इस अवसर पर जितेन्द्र कमल आनंद,शिव कुमार चंदन , सोहन लाल भारती (तीनों रामपुर) विनय साग़र जायसवाल, हिमांशु श्रोतिए निष्पक्ष,कमल सक्सेना दीपक मुखर्जी, डॉ अखिलेश कुमार गुप्ता ( पांचों बरेली) को उनकी साहित्यिक उपलब्धियों के लिए सम्मानित भी किया गया।
गोष्ठी में बरेली कालेज के वाणिज्य विभाग में ही प्राध्यापक रहे प्रो.राज कुमार वार्ष्णेय को प्रथम प्रो. एन. एल.शर्मा स्मृति शिक्षा सम्मान भी प्रदान किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ माॅं शारदे के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। प्रथम सत्र में मंचासीन अतिथि कवियों ने लोकप्रिय कवयित्री एवं कई साल से विशेष बच्चों का पालन-शिक्षण केंद्र चला रहीं राजबाला धैर्य द्वारा संपादित 'विशिष्ट बचपन पत्रिका' के जनवरी-मार्च 2025 अंक का विमोचन किया।
काव्य गोष्ठी में डॉ. महेश मधुकर, रामकुमार कोली, रजत कुमार, गांधी मोहन सक्सेना, रामधनी निर्मल, रामकुमार भारद्वाज 'अफरोज़', डॉ. रामशंकर शर्मा 'प्रेमी', प्रताप मौर्य 'मृदुल', रीतेश साहनी, उपमेंद्र सक्सेना एवं श्रीमती नीरज और अन्य रससिद्ध कवियों ने अपनी यादगार-श्रेष्ठ कविताएं, गीत, छंद सुनाकर खूब वाहवाही तो बटोरी ही; कालजयी-महान कवि महाप्राण सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' को भावभरे, काव्यमय श्रद्धासुमन भी समर्पित किए। कवियों ने ऋतुराज वसन्त के स्वागत में भी अपनी एक से बढ़कर एक कविताएं प्रस्तुत कीं और समारोह को स्मरणीय बना दिया।