एफएनएन, देहरादून : Almora उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के रहने वाले रवि टम्टा इन दिनों अपनी तकनीकी पहल को लेकर सुर्खियों में हैं। फ्लाइंग कार का प्रोटोटाइप तैयार करने वाले रवि टम्टा के प्रोजेक्ट की सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चा हो रही है। अब उन्होंने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राम मोहन नायडू से मुलाकात कर अपने प्रोजेक्ट और भविष्य की योजनाओं को लेकर चर्चा की है।
रवि टम्टा HAPIDA SKYNEX के फाउंडर और सीईओ हैं। केंद्रीय मंत्री से मुलाकात के दौरान उन्होंने कंपनी के विजन और भारत में पर्सनल स्काई मोबिलिटी की संभावनाओं के बारे में जानकारी दी। इस दौरान हवाई परिवहन से जुड़ी नियामकीय मंजूरियों, तकनीकी परीक्षण और सुरक्षा मानकों को लेकर भी चर्चा हुई।
रवि टम्टा के मुताबिक, HAPIDA SKYNEX का उद्देश्य ऐसा फ्लाइंग व्हीकल विकसित करना है, जो भविष्य में व्यक्तिगत परिवहन को सड़क से आसमान तक ले जाने की दिशा में एक नई पहल साबित हो सके। कंपनी का दावा है कि वह इस तकनीक को भारत में विकसित करने और भविष्य में वैश्विक स्तर तक ले जाने की दिशा में काम कर रही है।
मुलाकात के दौरान प्रोजेक्ट से जुड़ी नियामकीय और तकनीकी प्रक्रियाओं पर भी बात हुई। रवि के अनुसार, अब कंपनी के सामने DGCA से आवश्यक मंजूरियां, तकनीकी टेस्टिंग, सुरक्षा मानकों का पालन और सर्टिफिकेशन जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रियाएं पूरी करने की चुनौती है। किसी भी नए प्रकार के हवाई वाहन को सार्वजनिक या व्यावसायिक इस्तेमाल तक पहुंचाने के लिए विमानन सुरक्षा और नियामकीय मानकों को पूरा करना जरूरी होगा।
केंद्रीय मंत्री के सकारात्मक रुख और प्रोत्साहन को लेकर रवि टम्टा ने खुशी जताई। उनका कहना है कि मुलाकात से उन्हें अपने प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने का उत्साह मिला है। साथ ही, तकनीकी विकास के साथ सुरक्षा और नियामकीय अनुपालन पर विशेष ध्यान देने की प्रेरणा भी मिली है।
पर्सनल स्काई मोबिलिटी को दुनियाभर में भविष्य के परिवहन के संभावित विकल्प के रूप में देखा जा रहा है। ऐसे में भारत में इस क्षेत्र में हो रहे तकनीकी प्रयासों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। HAPIDA SKYNEX भी इसी दिशा में अपनी तकनीक विकसित करने का दावा कर रही है।
रवि टम्टा का कहना है कि HAPIDA SKYNEX सिर्फ एक उड़ने वाला वाहन तैयार करने की कोशिश नहीं है, बल्कि भारत से दुनिया के लिए पर्सनल स्काई मोबिलिटी का भविष्य तैयार करने का प्रयास है। अब कंपनी का अगला लक्ष्य जरूरी तकनीकी टेस्टिंग, नियामकीय प्रक्रियाओं और सर्टिफिकेशन को पूरा कर प्रोजेक्ट को अगले चरण में ले जाना है।








