03
Gemini_Generated_Image_yb399pyb399pyb39
previous arrow
next arrow
Shadow

आम जनता को फिर लग सकता है झटका, भवनों का किया जा रहा सर्वे, नए सर्किल रेट से देना होगा हाउस टैक्स

Spread the love

एफएनएन, मसूरी: उत्तराखंड शासन द्वारा नगर पालिका अधिनियम में संशोधन कर भवन कर निर्धारित करने को लेकर प्रदेश की 14 निकायों में ड्रोन सर्वे का कार्य किया जा रहा है, जिसके तहत मसूरी में ड्रोन सर्वे का कार्य पूरा हो चुका है. अब जमीनी स्तर पर सभी भवनों, प्राइवेट और कमर्शियल संपत्तियों का सर्वे का कार्य शुरू किया जाएगा.

मसूरी नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी राजेश नैथानी ने बताया कि नगर पालिका अधिनियम में संशोधन कर भवन कर निर्धारित किया जाना है, जिसका सर्वे ड्रोन और जमीनी स्तर पर किया जा रहा है. नये सर्किल रेट के अनुसार ओपन भूमि पर 5 प्रतिशत, डोमेस्टिक भूमि पर 25 प्रतिशत और कमर्शियल भूमि पर 5 प्रतिशत टैक्स लगाया जाना है, जिससे हर साल नगर पालिका की आय में वृद्धि होगी और लगभग 20 करोड़ रुपए प्राप्त होंगे. उन्होंने बताया कि वर्तमान में साढ़े छह हजार भवन नगर पालिका में पंजीकृत हैं, जिनसे कर लिया जाता है.

WhatsApp Image 2023-12-18 at 2.13.14 PM
IMG-20260328-WA0026
previous arrow
next arrow

राजेश नैथानी ने बताया कि ड्रोन सर्वे के बाद इसकी संख्या बढ़ जाएगी और अप्रैल 2025 से यह योजना लागू हो जाएगी. इस अभियान के पहले चरण में हायर रेजुलेशन सेटेलाइट मैप का क्रॉस वेरिफिकेशन ड्रोन के माध्यम से करवाया जाएगा, जिसकी मदद से मसूरी में महीन स्केल पर संपत्तियों का ब्यौरा निकाय के साथ-साथ शहरी विकास विभाग को भी मिल पाएगा. उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया के तहत कई नई जानकारियां विभाग को मिल रही हैं. उम्मीद है कि इस तरह के एसेसमेंट के बाद प्रॉपर्टी टैक्स में 30 से 40 फीसदी का इजाफा यानी सीधा-सीधा राजस्व का लाभ मसूरी नगर पालिका को मिलेगा.

राजेश नैथानी ने बताया कि नगर पालिका परिषद के क्षेत्र में आने वाले कई क्षेत्र जैसे मकरेती गांव और बासा घाट में पालिका द्वारा भवन कर नहीं लिया जाता था, लेकिन सर्वे का कार्य पूरा होने के बाद ऐसी सभी जगहों पर भवन कर लगने लगेगा. उन्होंने बताया कि शहरी विकास विभाग ने यह फैसला लिया है कि ड्रोन के माध्यम से पूरे निकाय में निगरानी की जाए. साथ ही इस सर्वे के माध्यम से निकाय को जानकारी मिलेगी कि कहां पर कितनी संपत्ति है. अवैध निर्माण और अवैध संपत्तियों की भी जानकारी निकाय को मिल पाएगी. इसके अलावा इस तरह सर्वे करके और भी कई सारी जानकारियां सरकार को मिल पाएंगी. यह प्रक्रिया एक व्यवस्थित विकास में भी सहयोगी साबित होगी.

Hot this week

Rudrapur में तराई विकास संघ चुनाव से पहले बवाल, डेलीगेट्स सूची पर उठा विवाद

एफएनएन, रुद्रपुर : Rudrapur में तराई विकास संघ के चुनाव...

दिनेशपुर में स्विमिंग पूल में नहाते समय युवक की संदिग्ध मौत

एफएनएन, रुद्रपुर : उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले के...

Topics

दिनेशपुर में स्विमिंग पूल में नहाते समय युवक की संदिग्ध मौत

एफएनएन, रुद्रपुर : उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले के...

Chakrata जा रहे पर्यटकों की कार 250 मीटर गहरी खाई में गिरी, दो की मौत, तीन गंभीर

एफएनएन, देहरादून : Chakrata उत्तराखंड के चकराता क्षेत्र में...

Rishikesh में बेटे ने मां को मारी गोली, घरेलू विवाद के बाद सनसनी

एफएनएन, ऋषिकेश : Rishikesh के आईडीपीएल चौकी क्षेत्र स्थित...
spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img