एफएनएन, देहरादून : Mahila Aarakshan को लेकर बुलाई गई विशेष विधानसभा बैठक शुरू होने से पहले ही माहौल गरमा गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सत्र की शुरुआत करते हुए कहा कि महिलाओं को उनका अधिकार जरूर मिलेगा और सरकार आधी आबादी को पूरा हक दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि मातृशक्ति को सशक्त बनाकर विकसित भारत के निर्माण में उनकी भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। महिला आरक्षण को लेकर यह विशेष सत्र राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है।
इसी बीच विधानसभा परिसर के बाहर बड़ा विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। वीरेन्द्र जाती ने किसानों के बकाये भुगतान को लेकर अनोखे तरीके से प्रदर्शन किया।
विधायक गन्ने से भरी ट्रॉली लेकर विधानसभा गेट पहुंचे और उसे वहीं पलट दिया। सड़क पर गन्ना फैलते ही कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मौके पर मौजूद पुलिस और प्रशासन ने तुरंत स्थिति को नियंत्रित किया।
यह विरोध प्रदर्शन उस समय हुआ जब अंदर उत्तराखंड विधानसभा में महिला सम्मान और राजनीतिक भागीदारी जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा की तैयारी चल रही थी।
कांग्रेस विधायक का कहना था कि जब तक किसानों का बकाया भुगतान नहीं होता, तब तक उनकी आवाज इसी तरह उठती रहेगी। इस घटना ने महिला आरक्षण के मुद्दे के साथ-साथ किसानों की समस्या को भी चर्चा के केंद्र में ला दिया है।





