एफएनएन, रुद्रप्रयाग : Nagarasu रुद्रप्रयाग जिले के बदरीनाथ हाईवे स्थित नगरासू गुरुद्वारा विवाद में राहत भरी खबर सामने आई है। गुरुद्वारे की छत पर कई दिनों से डटे पांचों निहंग सिख अब नीचे उतरने को तैयार हो गए हैं। पंजाब से पहुंचे निहंग सिखों के एक प्रतिनिधिमंडल ने उनसे बातचीत की, जिसके बाद गतिरोध खत्म होने की दिशा में सकारात्मक पहल हुई।
स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए गुरुद्वारे के आसपास पुलिस और सुरक्षा बलों की तैनाती जारी है। प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति न उत्पन्न हो।
इस बीच कर्णप्रयाग निहंग सिख विवाद को लेकर दिल्ली सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी (DSGMC) के अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बताया कि कमेटी के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर 16 जून को कर्णप्रयाग में हुई घटना पर चर्चा की। उनके अनुसार सरकार और पुलिस प्रशासन मामले की गंभीरता से निगरानी कर रहे हैं तथा जांच के लिए समिति का गठन किया गया है।
गौरतलब है कि 20 जून को कुछ निहंग सिख नगरासू गुरुद्वारा पहुंचे थे, जहां विवाद और हंगामे के बाद वे गुरुद्वारे की छत पर चढ़ गए थे। पुलिस और प्रशासन की लगातार समझाइश के बाद कुछ लोग नीचे उतर आए थे, जबकि पांच निहंग सिख अब तक वहीं डटे हुए थे। पंजाब से आए प्रतिनिधिमंडल की पहल के बाद अब उनके भी नीचे आने पर सहमति बन गई है।
बताया जा रहा है कि यह पूरा विवाद 16 जून को कर्णप्रयाग में हुए झगड़े के बाद शुरू हुआ था। उस घटना में स्थानीय लोगों और निहंग सिखों के बीच विवाद बढ़कर हिंसक रूप ले बैठा था, जिसके बाद पुलिस ने कुछ लोगों को गिरफ्तार किया था। इसी मामले को लेकर नाराजगी जताते हुए नगरासू गुरुद्वारे में मौजूद निहंग सिखों ने विरोध प्रदर्शन किया था।
प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं और मामले के शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में लगातार प्रयास जारी हैं।






