03
Gemini_Generated_Image_yb399pyb399pyb39
WhatsApp Image 2026-08-14 at 9.45.28 AM
previous arrow
next arrow
Shadow

उत्तराखंड @ 25 : विकास के रोडमैप पर आगे बढ़ेगी सरकार, प्रदेश में बनेंगे 15 नए शहर, जानिए ये फैसले

एफएनएन, देहरादून : सशक्त उत्तराखंड @ 25 के लिए राज्य सरकार विकास के नए रोडमैप पर आगे बढ़ेगी। मसूरी चिंतन शिविर में आए चर्चा में से चुने गए 25 प्रमुख सुझावों से तैयार रोडमैप को प्रदेश मंत्रिमंडल की सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई। इन सभी सुझावों पर अमल के लिए समय-सीमा भी तय कर दी गई है।

अब सीएम पुष्कर सिंह धामी की मंजूरी के बाद संबंधित विभाग अपने स्तर पर शासनादेश जारी करेंगे। अगले दो महीनों में सरकार सात नीतियां बनाएगी। ड्रोन स्कूल स्थापित होंगे। पर्वतारोहण की अनुमति के लिए सिंगल विंडो सिस्टम बनेगा।

  • उत्तराखंड में बनेंगे 15 नए शहर

राज्य में 15 स्थानों पर चरणबद्ध ढंग से नए शहर बनाए जाएंगे। आवास विभाग एक माह में ट्रांजेक्शन सलाहकार की तैनाती करेगा।

  • नीति आयोग की तर्ज थिंक टैंक बनेगा

नीति आयोग की तर्ज पर स्टेट इंस्टीट्यूट फॉर इंपावरिंग ट्रांसफॉर्मिंग उत्तराखंड (सेतु) का एक माह में गठन होगा।

  • निवेश और अवस्थापना विकास बोर्ड का गठन होगा

परिसंपत्तियों के मुद्रीकरण, पीपी परियोजनाओं के लिए अलग से उत्तराखंड निवेश एवं अवस्थापना विकास बोर्ड भी बनेगा। नियोजन विभाग एक माह में कार्रवाई करेगा।

  • तीन साल में 5000 हजार घर बनाए जाएंगे
मलिन बस्तियों की समस्या को कम करने के लिए राज्य सरकार किराया आधारित आवास मॉडल पर काम करेगी। शहरी विकास व आवास विभाग एक माह में प्रस्ताव पर मंजूरी कराएगा। तीन साल में सभी शहरों में कम से कम 500 ऐसे घर बनाने का लक्ष्य बनाया गया है।

