की समिति जिला और विधानसभा स्तर पर लोगों से संपर्क करेगी। इसमें युवा, महिलाएं, कर्मचारी, आशा कार्यकर्ता, छात्र, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, अल्पसंख्यक, पूर्व सैनिक, उद्यमी और व्यापारियों समेत समाज के सभी वर्गों से सुझाव लिए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस का घोषणा पत्र ऐसी सरकार के संकल्प को सामने रखेगा जो जनता द्वारा चुनी गई हो, जनता के लिए काम करे और जनता के प्रति जवाबदेह रहे।
कापड़ी के मुताबिक, घोषणा पत्र तैयार करने की प्रक्रिया जल्द शुरू कर दी जाएगी। विधानसभा चुनाव की अधिसूचना जारी होने के साथ ही कांग्रेस अपना चुनावी घोषणा पत्र जारी करेगी।
सरकारी स्कूल-कॉलेज और अस्पतालों को मजबूत करने का दावा
समिति के संयोजक डॉ. प्रेम बहुखंडी ने कहा कि नेहरूवादी समाजवाद और सार्वजनिक संस्थाओं की मजबूती कांग्रेस के घोषणा पत्र का प्रमुख आधार होगी।
उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस की सरकार बनती है तो सरकारी स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों को मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा। इसके साथ ही सरकारी अस्पतालों की स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार और पुरानी पेंशन व्यवस्था की वापसी का प्रयास करने की बात भी कही गई।
घोषणा पत्र प्रक्रिया को जन आंदोलन बनाने की तैयारी
समिति के सदस्य सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि उत्तराखंड राज्य के निर्माण के लिए हजारों लोगों ने आंदोलन किया था। उन्होंने कहा कि राज्य बनने के बाद भी आंदोलनकारियों और आम लोगों को अपनी मांगों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
धस्माना ने कहा कि कांग्रेस घोषणा पत्र तैयार करने की प्रक्रिया को केवल पार्टी की औपचारिक कवायद नहीं रखेगी, बल्कि इसे जन आंदोलन का स्वरूप देने का प्रयास किया जाएगा। उनका कहना है कि प्रदेश के लोगों की समस्याओं और सुझावों को सीधे घोषणा पत्र में जगह दी जाएगी।
बैठक और प्रेसवार्ता के दौरान घोषणा पत्र समिति की सदस्य सुजाता पॉल समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। कांग्रेस अब जिला और विधानसभा स्तर पर सुझाव जुटाने की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी में है। इसके जरिए पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव से पहले जनता से जुड़े मुद्दों को अपने चुनावी एजेंडे में शामिल करने की कोशिश करेगी।








