03
Gemini_Generated_Image_yb399pyb399pyb39
previous arrow
next arrow
Shadow

पैतृक गांव में अपनों के बीच समय बिता रहे महेंद्र सिंह धोनी, माही को आज भी याद है 20 वर्ष पूर्व लबालब चलती नहर

Spread the love

एफएनएन, अल्मोड़ा : पहाड़ का पानी और पहाड़ की जवानी यहां के काम कम ही आता है। यह उदाहरण धोनी के पैतृक गांव में भी देखने को मिला। सुविधाओं के अभाव में गांव के युवा पलायन कर गए तो यहां की नहर भी सूख गई, लेकिन माही को आज भी 20 वर्ष पूर्व लबालब चलती नहर की याद है।

गांव पहुंचने पर पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी पुरानी यादें ताजा हो गई। खेती-बाड़ी कर आजीविका चलाने वाले परिवार से निकले पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को गांव में सिंचाई की नहर सूखी दिखाई दी। उन्होंने ग्रामीणों से पूछा कि इसमें पानी नहीं आता। दो दशक पूर्व जब धोनी गांव आए थे, तो नहर में पानी भरकर चलता था। नहर से ल्वाली के साथ ही बसगांव, मिरई, भाबू चार गांव लाभांवित होते थे, लेकिन अब यह नहर पिछले करीब छह वर्षों से सूखी पड़ी है।

गांव में नहीं है आजीविका का साधन

ग्रामीणों के अनुसार, गांव में आजीविका का कोई साधन नहीं है। अधिकतर लोग पलायन कर चुके हैं, जबकि बचे लोग एकमात्र काश्तकारी पर ही निर्भर हैं। ऐसे में नहर सूखने से दिक्कत बढ़ गई है। खेती भी प्रभावित है।

कॉटेज में ठहरे धोनी, साक्षी और जीवा

कुमाऊं भ्रमण पर पहुंचे भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी पहाड़ की शांत वादियों में आराम कर रहे हैं। अल्मोड़ा-देवीधुरा मार्ग पर शहरफाटक क्षेत्र के नाटाडोल गांव के कॉटेज में ठहरे माही बगीचे व जंगल में भ्रमण के साथ ही मंदिर में पूजा कर पहाड़ का आनंद ले रहे हैं। माही पत्नी साक्षी व बेटी संग मंगलवार को नैनीताल और बुधवार को अपने पैतृक गांव ल्वाली (जैंती) पहुंचे थे। बुधवार को ल्वाली से लौटने के बाद वह लमगड़ा ब्लाक के अंतर्गत नाटाडोल गांव के कॉटेज में आ गए।

जंगलों में घूमे धोनी

गुरुवार सुबह उन्होंने गुनगुनी धूप के बीच हिमालय की चोटियों का दीदार किया। सेब, नाशपाती, पुलम व खुबानी के बगीचे से घिरे एकांत कॉटेज में दिन भर आराम किया और दोपहर बाद निकल पड़े गांव के मध्य स्थित शैम देवता के मंदिर। यहां पूजा अर्चना के बाद जंगल भी घूमे।

सुविधाओं के लिए तरस रहा गांव

गांव में सड़क, खेल मैदान और अन्य सुविधाओं का अभाव है। नहर सूख गई है, माही को पूर्व में भरकर चलने वाली नहर की याद है। 

पास के गांव में खेल मैदान की घोषणा हुई थी। आज तक माही के गांव में खेल मैदान तो दूर सड़क सुविधा नहीं मिल सकी है। गांव की सुध लेने की जरूरत है।

Hot this week

Pakistan में दर्दनाक बस हादसा, खाई में गिरने से 40 लोगों की मौत

एफएनएन, इस्लामाबाद : Pakistan के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में...

Delhi-देहरादून एक्सप्रेसवे धंसने पर NHAI का बड़ा एक्शन, दो अधिकारी सस्पेंड

एफएनएन, मेरठ : Delhi-देहरादून एक्सप्रेसवे पर सड़क धंसने की...

rudrapur से उठी निवेश की नई उड़ान

IIA-UPSIDA उद्योग संवाद में यूपी-उत्तराखंड के औद्योगिक गठजोड़ पर...

Kedarnath Badrinath में चढ़ावे की निगरानी बढ़ी, बीकेटीसी ने जारी किए सख्त निर्देश

एफएनएन, देहरादून : Kedarnath Badrinath अयोध्या राम मंदिर में...

Topics

Pakistan में दर्दनाक बस हादसा, खाई में गिरने से 40 लोगों की मौत

एफएनएन, इस्लामाबाद : Pakistan के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में...

Delhi-देहरादून एक्सप्रेसवे धंसने पर NHAI का बड़ा एक्शन, दो अधिकारी सस्पेंड

एफएनएन, मेरठ : Delhi-देहरादून एक्सप्रेसवे पर सड़क धंसने की...

rudrapur से उठी निवेश की नई उड़ान

IIA-UPSIDA उद्योग संवाद में यूपी-उत्तराखंड के औद्योगिक गठजोड़ पर...

Kaladhungi के गेबुआ में डंपर-बाइक की भिड़ंत, युवक की मौत, महिला गंभीर घायल

एफएनएन, कालाढूंगी : Kaladhungi हल्द्वानी-रामनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर कालाढूंगी...

पूर्व पेप्सिको CEO इंदिरा नूई के भारत संबंधी बयान पर सोशल मीडिया में तीखी बहस

एफएनएन, नई दिल्ली : पेप्सिको की पूर्व सीईओ इंदिरा नूई...
spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img