  • बाढ़ रोकने के लिए छह माह में योजना बनेगी
नदियों के मार्ग बदलने से जलमग्न भूमि का प्लान बनाया जाएगा। सिंचाई विभाग को यह प्लान छह माह में तैयार करना होगा।
  • निकायों का प्रभार बीडीओ और एसडीएम को भी  
शहरी स्थानीय निकायों में कार्यों को प्रभावी और तेज गति से करने के लिए सरकार खंड विकास अधिकारियों और एसडीएम या अन्य सक्षम अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार देगी। शहरी विकास एक माह में शासनादेश जारी करेगा।
  • सीडीओ को शहरी क्षेत्रों की भी जिम्मेदारी
मुख्य विकास अधिकारी को पूरे जिले के विकास की जिम्मेदारी दी जाएगी। वह नगर निगमों को छोड़कर शहरों और गांवों के पर्यवेक्षक अधिकारी नामित कर सकेगा।  एक माह में इसका आदेश जारी होगा।
  • 2025 तक 25 फीसदी सड़कों का निर्माण ग्रीन तकनीक से
सरकार 2025 तक राज्य की 25 प्रतिशत सड़कों का निर्माण हरित प्रौद्योगिकी के साथ करेगी। सड़क बनाने के लिए उपयोग की जाने वाली पुनर्चक्रण (रिसाइकिल) योग्य निर्माण सामग्री का उपयोग होगा। इस पर एक माह में कार्रवाई होगी। 2025 तक प्रति 100 किमी पर एक ईवी चार्जिंग स्टेशन और 2030 तक 50 किमी पर एक ईवी चार्जिंग स्टेशन बनेगा। शहरी क्षेत्रों में साइकिल ट्रैक बनाए जाएंगे। शहरी विकास विभाग इसकी पहचान करेगा।
  • दो साल में दुर्घटना संभावित स्थानों में शत-प्रतिशत क्रैश बैरियर लगेंगे
परिवहन विभाग एक महीने में शून्य दुर्घटना विजन स्थापित करेगा। सभी मजिस्ट्रियल जांच रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड होंगी। दो महीने के भीतर सिफारिशों पर अमल होगा। तीन माह में सभी दुर्घटना संभावित स्थानों का क्रैश बैरियर के लिए पहचान होगी। दो साल में 100 प्रतिशत स्थानों पर क्रैश बैरियर लगाए जाएंगे।
  • परिवार रजिस्टर बनेगा
राज्य की डेटा प्रणाली को बेहतर बनाने के लिए एक परिवार रजिस्टर विकसित होगा। बेसलाइन आंकड़े राशन कार्ड से तैयार हो सकते हैं। एनआई की मदद से नियोजन विभाग तीन माह में इस पर अमल करेगा।
  • शिक्षकों की दक्षता बढ़ाने को लेंगे प्रतिष्ठित संस्थानों की मदद
शिक्षकों की गुणवत्ता और दक्षता बढ़ाने के लिए शिक्षा विभाग मास्टर ट्रेनर की व्यवस्था करेगा। भारतीय प्रबंधन संस्थानों, विदेशी विश्वविद्यालय के साथ एमओयू होंगे। शिक्षा विभाग इसका एक माह में आदेश जारी करेगा।
  • स्कूलों के पुस्तकालय बाहरी लोगों के लिए भी
अध्ययन की प्रवृत्ति को बढ़ावा देने के लिए स्कूलों में पुस्तकालयों को सर्वोत्तम तकनीक से लैस किया जाएगा। स्कूल खुलने के बाद पुस्तकालय बाहरी लोगों के लिए भी सुलभ होंगे। तीन माह में इसका प्रस्ताव तैयार कर आदेश जारी होगा।
  • तीन साल में सभी स्कूलों में फर्नीचर और लैब

सभी स्कूलों में मानकों के अनुरूप तीन साल में फर्नीचर, पुस्तकालय, लैब, स्मार्ट क्लास बना दी जाएगी। विभाग एक माह में प्लान बनाएगा। तीन साल में इसे लागू करेगा।

  • एक तरह के विभागों के बनेंगे संयुक्त कार्यदल

एक तरह के विभागों का एक संयुक्त कार्यदल बनेगा, ताकि कार्यों के प्रभावी एवं तेजी से कराया जा सके। मसलन, विद्यालयी शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, कौशल एवं रोजगार विभाग संयुक्त कार्यदल का जिलास्तर पर जिलाधिकारी बनाएंगे। इसी तरह कृषि, उद्यान, पशुपालन, दुग्ध, जलागम, वानिकी, मत्स्य, ग्राम्य विकास, सिंचाई व लघु सिंचाई का एक कार्यदल बनेगा। कार्यदल एक-दूसरे का मार्गदर्शन करेंगे।

  • मंडुवा व झिंगोरा के उत्पादन को बढ़ावा

पोषक तत्वों वाले मंडुवा और झिंगोरा जैसे कृषि उत्पादों को बढ़ावा दिया जाएगा। मिड-डे मील और आईसीडीएस मील में इन्हें शामिल किया जा सकता है। स्थानीय मोटे अनाज सहकारिता विभाग और मंडी परिषद से खरीदे जाएंगे। इसके लिए महीने की सीमा तय की गई है।

  • फल, फूलों का सेंटर ऑफ एक्सलेंस
उत्तराखंड में कम से दो स्थानों पर तीन माह में अच्छी क्वालिटी के फलों, सब्जियों और फूलों के संवर्द्धन के लिए सरकार एकीकृत उत्कृष्टता केंद्र (इंटीग्रेटेड सेंटर ऑफ एक्सलेंस) स्थापित करेगी।

  • भारतीय पर्वतारोहण फाउंडेशन के समन्वय से पर्वतारोहण की अनुमति के लिए सिंगल विंडो पोर्टल बनाने के लिए एक माह में कार्रवाई होगी।
  • होम स्टे के प्रचार, प्रमाणन स्टार रेटिंग और ब्रांड नाम विकसित करने के लिए तीन माह में एक निजी एग्रीगेटर तैनात होगा।
  • कौशल विभाग तीन माह में एक प्लेसमेंट एजेंसी के लिए अनुबंध या लाइसेंस लेगा।
  • शहर की सीमा के बाहर स्थित रिजार्ट्स व संबंधित सुविधाओं से संपत्ति कर की वसूली के लिए एक माह में दर और संग्रह प्रणाली विकसित होगी।
  • विभिन्न सेवाओं के लिए वसूले जा रहे यूजर चार्ज को वर्तमान महंगाई दर से जोड़ने का भी प्रस्ताव, फार्मूले के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया।
  • भूखंडों के उपयोग के लिए दो कमेटियां बनेंगी

भूमि की लोकेशन के हिसाब से उसका उचित उपयोग होगा। इसके लिए गोदामों, पशु चिकित्सालयों, मंडियों को बाहर शिफ्ट किया जा सकता है। इसके लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक अनुशंसा समिति बनेगी, जिसमें नियोजन, वित्त, मांग करने वाले विभाग के सचिव, स्वामित्व विभाग व राजस्व विभाग के सचिव सदस्य होंगे। दूसरी समिति मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाली होगी, जो अनुमोदन देगी।

  • जिला योजना के बजट का शत-प्रतिशत उपयोग

जिला योजनाओं का 31 दिसंबर तक बजट प्रस्ताव तय हो जाएगा। जनवरी से मार्च के बीच जिला योजना अनिवार्य रूप से प्रस्ताव मंजूर करेगी। अप्रैल व मई माह तक प्रस्ताव मंजूर न होने पर 10-10 बजट की कटौती हो जाएगी। मई तक मंजूर न होने पर मुख्यमंत्री मंजूरी दे सकेंगे। सुझाव पर एक माह में अमल होगा। पानी और कूड़ा उठान का बिल बिजली के बिल में जुड़कर आएगा।

  • एक माह के भीतर बनेंगी ये नीतियां
ई-कचरे के लिए ई-वेस्ट नीति, मेडिकल वेस्ट के जैव चिकित्सा अपशिष्ट नीति और डेटा सुरक्षा के लिए राज्य डेटा नीति बनेगी। प्रदेश में अच्छी गुणवत्ता के पौधों के लिए निजी नर्सरी को सरकार सब्सिडी देगी और खुद खरीदेगी। योग प्रशिक्षकों के प्रमाणन के लिए नीति बनेगी। उत्तराखंड में ड्रोन स्कूल खुलेंगे, बनेगी नीति

Hot this week

Gyanesh kumar के खिलाफ कांग्रेस के प्रदर्शन पर CM धामी का हमला

एफएनएन, हरिद्वार : Gyanesh kumar मुख्य चुनाव के खिलाफ...

Topics

Gyanesh kumar के खिलाफ कांग्रेस के प्रदर्शन पर CM धामी का हमला

एफएनएन, हरिद्वार : Gyanesh kumar मुख्य चुनाव के खिलाफ...

Seemapuri में अचानक भरभराकर गिरी पांच मंजिला इमारत

एफएनएन, नई दिल्ली : Seemapuri उत्तर-पूर्वी दिल्ली के सीमापुरी...
spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img